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21 मई 2017

भाजपा संविधान ,,

भाजपा संविधान ,,में गाँधीवादी दृष्टिकोण के लिए प्रतिबद्ध होना आवश्यक है और कुछ भाजपाई न समझ ,,उनके संविधान की भावना के विपरीत गांधीवाद को ही गरिया कर भाजपा के प्रति आस्था को हास्यास्पद बना रहे है ,,,,,शायद इसीलिए कहते है नादान की दोस्ती जी का जंजाल ,,,,,,,,अनुच्छेद IV: निष्ठायें हूबहू ,,
पार्टी राष्ट्रवाद और राष्ट्रीय एकात्मता, लोकतंत्र, 'सर्व धर्म समभाव' और मूल्य आधारित राजनीति है कि, सकारात्मक धर्मनिरपेक्षता, 'एक शोषण से मुक्त समतावादी समाज की स्थापना के लिए अग्रणी सामाजिक - आर्थिक मुद्दों के लिए गांधीवादी दृष्टिकोण' के लिए प्रतिबद्ध होना होगा। पार्टी के आर्थिक और राजनीतिक सत्ता के विकेन्द्रीकरण के लिए खड़ा है।

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