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09 जुलाई 2017

मुझ से प्यार हुआ

मेरे आस्तीन के
एक सांप को ,,
मुझ से प्यार हुआ ,,
वोह आस्तीन से निकला
दिल में जा बैठा ,,
मेने कहा यह दिल है
तुम्हारी जगह नहीं
दोस्तों का मुक़ाम है ,,
सांप हंसकर बोला
में दुश्मन ही सही
फिर भी
दोस्तों से बेहतर हूँ
मेने अपना ज़हर छोड़ दिया है
तुम्हारे दोस्तों का
दिया जो ज़हर
तुम्हारे दिल को खा रहा है
देखो वही ज़हर
अब में पी रहा हूँ
अरे में तो सांप हूँ
दुम्हारे दोस्त तो इंसान है
देख लो में उनका ज़हर पी रहा हूँ
उनका ज़हर मुझ खतरनाक है
देखो में काले से
नीला हो रहा हूँ ,,
में सांप ही सही
फिर भी
तुम्हारे दोस्तों ने जो ज़हर
तुम्हे मारने के लिए
तुम्हारे दिल में भरा है
उन दोस्तों से बचाने के लिए
में दुश्मन ही सही
फिर भी उनका ज़हर पी रहा हूँ ,,अख्तर

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