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14 सितंबर 2015

इधर मेरी मोत

इधर मेरी मोत
उधर तुम्हारे उदास
चेहरे पर ख़ुशी
इधर तुम्हारा गुमसुम सा रहना
उधर मेरी मोत की खबर से
तुम्हारा चहकना ,,
तुम्हारा इठलाना
मुझे खबर होती अगर
मेरी मोत
तुम्हारी पसंद है
सच में कमबख्त मोत को
कभी का गले लगा लेता
सिर्फ तुम्हारी ख़ुशी के खातिर ,,अख्तर

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