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19 अक्तूबर 2015

राहे-हक़ की राह दिखा रही हैं बहन फ़िरदौस ख़ान

पेशे से पत्रकार ,,मिजाज़ से लेखिका ,,,दर्शन समाज सुधार का प्रेरणा मज़हब ऐ इस्लाम ,,,और शोख रोज़ सुधारक टिप्पणियॉ की खूबसूरत दर्शन के साथ डायरी लिखना ,,यही सब पहचान है मेरी बहन फ़िरदौस की ,,जिसे हम पत्रकार कहे ,,समाज सुधारक कहे ,,इस्लाम सुधारक या फिर इंसानियत और हक़ की अलम्बरदार कहे ,,साहित्यकार कहे ,,लेखिका कहे ,,कवयित्री कहे ,,मनोवैज्ञानिक सुधारक कहे ,,,,क्या कहे कुछ समझ नहीं आता बस बहन फ़िरदौस अपनी डायरी ,,अपनी क़लम लेकर इस्लाम की एक बहतरीन सोच के साथ देश में अमन ,,एकता ,,अखंडता ,,मानवता का पैगाम देने निकली है ,,,रुपया कमाना इनका मक़सद नहीं ,,देश सुधारना ,,समाज सुधारना ,,हिन्दुस्तान की नई तस्वीर बनाना इनका अपना मक़सद है ,,ब्लॉगिंग की दुनिया में मेरे आगमन से ही यह मेरे साथ है ,,इनके समाज सुधार के रवैये से कई लोग इनसे नाराज़ है ,,,फिर भी में गौरवान्वित हूँ के बहन फ़िरदौस एक महिला ,,मुस्लिम महिला होकर देश सुधारने ,,,समाज सुधारने ,,इंसानियत की अलमबरदारी में ,,,प्रमुख साहित्यकारों में ,,एक अच्छे इंसान के रूप में अव्वल सबसे अव्वल है ,,,,,फ़िरदौस खान अपने बारे में खुद लिखती है ,,,,,,,,,,,,,,,,मेरे अल्फाज़ मेरे जज़्बात और मेरे ख्यालात की तर्जुमानी करते हैं...क्योंकि मेरे लफ़्ज़ ही मेरी पहचान हैं.,,यह सच भी है ,,,वोह लिखती है ,,,,समानता का अधिकार ,,जातिगत भेदभाव नफरत के खिलाफ एक जीवंत दर्शन देती है ,,,,फ़िरदौस बहन कहती है ,,,,कु़दरत किसी के साथ कोई भेदभाव नहीं करती... सूरज, चांद, सितारे, हवा, पानी, ज़मीन, आसमान, पेड़-पौधे मज़हब के नाम पर किसी के साथ किसी भी तरह का कोई भेदभाव नहीं करते... जब कायनात की हर शय सबको बराबर मानती है, तो फिर ये इंसान क्यों इतना नीचे गिर गया कि इसके गिरने की कोई हद ही न रही... इंसान को ख़ुदा ने अशरफ़ुल मख़लूक़ात बनाकर इस दुनिया में भेजा था... लेकिन इसने अपनी ग़र्ज़ के लिए इंसानों को मज़हबों में तक़सीम करके रख दिया... फिर ख़ुद को आला समझना शुरू कर दिया और दूसरों को कमतर मानने लगा... उनसे नफ़रत करने लगा, उनका ख़ून बहाने लगा...ऐसे इंसानों से क्या जानवर कहीं बेहतर नहीं हैं, जो मज़हब के नाम पर किसी से नफ़रत नहीं करते, मज़हब के नाम पर किसी का ख़ून नहीं बहाते.,,,,,,,,,,,,,फ़िरदौस ख़ान,,,,,,,,,,,,जो ,, पत्रकार, शायरा और कहानीकार... उर्दू, हिन्दी और पंजाबी में लेखन. उर्दू, हिन्दी, पंजाबी, गुजराती, इंग्लिश और अरबी भाषा का ज्ञान... दूरदर्शन केन्द्र और देश के प्रतिष्ठित समाचार-पत्रों में कई साल तक सेवाएं दीं... इन्होने अनेक साप्ताहिक समाचार-पत्रों का सम्पादन भी किया... ऑल इंडिया रेडियो, दूरदर्शन केन्द्र से समय-समय पर कार्यक्रमों का प्रसारण..हुडा इन्होने . ऑल इंडिया रेडियो और न्यूज़ चैनल के लिए एंकरिंग भी की है. देश-विदेश के विभिन्न समाचार-पत्रों, पत्रिकाओं और समाचार व फीचर्स एजेंसी के लिए लेखन. इनका हुनर रहा है . इनके द्वारा लिखित . मेरी 'गंगा-जमुनी संस्कृति के अग्रदूत' नामक एक किताब प्रकाशित.हुई .. इसके अलावा डिस्कवरी चैनल सहित अन्य टेलीविज़न चैनलों के लिए स्क्रिप्ट लेखन...कार्र्य प्रमुख रहा है इन्हे उत्कृष्ट पत्रकारिता, कुशल संपादन और लेखन के लिए अनेक पुरस्कारों ने नवाज़ा जा चुका है... फ़िरदौस बहन ने इसके अलावा कवि सम्मेलनों और मुशायरों में भी शिरकत.की है . इन्होने कई बरसों तक हिन्दुस्तानी शास्त्रीय संगीत की तालीम भी ली...इनकी उर्दू, पंजाबी, अंग्रेज़ी और रशियन अदब (साहित्य) में ख़ास दिलचस्पी. फ़िरदौस बहन फ़िलहाल 'स्टार न्यूज़ एजेंसी' और 'स्टार वेब मीडिया' में समूह संपादक का दायित्व संभाल रही है वोह अनुभव के आधार पर कहती है ... कुछ लोग यूं ही शहर में हमसे भी ख़फ़ा हैं ,,,हर एक से अपनी भी तबियत नहीं मिलती..