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17 दिसंबर 2016

अपने रिश्तो को

अपने रिश्तो को
फेवीक्विक से
जोड़ लो ,,,
ऐसे रिश्तो का
मज़ा ही ,,
कुछ और है ,
न सियासत
न हिमाक़त
बस
प्यार ही
प्यार है ,,अख्तर

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