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29 अगस्त 2016

माँ चर्मण्यवती ,,कही जाने वाली ,,,लोगो की आस्था की प्रतीक ,,लोगो के पाप धोते धोते गन्दी ,,बहुत गन्दी हो गयी है ,,हालात यह है के कोटा चम्बल की लोक कथाये भी इस गन्दगी गुम हो गयी है

माँ चर्मण्यवती ,,कही जाने वाली ,,,लोगो की आस्था की प्रतीक ,,लोगो के पाप धोते धोते गन्दी ,,बहुत गन्दी हो गयी है ,,हालात यह है के कोटा चम्बल की लोक कथाये भी इस गन्दगी गुम हो गयी है ,,चम्बल शुद्धिकरण के नाम पर ,,भ्रष्टाचार ,,महाभृष्टाचार तो कई दशको से चलता आया है ,,लेकिन राजनीती के नाम पर भी चम्बल उपेक्षा का शिकार है ,,,माँ चर्मण्यवती ,,जिसके आशीर्वाद से कोटा की सर ज़मी हरियाली से सजी है ,,यहां रोज़गार है ,,उद्योग है ,,पानी है ,,बिजली है ,,सब कुछ स्वर्ग का सुकून है ,,लेकिन चम्बल के बिगड़ते हालातो को सुधारने के लिए ,,समाजसेवक ,,चम्बल बचाओ संघर्ष समिति के संयोजक ,,राकेश शर्मा राकूं ने ऐतिहासिक आंदोलन छेड़ दिया है ,,चम्बल के शुद्धिकरण ,,चंबल के किनारो के दुरुस्तीकरण सहित कई मुद्दों पर ,,राकेश शर्मा लगभग दो दशक से आनोदलनरत है ,,चम्बल पर छोटी पुलिया का पुनर्निर्माण ,,स्नान घाट का व्यवस्थित निर्माण ,,कीचड़ और कुमुदनी की सफाई ,, माँ चर्मण्यवती को ओढ़नी उढाकर ,,सम्मान सहित कई महत्वपूर्ण कार्य राकेश शर्मा राकू के नेतृत्व करवाये गए है ,,,अब राकेश शर्मा पिछले साथ दिनों से यानी एक महीने से ,,,कोटा कलेक्ट्रेट परिसर के बाहर ,,चम्बल शुद्धिकरण की मांग को लेकर धरने पर है ,,धरना लगातार जारी है ,,लेकिन अफ़सोस मज़हब की सियासत करने वाले लोग ,,जनहित की बात करने वाले लोग ,,कोटा के स्वाभिमान की बात करने वाले लोग ,,अब तक जागरूक नहीं हो पाए है ,,प्रशासन और सरकार के कान पर तो जूँ भी नहीं रेंगी है ,,लेकिन इससे भी अफ़सोस की बात यह है के इस चम्बल को बचाने की बात करने वाले ,,भाई राकेश शर्मा जो कोंग्रेस के वरिष्ठ नेता ,,ब्लॉक अध्यक्ष भी है ,,उनके समर्थन में कोंग्रेस खुल सामने नहीं आयी है ,,एक बार पूर्व मंत्री भरत सिंह आये ,, एक बार कोटा शहर अध्यक्ष गोविन्द शर्मा आये ,,बस दूसरे निजी साथी आते गए ,,,,लेकिन वरिष्ठ कोंग्रेसी ,,पूर्व सांसद ,,विधायक ,,पूर्वमंत्री ,,प्रदेश के पदाधिकारी कोई भी तो उनके इस आंदोलन को समर्थन देने धरना स्थल पर नहीं पहुंचा ,,लेकिन अपनी हर लड़ाई ,,अपने बल बूते पर लड़ कर जीतने वाले ,,राकेश शर्मा राकू के चेहरे पर शिकन भी नहीं है वोह रोज़ नियमित पूजा के साथ धरने की शुरुआत करते है ,,ज़िंदाबाद मुर्दाबाद करते है ,,अफसरों और प्रभारी मंत्री सत्तापक्ष के लोगो को काले झंडे दिखाते है ,,ज्ञापन देते है ,,वार्ता करते है ,,लेकिन नतीजे के नाम पर ज़ीरो होने से वोह अपने धरने से टस से मस नहीं है ,,,आज धरनास्थल पर ,,प्रदेश कोंग्रेस कमेटी के सामाजिक न्याय