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10 मई 2016

अपने ही शोरूम में 12 करोड़ की लूट: 10 दिन बाद ओनर अरेस्ट, ऐसे रचा था ड्रामा



अपने ही शोरूम में 12 करोड़ की लूट: 10 दिन बाद ओनर अरेस्ट, ऐसे रचा था ड्रामा
चंडीगढ़.यहां के सेक्टर-17 की एक ज्वैलरी शॉप में दो शख्स एक महिला के साथ घुसते हैं। तीनों गन प्वाइंट पर शोरूम के दो मालिकों को बंधक बनाते हैं। महज 18 मिनट में 12 करोड़ की लूट करके चले जाते हैं। सात दिन बाद जब लूट का खुलासा होता है तो पता चलता है कि इसका मास्टरमाइंड शो रूम का मालिक ही था। उसने ये साजिश एक पंजाबी फिल्म देखकर रची थी। वारदात के 10 दिन बाद पुलिस ने मंगलवार को शोरूम मालिक विनोद को हॉस्पिटल से अरेस्ट कर लिया। अब तक विनोद से पूछताछ की जा रही थी। खुलासा होने के बाद बीमार और फरार होने लगे आरोपी...
कब हुई ये वारदात?

- वारदात 1 मई की है। अंगूठी देखने के बहाने लुटेरे फॉरएवर डायमंड्स ज्वैलरी शोरूम में दोपहर 12:08 मिनट पर शोरूम में घुसे और 12:26 मिनट पर लूट कर आराम से निकल गए।
- उन्होंने 12 करोड़ के हीरे और 9 लाख रुपए कैश लूटा था।
- शोरूम के मालिक विनोद वर्मा ने उसी दिन सेक्टर-17 थाने में जाकर रिपोर्ट दर्ज कराई।
शोरूम मालिक ही निकले मास्टरमाइंड
- पुलिस के मुताबिक, लूट के मास्टरमाइंड शोरूम के मालिक विनोद वर्मा और उसका भाई रजनीश ही थे।
- ये पूरी साजिश इन्श्योरेंस के रुपए हड़पने के लिए रची गई थी।
- दोनों भाई किराए के शोरूम का केस हार गए थे।
- शोरूम इसी महीने खाली करना था। 10 करोड़ की इन्श्योरेंस करवाई थी, जिसे हड़पने के लिए ड्रामा रचा।
10 स्टेप में नकली लूट की पूरी कहानी
1#शाेरूम इम्प्लॉइज को प्लान में शामिल किया।
2#विनोद और रजनीश जहां इस लूट के असल किरदार थे, वहीं शोरूम के मैनेजर अजय और कर्मी चारु को इसकी पूरी जानकारी थी।
3#लूट से दो दिन पहले यानि 29 अप्रैल को शोरूम मालिक ने सारी डायमंड ज्वैलरी दूसरी जगह शिफ्ट कर दी थी।
4#लूट से एक दिन पहले उसने अपने कम्प्यूटर फॉर्मेट कराए। 30 अप्रैल को सीसीटीवी का डीवीडी रिकॉर्डर निकाल लिया।
5#1 मई की दोपहर अपने दो परिचितों और उनकी महिला साथी को विनोद वर्मा खुद कार में बिठाकर लाया और अपने शोरूम से कुछ दूरी पर ब्रिज मार्केट के पास उतार दिया।
6#तय प्लानिंग के तहत तीनों लुटेरे पैदल शोरूम तक पहुंचे। दोपहर 12:08 मिनट पर शोरूम में घुसे। झूठी लूट को अंजाम देकर 12:26 मिनट पर निकल गए।
7#लूट के बाद विनोद ने सीसीटीवी का डीवीडी रिकॉर्डर काट दिया, क्योंकि नकली लुटेरों के चेहरे उसमें कैद हो चुके थे।
8#विनोद ने नकली लुटेरों को खुद कार में बैठाकर बस अड्‌डे पर छोड़ा और फिर सेक्टर-17 थाने में जाकर लूट का शोर मचाया। ​
9#विनोद ने पुलिस को बताया था कि लुटेरों में से एक 30 अप्रैल की शाम रेकी करके गया था। हकीकत यह है कि न कोई लुटेरा आया था, न कोई रेकी की गई थी।
10#1 मई को लूट का ड्रामा हुआ, लेकिन उससे दो दिन पहले ही रजनीश शोरूम से सारे गहने और डायमंड्स उठाकर ले गया था।
कैसे हुआ खुलासा?

- लूट के एक दिन बाद यानी 2 मई को विनोद ने सिद्धार्थ ज्वैलर्स से 2.58 करोड़ का फर्जी बिल बनवाया। 14 अप्रैल की डेट पर बने इस बिल को इंश्योरेंस एजेंसीज को दिखाकर वो इन्श्योरेंस के पैसे हथियाना चाहता था।
- पुलिस को इसी से शक हुआ। सिद्धार्थ ज्वैलर्स के मालिक से पुलिस ने सच उगलवाया।
- इसके बाद मालिकों विनोद, रजनीश और उनके शोरूम में काम करने वालों से पूछताछ की तो पूरी सच्चाई सामने आ गई।
- चारु और अजय ने भी सच उगल दिया।
खुलासे के बाद एक ने जहर खाया

- शनिवार देर रात पुलिस ने दोनों भाइयों के खिलाफ धोखाधड़ी, सबूत मिटाने और साजिश रचने का केस दर्ज कर लिया।
- केस दर्ज होते ही दोनों भाई बीमारी का बहाना बनाकर हॉस्पिटल में भर्ती हो गए।
- असल में रजनीश ने कुत्ते को दी जाने वाली जहरीली दवा खा ली।
- रविवार को रजनीश हॉस्पिटल से फरार हो गया और पुलिस काे पता तक नहीं लग सका।
- दूसरा भाई विनोद भी अस्पताल में भर्ती था। गिरफ्तारी से बचने के लिए उसने पूरी कोशिश। लेकिन, मंगलवार को उसे अरेस्ट कर लिया गया।
- विनोद से पुलिस ने लूट को अंजाम देने वालों के नाम और ठिकाने भी पता कर लिए हैं। जल्द ही उनकी भी गिरफ्तारी हो सकती है।
- हालांकि, विनोद का कहना है कि पुलिस न्हें फंसा रही है। अगर उसे ऐसा करना होता तो वो पहले ही कर सकता था।

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