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26 अगस्त 2016

एकदम ताजा ताजा-कविता .

एकदम ताजा ताजा-कविता ...
भारत में, तथ्यों की हंसी, उड़ाएंगे उल्लू के पट्ठे !
बिना पढ़े सबको इतिहास पढ़ाएंगे उल्लू के पट्ठे !
निपट झूठ को आसानी से, सत्य बनाए चुटकी में
निराधार को बार बार दोहराएंगे, उल्लू के पट्ठे !
नेताजी के पास खड़े हो पूंछ हिलाएं जोरजोर से
गंगू तेली को ही भोज बताएँगे, उल्लू के पट्ठे !
चमचे लेकर,क्रीम लगाए, खादी पहने आएंगे !
बड़े देर तक ताली खूब बजायेंगे, उल्लू के पट्ठे !
विश्वभ्रमण,धन खूब मिलेगा, पूँछ उठाये घूमेंगे ,
देशभक्ति का बोर्ड लगाए रहते हैं, उल्लू के पट्ठे !
-सतीश सक्सेना Satish Saxena

2 टिप्‍पणियां:

  1. आपकी लिखी रचना "पांच लिंकों का आनन्द में" सोमवार 29 अगस्त 2016 को लिंक की गई है.... http://halchalwith5links.blogspot.in पर आप भी आइएगा....धन्यवाद!

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  2. जय हो जय हो के गीत गायेंगे उल्लू के पट्ठे
    एक ही रंग के झंडे लहरायेंगे उल्लू के पट्ठे
    हा हा ।

    उत्तर देंहटाएं

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