डेंगू ,,स्वाइन फ्लू ,,सहित कई जानलेवा बीमारियां कोटा के आम लोगो को लीर
रही है ,,किसी को लकवा हो रहा है ,,कोई मर रहा है ,किसी के घर उजड़ रहे है
,,,कोई चलने फिरने से मोहताज है ,,लेकिन ज़िलाप्रशासन निष्क्रिय है
,,प्रभारी मंत्री ,,स्थानीय विधायक ,,सांसद ,के सभी प्रयास विफल है ,,जयपुर
से हाई लेवल चिकित्सा कमेटी भी इस मामले में किसी तरह की जाँच सुझाव के
लिए नहीं आयी है ,,अफ़सोस तो यह है के अख़बार ,,इलेक्ट्रॉनिक मिडिया में रोज़
आधा दर्जन मरने वालों की खबर है ,,अस्पतालों में ,निजी अस्पतालों सरकारी
अस्पतालों में रिकॉर्ड है ,लेकिन सरकार है के मानती ही नहीं ,,ऐसी
बीमारियां जो नो फोगिंग की वजह से हो रही है ,,ऐसी बीमारियां जो सिर्फ और
सिर्फ गंदगी ,,सरकार ,,प्रशासन की लापरवाही से हो रही है ,,इनके खिलाफ
सरकार के अधिकारीयों ,,वरिष्ठ मंत्रियों ने भी कोई एक्शन नहीं लिया है
,,,सो मोटो जनहित याचिकाएं मानकर लोगो की जान बचाने के प्रयास में अदालतें
भी कुछ करने की स्थिति में नहीं है ,,मच्छर मुक्त ,,करने की याचिका देश के
सर्वोच्च न्यायलय ने पहले ही ख़ारिज कर दी है ,,क्या मलेरिया विभाग ,,क्या
चिकित्सा विभाग ,,जिला प्रशासन ,,नगर निगम ,न्यास ,,सफाई विभाग मिलकर अगर
अभियान चलाये ,,बीमारी पर अग्रिम रिसर्च करे ,,साफ़ सफाई करे ,,फोगिंग करवाए
,,ऐंटी लार्वा मलेरिया नियंत्रण दवाये भिजवाए ,,घर घर पहले जैसे ब्लड की
जांच करने आते थे ,,ऐसे सर्वे हो तो ,,बिमारियों का प्रतिशत खुद बी खुद
घटकर दस रह ,जाएगा ,,लेकिन रोज़ हो रही अकाल मौतें ,,वोह भी कोटा जैसे
आधुनिक ,,स्मार्ट सिटी ,हाड़ोती सम्भाग मुख्यमंत्री साहिबा के मुख्यालय के
क्षेत्र में जहां सो फीसदी निर्वाचित भाजपा है ,लेकिन एक भी मंत्री भाजपा
का नहीं है ,,ऐसे शिक्षा में अव्वल शहर में जहां लाखों छात्र छात्राये बाहर
से कोटा पढ़ने आ रहे है ,,रोज़ हो रही बेमौत मोतो से कोटा से पलायन करने लगे
है ,,उनके परिजन घबरा गए है ,,कोटा का शैक्षणिक वातावरण भी गड़बढ़ाने लगा
है ,,ऐसे में कोटा के चिंतको ,अख़बार ,,मिडिया ,,कांग्रेस ,,भाजपा ,,दूसरे
दलों से जुड़े लोग ,,साहित्यकार ,,बुद्धिजीवियों को एकत्रित होकर ,,,चिंतन
मंथन करके ,,कोटा को इस आपदा से बचाने के लिए केंद्र और राजस्थान सरकार पर
,,अतिरिक्त चिक्तिसा स्टाफ ,,फोगिंग मशीनों ,,ट्रेक्टरों का बजट ,,,मलेरिया
एंटी अभियान की सक्रियता ,,विश्व स्वास्थ्य संगठन के निर्देशों के अनुरूप
ऐसी महामारी जानलेवा बीमारियों के प्रकोप के हालातो में प्रशासन ,,सरकार को
अतिरिक्त बजट देकर जो सावधानियां बरतना चाहिए ,,बे मोत मरे लोगो के
परिजनों को जो सहायता ,,जो सुविधाएं ,,जो चिकित्सा परामर्श ,मुफ्त जांचे
,,मुफ्त दवाये देना चाहिए ,,उन पर दबाव बनाना चाहिए ,,,सियासत छोड़ो ,,सरकार
किसी की भी हो ,,इंसानो की जान की क़ीमत होती है ,,अब यह मत कहना के
कांग्रेस के वक़्त भी तो लोग मरते थे ,,,अब मर रहे है तो क्या ,,यह मत कहना
,,तुम कोंग्रेसी हो इसलिए ऐसा लिखा है ,,ज़रा गौर से हालात जानो ,अपने अपने
दिलों पर हाथ रखो ,मिडिया रिपोर्टों को खंगालो ,,सिर्फ एक दिन के लिए भक्त
गुलामी से मुक्त हो कर इंसानियत ,,मानवता के लिए सोचो ,,कोई निदान ,,कोई
सुझाव सोचो ,कोटा और कोटा में रोज़ हो रही बेमौत ,, अकाल मौतों को प्लीज़
बिना किसी सियासत के मिलजुल कर ,,सियासत ताक में रखकर ,,एक दूसरे की मदद
कर सरकार पर दबाव बनाकर ,,लोगो को बचा लो यार ,,प्लीज़ इस कोटा को बर्बाद
होने से बचा लो यार ,,इस कोटा को मुर्दो की बस्ती ,,बीमारों की बस्ती
,महामारी की बस्ती का खिताब मिले ,,इससे पहले इस कोटा कोटा के लोगों को
,,बीमारू कोटा की बदनामी से बचाकर फिर से स्वस्थ कोटा बना लो यार ,,,अख्तर
खान अकेला कोटा राजस्थान

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