अधिकारिता विभाग के प्रदेश अध्यक्ष क्रांतीतिवारी ने उनके इस धरने को खुला समर्थन दिया जबकि अल्पसंख्यक विभाग प्रदेश कोंग्रेस कमेटी कोटा संभाग के चेयरमेन ऐडवोकेट अख्तर खान अकेला ,,महासचिव तबरेज़ पठान ,,वरिष्ठ उपाध्यक्ष पूर्व प्रधान रईस खान ,,,समाज सेवी बाबा रज़ाक ,,रशीद क़ादरी सहित कई साथियों ने उन्हें समर्थन दिया ,,,चम्बल जो गंगा में शामिल होकर विलीन हो जाती है ,,इसीलिए गंगा शुद्धिकरण योजना के तहत इसके शुद्धिकरण के लिए करोडो का बजट खर्च किया जा चूका है ,,,बावन बढे और इतने ही छोटे नाले चम्बल के दोनों तरफ बसी बस्तियों से भारी गन्दगी के साथ पानी में गंदगी शामिल कर रहे है ,,प्रोजेक्ट बन रहे है ,,अख़बार में खबरे छप रही है ,,लेकिन भौतिक सत्यापन में सब तमाशा ही नज़र आ रहा है ,,,करोडो करोड़ आखिर कहाँ जाते है ,,किसी को पता भी नहीं है ,,बस इसीलिए राकेश शर्मा मिडिया की इस उदासीनता पर भी अपनी नाराज़गी जताते है ,,,कोटा चम्बल जो कार्तीक स्नान के लिए पवित्र नदी है ,,यहां कई लोग हरिद्वार सा पूण्य करते है ,,यहां चम्बल में सभी लोग अपने पाप धोकर पूण्य कमाते है ,,,इस चम्बल की यह दुर्दशा राकेश राकेश शर्मा से देखी नहीं जाती और कई सालों से नयापुरा आदर्श होली के ख्यातनाम समाजसेवी होने के कारण इन्होंने चम्बल शुद्धिकरण के मामले में आर पार की लड़ाई का मन पक्का कर लिया है ,,इन्हें प्रलोभन झूंठे आश्वासन भी मिल रहे है ,,लेकिन बिना किसी ठोस पहल के अब ,,राकेश शर्मा धरना खत्म नहीं करना चाहते ,,,चम्बल का पानी आज इंसानो के पीने योग्य तो क्या ,,जानवरो के पीने ,,खेती करने ,,यहां तक के कपड़े धोने तक के मामले में वैज्ञानिक तोर पर शुद्ध नहीं रहा ,,यह चम्बल जिसके बारे में कहा जाता है के ,,मेनका उर्वर्शी जिन्होंने ऋषि को बहका कर उनकी तपस्या भंग की थी ,,तब उनके श्राप से वह सुखी नदी यानी अंदर ज़मीन में बहने वाली नदी बनी थी ,,लेकिन उनके माफ़ी मांगने के बाद उन्हें ऐसी नदी का वरदान मिला जिसमे वोह जहां से बहकर निकलेगी वहां हरियाली और खुशहाली होगी ,,ऐसी पौराणिक गाथा ,,ऐसी पाप धोने वाली महज़बी आस्थाओ की इस नदी को बचाने के लिए राकेश शर्मा के साथ यूँ तो खेड़ली फाटक के सलीम खान,,रणवीर सिंह झाला ,, सहित सेकड़ो लोग है ,,लेकिन नहीं है तो आस्था की राजनीति करने वाले लोग ,,उनकी अपनी पार्टी के पदाधिकारी ,,पूर्वमंत्री ,,लेकिन फिर भी राकेश शर्मा तो राकेश शर्मा है वोह आगामी सात सितम्बर को एक बढ़ा ऐतिहासिक कार्यक्रम ,,एतिशसिक आंदोलन करने का मन बना चुके है जिसे भारी समर्थन भी मिल रहा है ,,,,,,,,इसलिए कहते है चम्बल बचाओ संघर्ष समिति ,,चम्बल बचाओ आंदोलन के प्रमुख राकेश शर्मा ज़िंदाबाद थे ,,ज़िंदाबाद है और रहेंगे ,,,,,,,,,,,,अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान

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