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08 अप्रैल 2016

पाक और चीन पर नजर रखने के लिए भारत US से खरीदेगा ये स्पेशल ड्रोन



यूएस डिफेंस सेक्रेटरी ऐश कार्टर 10-12 अप्रैल तक भारत के दौर पर रहेंगे। इस दौरान इसे लेकर बातचीत हो सकती है।
यूएस डिफेंस सेक्रेटरी ऐश कार्टर 10-12 अप्रैल तक भारत के दौर पर रहेंगे। इस दौरान इसे लेकर बातचीत हो सकती है।
नई दिल्ली. पाकिस्तान और चीन पर नजर रखने के लिए भारत यूएस से 40 प्रीडेटर ड्रोन खरीदेगा। इसके लिए दोनों के देशों के बीच बातचीत भी शुरू हो गई है। ये ड्रोन चीन और पाकिस्तान से सटी सीमाओं पर घुसपैठ को रोकने और हिंद महासागर में चौकसी के लिए काफी अहम होंगे। बता दें कि यूएस के डिफेंस सेक्रेटरी एश कार्टर 10 अप्रैल को भारत आ रहे हैं। ऐसा कहा जा रहा है कि ड्रोन की डील को लेकर प्रपोजल दिया जा सकता है। इंडियन नेवी और आर्मी के लिए बेहद अहम होंगे ये ड्रोन...

- मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, इंडियन नेवी को हिंद महासागर में निगरानी के लिए इनकी जरुरत है।
- इंडियन एयर फोर्स ने वॉशिगंटन से 100 ऑर्म्ड प्रीडेटर सी एवेंजर एयरक्रॉफ्ट देने के लिए कहा था। बता दें कि यूएस इन एयरक्रॉफ्ट का इस्तेमाल नॉर्थवेस्ट पाकिस्तान और अफगानिस्तान के आसपास आतंकवादियों पर नजर रखने के लिए करता है।
- इंडियन आर्मी अफसरों का कहना है-" वे उम्मीद कर रहे हैं कि एश कॉर्टर और मनोहर पर्रिकर इस ऑर्म्ड एयरक्रॉफ्ट की डील को लेकर बातचीत करेंगे ।"
- लेकिन अफसरों के मुताबिक, यह डील होने के पहले यूएस को 234 देशों के मिसाइल टेक्नोलॉजी रिजीम ग्रुप और यूएस कांग्रेस से परमिशन लेनी होगी।
पाकिस्तान कर सकता है विरोध

- पाकिस्तान के सिक्युरिटी एनालिस्ट एजाज हैदर के मुताबिक, इस्लामाबाद इस ड्रोन डील का विरोध कर सकता है।
- लेकिन वे इनकी इफेक्टिवनेस पर सवाल भी उठाते हैं। वे कहते हैं कि यदि ये ड्रोन पाक सीमा में एंट्री करेंगे तो उन्हें गिरा दिया जाएगा। ऐसा यूएस ड्रोन के साथ नहीं होता है।

क्या है प्रीडेटर सी एवेंजर्स?

- बेहद एडवान्स्ड टेक्नीक वाले ये ड्रोन्स मीडियम से हाई एल्टीट्यूड (50 हजार फीट की हाइट) पर जाने में कैपेबल है। इससे लंबे इलाके में निगरानी की जा सकती है।
- तय वक्त में जमीन और समंदर दोनों में मिलिट्री मिशन को अंजाम दे सकता है।
- इसका जेट इंजन इकोनॉमी और पोटेंशियलटी के लिहाज से परफेक्ट बनाया गया है।
- ये 1587 किलो हथियार ले जाने में सक्षम है। ये 18 घंटे तक उड़ान भर सकता है। 2016 में आने वाला आरपीए का एडवान्स्ड वर्जन 35 घंटे उड़ सकेगा।

पिछले साल 360 बार घुसपैठ की कोशिश कर चुका है चीन

- चीन ने 2015 में लद्दाख में 360 बार घुसपैठ की। एलएसी (लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल) पर चीन लगातार घुसपैठ की कोशिश करता रहा है।
- चीन की सेना ने पिछले तीन साल में एलएसी पर 1100 से अधिक बार घुसपैठ की कोशिश की है।
- 2015 में भारत और चीन की सेनाएं 150 बार आमने-सामने हुईं।
- वहीं, एलओसी पर भी घुसपैठ की खबरें आती रही हैं।

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