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14 जून 2016

एक कड़वा सच

एक बार एक शिकारी जंगल से एक तीतर पकड़ कर लाता है उसे अपने घर पर अलग पिंजड़े में रखता है और खूब काजू किशमिश बादाम खिलाता है और जब तीतर बड़ा हो जाता है तो उसे पिंजड़े के साथ ही लेकर जंगल जाता है वहां जाल बिछाता है और तीतर को वही पिंजड़े में रखकर खुद झाडी के पीछे छिप जाता है और तीतर से बोलता है बोल बेटा तीतर अपने मालिक के आवाज़ को सुनकर जोर जोर से चिल्लाता है उसकी आवाज़ को सुनकर जंगल के सारे तीतर ये सोचकर की ये अपने कौम का है जरूर किसी परेशानी में है चलो मदद करते हैं खींचे चले आते हैं और शिकारी के बिछाये हुए जाल में फंस जाते हैं फिर शिकारी मुस्कुराते हुए आता है पालतू तीतर को अलग और वो सारे तीतरों को अलग झोले में रखकर घर लाता है फिर अपने पालतू तीतर के सामने ही पकडे गए सारे तीतरों को एक- एक कर काटता है मगर पालतू तीतर उफ़ तक नही करता कैसे करता उसे अपने हिस्से का खुराक काजू किशमिश बादाम जो मिल रहा था।
कमोबेश यही हालात आज के मुसलमानों की भी हो गयी है।
शिकारी(सपा,बसपा,कांग्रेस,बीजेपी)ने ऐसे ना जाने कितने तीतर पाल रखें हैं जो अपने कौम को कटता तो देखतें हैं मगर उफ़ तक नही करते।हमें इनसे सावधान रहने की जरूरत है ।,,,,,एक कड़वा सच शिक्षक संघ नेता अमीन कायमखानी की फेसबुक वाल से ,,,अख्तर

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