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23 अक्तूबर 2015

राजस्थान की कोटा उत्तर विधानसभा क्षेत्र के मतदाताओ का क्या क़ुसूर है

राजस्थान की कोटा उत्तर विधानसभा क्षेत्र के मतदाताओ का क्या क़ुसूर है ,, भाजपा का एक कार्यकर्ता जनता के दम पर विकट परिस्थितियों में चुनाव जीतता है ,,,जनता में उसकी लोकप्रियता की हद यह है के जब वोह एक बुलाता है तो लोग हज़ार पहुंचते है ,,,उनके सम्मेलन में पच्चीस हज़ार से भी ज़्यादा कार्यकर्ता उनकी ताक़त को मज़बूती देते है ,,यह सब हांसिल करने के लिए कोटा उत्तर के विधायक प्रह्लाद गुंजल ने अपने कार्यकर्ताओं ने बेहिसाब क़ुर्बानियाँ दी है ,, प्रह्लाद गुंजल की डिक्शनरी में उनके अपने कार्यकर्ताओं के काम के लिए इंकार नहीं है ,,इसके लिए वोह पद की चिंता किये बगैर पहाड़ से भी टकराने का साहस रखते है ,,और इसीलिए पिछले दिनों एक अधिकारी ,,एक नौकरशाह ने कुछ षडंत्रकारी के साथ मिलकर प्रह्लाद गुंजल के कार्यकर्ता का पहले तो काम नहीं किया ,,फिर बार बार कहने के बाद प्रह्लाद गुंजल को उकसाया और जब अपने कार्यकर्ता के वाजिब काम के लिए धैर्य और संयम की सभी सीमाये खत्म हो गयी तब प्रह्लाद गुंजल ने एक नौकरशाह को जनहित में अाड़े हाथो लिया तो नौकरशाह के इशारे पर नाचने वाले नेता बुरा मान गए और कार्यकर्ताओ के लिए हमेशा समर्पित रहकर पार्टी को मज़बूती देने वाले विधायक को एक चापलूस ,,षड्यंत्रकारी नौकरशाह की शिकायत के नाम पर पार्टी से बाहर कर दिया ,,कागजो में तो पार्टी से बाहर किया लेकिन पार्टी की सांस ,,पार्टी की जान समझे जाने वाले प्रह्लाद गुंजल का क़द पार्टी कार्यकर्ताओं में और बढ़ा हो गया ,,वोह पार्टी की पहचान बन गए ,,अब जब इस नौकरशाह की शिकायत को पुलिस ने गहन तफ्तीश के बाद झूंठा मान लिया है ,,इस शिकायत में पुलिस ने क्लोज़र रिपोर्ट लगा दी है ,,खुद इस अधिकारी नौकरशाह ने अदालत में पुलिस की कार्यवाही को सही क़रार देकर क्लोज़र रिपोर्ट स्वीकार करवा दी है ,, पार्टी हाईकमान के सामने अब क्या बचता है ,,आरोप खत्म हो गए है ,,फिर भी कोटा उत्तर के कायर्कताओ का भाजपा हाईकमान का सीधा सवाल है आखिर यह नाइंसाफी क्यों ,,आखिर क्यों अब तक प्रह्लाद गुंजल को सम्मान की वापसी नहीं मिली है ,,क्यों कोटा उत्तर और कोटा ज़िले को प्रतिनिधित्व नहीं देकर उपेक्षित कर रखा है ,,क्यों कोटा उत्तर के विधायको को अभी तक हर दिल अज़ीज़ मंत्री नहीं दिया गया है ,,,कोटा उत्तर के भाजपा हाईकमान से कई क्यों के यह सवाल उन्हें अब तो भाजपा से बगावत को मजबूर कर रहे है ,,,इधर हाईकमान है के कोटा उत्तर के मतदाताओ के साथ लगातार छल कपट विश्वासघात किये जा रहा है और प्रह्लाद गुंजल को कार्यकर्ताओ की इच्छा के अनुरूप अब तक कोई मान सम्मान ,,कोई मंत्री पद नहीं दिया गया है ,,यह तो एक शेर दिल नेतृत्व की ताक़त थी जो विकट परिस्थितियों में भी यहां कार्यकर्ताओ के काम हुए है वरना कोई कमज़ोर कड़ी अगर होता तो अब तक तो डूब गया होता ,,इसीलिए शायद कोटा उत्तर के कार्यकर्ता गर्व से अपने इस लाडले नेता को ज़िंदाबाद कहते नज़र आते है ,और हाईकमान को कोटा के विकास को रोकने ,,कोटा के विकास को खत्म करने का ज़िम्मेदार मानने लगे है ,

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