हमें चाहने वाले मित्र

03 जुलाई 2017

मेरे दुश्मनो ,,

मेरे दुश्मनो ,,'
मुझे यूँ नीचा
दिखाने की
कोशिश में
वक़्त अपना
जाया न करो
तुम्हे पता तो है ,,
मेरे अपने ही बहुत है
मुझे यूँ ही बेवजह
नीचा दिखाने के लिए ,,अख्तर

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

दोस्तों, कुछ गिले-शिकवे और कुछ सुझाव भी देते जाओ. जनाब! मेरा यह ब्लॉग आप सभी भाईयों का अपना ब्लॉग है. इसमें आपका स्वागत है. इसकी गलतियों (दोषों व कमियों) को सुधारने के लिए मेहरबानी करके मुझे सुझाव दें. मैं आपका आभारी रहूँगा. अख्तर खान "अकेला" कोटा(राजस्थान)

Related Posts Plugin for WordPress, Blogger...