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12 अक्तूबर 2016

अजीब हो तुम ,,

अजीब हो तुम ,,
दुखी होते है तो ,,
सहारा देकर ,,
हिम्मत देते हो ,,
खुश होते है तो ,,
बेसहारा करते हो
हिम्मत तोड़ कर
फिर दुखी करते हो ,,
खूब खिलाडी हो
हमसे खूब खेलते हो ,,,,अख्तर

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