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01 दिसंबर 2017

,एक तरफ टिम्बर व्यवसाय की एकजुटता ,,दूसरी तरफ अपने परिवार की एक जुटता ,,एकता ,,,और नेकी की परवरिश का उनका पैगाम सराहनीय भी

कोटा के टिम्बर व्यवसाय को एकजुटता देकर ,,सरकार से उनका हक़ दिलाकर ,,पृथक से टिम्बर लघु उद्योग क्षेत्र बनाने वाले ,,,भाई हसन अली के निधन के बाद ,,टिम्बर व्यवसायियों के विकास की नींव आहत हुई है ,,मशहूर समाजसेवक रहे ,,टिम्बर व्यवसायी ,,हसन अली ने अपने नेतृत्व के ज़रिये ,,व्यवसायियों को एक जुट कर ,,अलग अलग बार ,,,स्वतंत्र टिम्बर व्यवसाय के लिए ,,सरकार से रियायती दर भूखंड उलब्ध कराकर ,फर्नीचर व्यवसाय को आकाश किया है ,,,,एक तरफ टिम्बर व्यवसाय की एकजुटता ,,दूसरी तरफ अपने परिवार की एक जुटता ,,एकता ,,,और नेकी की परवरिश का उनका पैगाम सराहनीय भी ,,अनुकरणीय भी है ,,,जी हाँ दोस्तों में बात कर रहा हूँ ,,फर्नीचर व्यवसायी रहे ,,हसन अली ऐंड संस् ,,के संस्थापक ,,भाई हसन अली को ,,जो ज़िंदगी भर दुसरो को ,,खिदमत ऐ ख़ल्क़ ,,एक बनो ,,नेक बनो ,,का पैगाम देकर ,,पिछले दिनों क़रीब 85 साल की उम्र में ,,चेन की नींद सो गए ,,कुल्लू नफ़्सूं ज़ायकातुल ,,मौत ,,,हर इंसान को मौत का मज़ा चखना है ,,यह क़ुदरत का नियम है ,,लेकिन करनी ऐसी कर चलो ,के जग सारा रॉय ,,पैगाम ऐसा दे चलो ,,,जग सारा उस का अमलबरदार हो जाए ,,,हसन अली ,,एक छोटे से टिम्बर व्यवसायी थे ,,लेकिन उन्होंने अपनी महनत से कोटा में फर्नीचर व्यवसाय को नयी ,,उलपब्धियां ,,आधुनिकीकरण ,,का नया आयाम दिया ,,एक जुटता दी ,,कई लोगो को रोज़गार दिए ,,प्रतिस्पर्द्धा के माहौल में गुणवत्ता ,,स्वाभिमान ,,आत्मनिर्भरता उबलब्ध कराई ,,एक टीम भाव से सभी व्यवसायियों को एक जुट बनाये रखा ,,,दलित गरीब ,,पीड़ितों ,,शोषितो के हमदर्द के रूप में अपनी पहचान बनाने वाले हसन अली ने कोटा शहर क़ाज़ी के साथ मिलकर दीन और दीन से जुड़े लोगो की मदद की ,,,वक़्फ़ कमेटी कोटा की जायदाद को उन्होंने संरक्षित किया ,,संवारा ,,विकसित किया ,,,,विपत्ति के समय सभी को एक जुट कर आर्थिक और क़ानूनी तोर पर मददगार माहौल भी बनाया ,,,हसन अली समाज के पैरोकार ,, समाज के प्रति समर्पित होने के साथ साथ ,,पारिवारिक ज़िम्मेदारियों से सीधे जुड़े रहे ,उन्हें परिवार को एक बनो ,,नेक बनो की परवरिश दी ,,ऐसा बनने का माहौल दिया ,,सहूलियतें दी ,,पारिवारिक माहौल में ,,, प्यार ,,मोहब्बत के सिवा ,,तराज़ू की तरह तोल कर इंसाफ़ाना माहौल दिया ,,अल्लाह का शुक्र है ,,माशा अल्लाह सात लड़के ,,तीन बहने ,,लेकिन सातों भाई ,,उनकी पत्निया ,,,उनके बच्चे एक साथ ,,एक किचन ,,,आज