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20 अप्रैल 2016

हिम्मत ऐ मर्दा ,,मदद ऐ खुदा

कोई शख्स जिसमे हिम्मत हो ,,कोई शख्स जिसमे हिम्मत के साथ,,,, सिंह ,,,यानि ,,,शेर ,,,जुड़ा हुआ हो ,,और वह,,, हिम्मत सिंह ,,,हो जाए तो सच ऐसी शख्सियत के लिए ,,एक कहावत ,,हिम्मत ऐ मर्दा ,,मदद ऐ खुदा ,,वाली सही और सच साबित होती है ,,,जी हाँ दोस्तों में बात कर रहा हूँ ,,मेरे छोटे भाई ,,बना हिम्म्त सिंह की ,,जिनके व्यवहार ,,जिनकी मृदुल भाषा ,,जिनके समर्पण ,,जिनके सेवाभाव से जो उनसे मिला वह उन्ही का होकर रह गया है ,,भाई हिम्मत सिंह ,,ज़ात ,,पात ,,धर्म ,,सम्प्रदाय ,,समाजो से ऊपर उठकर ,,सेवा भावी कार्यो का अनूठा उदाहरण पेश करते रहे है ,,गरीबों को कपड़े ,,जूते ,,चप्पल ,,मरीजों को दवाइयाँ ,,,ज़रूरत मन्दो को खून ,,,भूखे को रोटी ,,मुफ्त इलाज ,,बेज़ुबान जानवर खासकर गो माता की गम्भीर बीमारी ,,गम्भीर घायल अवस्था में उनका इलाज करवाकर उन्हें स्वस्थ करने जैसे काम तो ,,भाई हिम्मत ,,अपने दोस्तों ,,,की हिम्मत से करते ही रहे है ,,लेकिन वह कुछ सालों से गरीब ,,बेटियों की ,सर्वजातीय विवाह सम्मेलन के नाम पर ,,मुफ्त शादिया भी करवा रहे है ,,कई मुस्लिम समाज से जुडी बेटियों की शादियां जब ,,स्टेशन के राम मंदिर में होती है ,,वहां क़ाज़ी निकाह पढ़ाता नज़र आता है ,,तो सच एक अजीब क़ौमी एकता का संगम नज़र आता है ,,नफरतों के इस बाज़ार में सिर्फ प्यार ही प्यार नज़र आता है ,,,,इस बार देश का किसान भूखे मर रहा है ,,सूखे ,,अकाल ,,ओलावृष्टि की चपेट में किसान तबाह और बर्बाद हो गए है ,,राजस्थान और खासकर हाड़ोती में कई किसानो ने आत्महत्या कर ली है ,,किसानो के पास जब खाने को अनाज नहीं ,,जीवन गुज़र बसर के लिए कोड़ी भर भी नहीं ऐसे में वह किसान अपनी बेटियों के विवाह के बारे में तो सोच भी नहीं सकता ,,पिछले दिनों किसानों के कल्याण के लिए ,,श्रीमती सोनिया गांधी कोटा आईं ,,,सचिन पायलेट कोटा आये ,,कई कॉंग्रेसी ,,कई भाजपाई कोटा आये ,,लेकिन किसानो के दर्द को भाई हिम्मत सिंह ने समझा ,,उन्होंने इस दर्द का हरण कर ,,रोते ,सिसकते किसानो के चेहरे पर मुस्कान लाने के लिए ,,ग्रामीण क्षेत्र के किसान परिवारों के ऐसे गरीब लोग जिनकी बेटियां सिर्फ ज़रूरत पूरी नहीं होने की वजह से ब्याही नहीं जा रही है ,,हिम्मत सिंह ने उनका हाथ थामा और अपने साथियों के साथ ,,हाथ में हाथ लेकर ,,उठ खड़े हुए इन बेटियों की मदद के लिए ,,हिम्मत सिंह ने हाड़ोती के तीस वर वधुओ को चुना जो किसान है और ज़रूरत मंद भी ,,किसी से कोई रजिस्ट्रेशन शुल्क नहीं ,दहेज़ का सामान ,,बिंदोरी ,,बारात का खर्च ,,महमानों की दावत ,, ठहरने की व्यवस्था सब कुछ निशुल्क ,,,दूल्हा ,,दुल्हन ,,उनके परिजनों के साथ ,,महमानों के साथ आये ,,,सभी जाती धर्म के लोग ,,अपनी अपनी धार्मिक रीती रिवाजो से विवाह बंधन में बंधे और दुल्हन को विदा कर ले जाए ,,,,,सच दिलवाले हिम्मत सिंह और उनकी टीम है ,,,जो किसानो को अपना दिल देकर ओलावृष्टि ,,सूखे से त्रस्त रोते हुए किसानों के आंसू पूछ कर कहते है ,,,में हूँ ना ,,मेरा दिल ले लो ,,दिलवाले है ,,सभी किसान ,,दुल्हनिया लेकर ज़रूर जाएंगे और तीस जोड़े आगामी बाइस अप्रेल सुबह आठ बजे से तलवंडी स्थित डी ऐ वी स्कूल के पीछे ,,श्यामा प्रसाद मुखर्जी स्टेडियम में ,,,किसान परिवारों के सर्वजातीय विवाह सम्मेलन का यह मेला लगेगा ,,जिसमे सभी हँसते खेलते ,,अपने अपने निजी धर्म ,,निजी जाती ,,समाज के तोर तरीकों से हँसते गाते ,,अपने अपने जोड़ो के साथ विवाह बंधन में बंधेंगे ,,सभी का स्वागत है ,,इस अनूठे उदाहरण का नज़ारा देखने के लिए सभी को निमंत्रण है ,,आये ,,हिम्मत सिंह और उनके साथियों की हिम्मत बढ़ाए ,,इसमें सियासत नहीं ,,,सिर्फ और सिर्फ मदद की विरासत है ,,जो हिम्मत सिंह ने उनके पिता स्वर्गीय श्री सुमेर सिंह से विरासत में ली है ,,,अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान

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