यह कड़वा सच उनके दोस्त ,,उनके दुश्मनो के लिए एक पैगाम भी है ,,,,,,,,,,,,बहन फ़िरदौस का लेखन राष्ट्रीय एकता ,,अखंडता ,,न्यायप्रिय ,,सुख ,,शांति ,,अमन का पैगाम देता है तो कई लोग इनसे नाराज़ भी होते है ,,इस्लाम के खिलाफ लिखने वाले का फतवा भी देते है लेकिन कड़वा सच यह है के इस्लाम ही अमन का पैगाम देने वाला मज़हब है और इस मज़हब को हम और हमारे मुस्लिम भाई,,हिंदुस्तानी भाई नहीं जानते इसीलिए बहन फ़िरदौस इस्लाम के खिलाफ भ्रांतियां खत्म करने के लिए ,,हमारे अपनों ,,हमारे परायो में इस्लाम के हक़ का पैगाम देने के लिए पृथक से एक ब्लॉग ,,,,राहे हक़ ,,,बनाकर उसके ज़रिये इस्लाम की तरबियत का काम शुरू किया है इस ब्लॉग ने बहन फ़िरदौस को एक मुल्लानी भी बना दिया है ,,फ़िरदौस ज्ञान का समुन्दर है तो समझिए उनका व्यवहार कितना पुर ख़ुलूस ,,पुर कशिश होगा ,, ज्ञान समुन्दर लहरे मारता है ,,छलकता है और बहन फ़िरदौस का कमोबेश ऐसा ही ज्ञान है ,,,,,,,,,फ़िरदौस के प्रमुख ब्लॉग इस तरह से है
http://www.firdausdiary.blogspot.com/ http://heer-thesong.blogspot.com/
http://firdaus-firdaus.blogspot.com/
http://jahaannuma.blogspot.com /http://raahe-haq.blogspot.in/,,,,,,बहन फ़िरदौस एक औरत है ,,लेकिन दक़ियानूसी नहीं ,,बहन फ़िरदौस एक आदर्श मुस्लिम है लेकिन कट्टरपंथी नहीं ,,बहन फ़िरदौस एक अच्छी लेखिका है ,,लेकिन पक्षपाती नहीं ,,बहन फ़िरदौस निर्भीक पत्रकार है ,,लेकिन गुलाम मानसिकता की नहीं ,,बहन फ़िरदौस ब्लॉगर है लेकिन विशिष्ठ विचारधारा की नहीं ,,,,बहन फ़िरदौस की डायरी से सब डरे हुए है ,,,घबराये है ,,,,इनसे कोई भी नफरत करे ,,इनके लिए कुछ भी कोई लिखे कोई सोचे लेकिन यह सभी का अभिवादन इस्लामिक संस्कृति के तहत आदर सम्मान से करती है और दुश्मन पानी पानी होकर इनको सेल्यूट करता नज़र आता है ,,विनम्रता ,,सहजता ,,सरलता ,,गंभीरता ,,एक विशिष्ठ जीवन शैली ,,,आदर्श विचार ,,,अधिकतम भाषाओ का ज्ञान ,,अपने कड़वी से कड़वी बात मध्रु अल्फाज़ो में सहज और सरल भाव से लोगो तक पहुंचाने का अंदाज़ इनकी पहचाना है ,,,बहुमुखी प्रतिभा की धनी बहन फ़िरदौस अधिकतम भाषाओ में लिखती है ,,पढ़ती है और पुरे देश को एक जुट ,,प्रगति के पथ पर चलते हुए देखना चाहती है बस इसी जूनून के साथ शुद्धिकरन आलेख लिख रही है ,,लिखती रही है ,,लिखती रहेंगी , बहन फ़िरोज़ ज़ात पात ,,उंच नीच से बहुत नाराज़ है वोह इस्लाम का कड़वा सच लिखती है ,,,,,,,,,,,,,,लोग अकसर शिजरे की बात करते हैं... हमारा ताल्लुक़ फ़लां ख़ानदान से है, उसका फ़लां से है... हम आला ज़ात के हैं और फ़लां कमतर ज़ात का है...
हमारा एक ही जवाब है- हमारा ताल्लुक़ हज़रत आदम अलैहिस्सलाम है, जो जन्नत में रहा करते थे...
हम ही क्या दुनिया के हर इंसान का ताल्लुक़ हज़रत आदम अलैहिस्सलाम है... इसलिए ख़ुद को आला और दूसरे को कमतर समझना अच्छी बात नहीं है...
----,एक खास बात ,,बहन फ़िरदौस की योमे पैदायश की तारीख़ एक जून है साल कोनसा है में बता नहीं सकता क्योंकि बहन फ़िरदौस बहतरीन लेखिका के साथ साथ एक महिला भी है और महिला को अगर उसकी उम्र बताएंगे तो वोह नाराज़ हो जाएंगी बस इसीलिए उनके लेखन में प्रबुद्धता है ,,,,एक अनुभव है ,,एक शालीनता का भाव है ,,,,,,साहित्य का पुठ है ,,उम्र में चंचलता है कम उम्र में इतना ज्ञान कहा से आया यह क़ुदरत का करिश्मा ही कहा जा सकता है ,,,बहन फ़िरदौस को बधाई ,,,मुबारकबाद ,,सेल्यूट ,,,,,,,अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान

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