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29 अप्रैल 2017

आदरणीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ,,चहेते ,,भक्तो के प्रमुख भक्त ,,अन्ना हज़ारे

आदरणीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ,,चहेते ,,भक्तो के प्रमुख भक्त ,,अन्ना हज़ारे ,,को अब लोकपाल नज़र नहीं आता ,,मिडिया के लिए तो यह प्रश्न अब ,,पंद्रह लाख के जुमले की तरह सा हो गया है ,,क्योंकि रिश्वत में कोई राज्यसभा में है ,,किसी ने पद्मश्री ले लिया है ,,,कोई बेहिसाब छूट ले रहा है ,,कोई विज्ञापन तो कोई कुछ और ,,की अंडर दी टेबल पेडन्यूज के रोज़गार में लगा है ,,लेकिन ,,,देश में सर्वोच्च न्यायालय है ,,जिसे सरकार को ,,अन्ना के द्वारा प्रायोजित बनाई गयी इस सरकार को खूब लताड़ा है ,,सुप्रीम कोर्ट के आदेश का विश्लेषण किसी भी चैनल ने ,,डिबेट के रूप में करने का साहस नहीं किया है ,, इस मांमले में किसी भी चैनल ने ,,पत्रकार तो क्या पत्रकार के चमचे की भूमिका भी नहीं निभाई है ,,लोकपाल मामले में ,,सुप्रीमकोर्ट का आदेश अगर आप देखेंगे तो ,,लोकपाल का खौफ इस सरकार को क्यों खाये जा रहा है ,,और अन्ना जी किस तरह से खामोश है ,,सभी की पोल खुल जाएगी ,,एक केजरीवाल थे ,,जिन्होंने ,,दिल्ली सरकार में लोकपाल विधेयक बनाकर ,,विधानसभा में पारित करवाया ,,प्रतिपक्ष का नेता नहीं था फिर भी सत्तर विधानंसभा वाली दिल्ली में सिर्फ तीन सीटों वाली भाजपा का प्रतिपक्ष नेता बना दिया ,,और लोकपाल बना दिया वोह बात अलग है के अन्ना हज़ारे के प्रधानमंत्री ने दिल्ली के इस विधेयक को भी रुकवा दिए ,,भ्रस्टाचार के खिलाफ लड़ने निकले सिपाहियों को ही ,,अन्ना की मदद से मिडिया और उनके आदरणीय ने चोर बना दिया ,,उलटा चोर कोतवाल को मीडिया पर डांटते नज़र आने लगे ,,लेकिन दोस्तों वर्ष 2013 में कांग्रेस की सोनिया गाँधी ने जो लोकपाल विधेयक 2013 बनाकर लोकपाल बनाने का नियम बनाया था ,,उसके तहत ,,इस विधेयक ,,इस नियम को बनवाने वाले ,,अन्ना हज़ारे और उनके द्वारा प्रायोजित प्रधानमंत्री जी ने अब तक कोई लोकपाल नहीं बनाया ,,लोकपाल नियुक्ति पर ज़िद पर अड़े लोगो को कहा गया ,,प्रधानमंत्री ,चेयरमेन है ,,लेकिन प्रतिपक्ष का नेता भी सदस्य है ,,और प्रतिपक्ष का नेता लोकसभा में नहीं है इसलिए ,,लोकपाल नियुक्त नहीं करेंगे ,,अन्ना हज़ारे और उनके प्रायोजित प्रधानमंत्री में नैतिकता होती तो प्रतिपक्ष का नेता बना देते ,,लेकिन जानबूझ कर मामले को उलझाए रखा ,,आखरी मामला सुप्रीमकोर्ट में पहुंचा ,,मिडिया को रिश्वत मिलने पर उसकी चुप्पी थी ,,लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में अन्ना हज़ारे की प्रायोजित सरकार की बहानेबाज़ी ,,पर फटकार लगाई और सरकार को नंगा करते हुए ,,जनहित में बिना बहानेबाज़ी के शीघ्र ही लोकपाल नियुक्ति के निर्देश भी दिए ,,लोकपाल नियुक्ति क़ानून में तीन सालों से ,,अन्ना प्रायोजित सरकार की दलील ,,प्रतिपक्ष का नेता नहीं है इसलिए नियुक्ति नहीं हो सकती भी ठुकरा कर ,,इस सरकार को नंगा करते हुए बता दिया के कांग्रेस सरकार द्वारा बनाये गए नियम में ,,चारा चार में प्रतिपक्ष का नेता और अगर नेता नहीं है तो सबसे बढे संसदीय दल के नेता से परामर्श कर ,,लोकपाल नियुक्त किया जा सकेगा ,,लेकिन तीन वर्षो से आज तक ,,अन्ना हज़ारे की प्रायोजित सरकार ने न तो लोकपाल नियुक्त किया न ही ,,नेता प्रतिपक्ष बनाया ,,इतना ही नहीं नेता प्रतिपक्ष छोडो ,,लोकपाल नियम के तहत सबसे बढे दल कॉग्रेस से परामर्श कर ,,अभी तक ,,पुरे तीन साल निकलने पर भी ,,कोई लोकपाल नियुक्त नहीं किया है ,,मिडिया ने सुप्रीमकोर्ट के इस आदेश पर कोई खबर नहीं दिखाई ,,कोई डिबेट नहीं दिखाई ,,भाजपा और कांग्रेस के लोगो के साथ किसी पार्टी के नेताओं को बिठाकर इसका पोस्टमार्टम नहीं किया ,,बात बात पर केजरीवाल के खिलाफ अन्ना के पास जाकर बयान लेने वाले इस मिडिया ने ,,अन्ना से ,,अन्ना की प्रायोजित सरकार द्वारा अब तक लोकपाल नियुक्त नहीं करने ,,और भ्रष्टाचारियो पर शिकंजा नहीं कसने के बारे में कोई साक्षात्कार ,,कोई लाइव टेलीकास्ट नहीं किया ,,,अब तो ,,थू है ऐसी सरकार पर ,,थू है ऐसे प्रायोजित अन्ना जैसे लोगो पर ,,थू है ऐसे ,,भ्रष्ट मिडिया पर ,,जो सुप्रीमकोर्ट के आदेश के बाद भी ,,विधिक क़ानून होने के बाद भी ,,देश में भ्रष्ट लोगो के खिलाफ नकेल डालने वाले ,,लोकपाल की नियुक्ति नहीं करने पर चुप हिअ ,,आखिर लोकपाल की नियुक्ति रोक कर ,सरकार किस तरह के भ्र्ष्ट मंत्रियों ,अधिकारियो ,,उद्योगपतियों ,,पत्रकारों को बचाना चाहती है ,,वोह स्पष्ट तो करे ,,बाबा रामदेव जी कहाँ है ,,किस हालत में है ,,किरण बेदी ,,जनरल वी के सिंह ,अनुपम खेर जैसे लोग कहाँ है जो लोकपाल के लिए कांग्रेस शासन में चिल्ला रहे थे ,,और कांग्रेस ने तो लोकपाल बना दिया ,,,लेकिन लोकपाल नियुक्त नहीं करने वाली इस सरकार की गोद में बैठ कर सियासी पदों की रिश्वत के बदले ,,सभी लोग सरकार के तलवे चाट रहे है ,,,बात कड़वी ज़रूर है ,,लेकिन सच्ची भी है जनाब ,,,अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान

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