के माहौल में अजीब सा लगता है ,,लेकिन मोहब्बत का यह पैगाम ,,एकजुटता का यह माहौल ,हसन भाई की नेक परवरिश के कारण ,, कोटा में ही नहीं ,,राजस्थान में ही नहीं ,,पुरे हिन्दुस्तान में एक रिसर्च का विषय है ,,एक ताज्जुब का विषय है ,,माशा अल्लाह सात भाई ,एक जैसा कारोबार ,,हिस्सा बटंवारा नहीं एक भवन में एक साथ रहकर ,,सभी को उनकी इच्छा के अनुसार ,,सहूलियते ,,आज़ादी ,,उनके निजता के अधिकार का संरक्षण ,,इस युग में मेंढक तोलने जैसा है ,,,लेकिन ,,हसन भाई ने ,,मोहब्बत ,,एक जुटता का यह करिश्मा अपने घर में कर दिखाया ,,माशा अल्लाह ,,,एक घर ,,एक बढ़ी किचन ,,,एक साथ खाने की परम्परा ,,,मोहब्बत का माहौल खुशनुमा लगता ,है ,फार्मूला साफ़ ,सभी भाई ,उनकी शरीक ऐ हयात की ज़रूरतों ,,उनकी खुशियों के मुताबिक़ अपने अलग अलग सेपरेट पोर्शन ,,अपने नक़्शे के हिसाब से बनाकर रह रहे है ,अचानक ज़रूरतों ,,बच्चो के टिफिन वगेरा की सहूलियत के लिए छोटी सी किचन ,,लेकिन खाना एक साथ ,,रमज़ान हो ,ईद हो ,,त्यौहार हो ,सभी हालातो में माशा अल्लाह सो से भी अधिक लोगो का यह परिवार एक साथ ,,एक जुट ,,मुस्कुराता ,,एक दूसरे के साथ खुशियां महकाता हुआ नज़र आता है ,,तो भाई हसन अली की परवरिश जीत जाती ,,है ,,आज के कलियुग का माहौल हारा हारा सा लगता है ,,कई टूटते बिखरते परिवार इस परिवार के इस उदाहरण से सीख लेकर ,एक जुट भी हुए है ,,,हसन अली अपने मोहब्बत ,,नेकी के पैगाम को समाज में बाँट कर ,,गहरी नींद में सो गये ,उनकी मोत से परिवार सदमे में है ,,अल्लाह उन्हें हिम्मत दे ,,सब्र दे ,,,एक और नेक बनाये रखे ,,हसन अली के निधन के बाद अब अघोषित रूप से ,परिवार की एकजुटता ,,परिवार को महकाये रखने की ज़िम्मेदारी उनके वली अहद ,,बढे पुत्र ,,हाजी अज़ीज़ अंसारी ,,पूर्व वक़्फ़ कमेटी सदर के ज़िम्मे आ गयी है ,,,अल्लाह अपने वालिद के एक जुट पेगाग बनाये रखने ,,इस पैगाम की खुशनुमा महक आम लोगो तक पहुंचाने का जज़्बा ,,भाई भाई अज़ीज़ अंसारी और उनके बाज़ू बने ,,,उनकी ताक़त बने उनके भाई भतीजो को फ़राहम करवाए ,,उनकी एक जुटता ,,उनकी नेकी ,,उनका एकता का यह उदाहरण ,,उनकी परवरिश एक ज़िम्मेदारी बनकर रहे ,,ऐसी ताक़त ,,ऐसा हौसला इन सभी भाइयो ,भतीजो ,,परिवार वालो को अल्लाह अता फरमाए ,,आमीन सुम्मा आमीन ,,,,हसन अली आज परिवार के बीच नहीं ,लेकिन उनके इस पैगाम को वोह उनकी याद ,,उनकी हिदायत के रूप में बरक़रार रखे ,ऐसी अल्लाह से दुआ है ,,इस परिवार को अल्लाह सब्र दे ,हिम्मत दे ,,ताक़त ,दे ,हौसला दे ,,,,,अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान

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