हमें चाहने वाले मित्र

04 सितंबर 2015

जैसलमेर के जाट बाहुल्य गाँव गोटला गोदारा की शान समझे जाने वाले कोटा पुलिस अधीक्षक सवाई सिंह गोदारा

राजस्थान में जैसलमेर के जाट बाहुल्य गाँव गोटला गोदारा की शान समझे जाने वाले कोटा पुलिस अधीक्षक सवाई सिंह गोदारा सोशल मिडिया एंटी करप्शन एक्टिविस्ट के सर्वेक्षण में सर्वाधिक ईमानदार शख्सियत माने गए है ,,इनके विरुद्ध ढूंढने पर भी कोई अनियमितता या भ्रष्टाचार का मामला नहीं मिल पाने के कारण सोशल मिडिया ऐंटीकरप्शन एक्टिविस्टों ने सवाई सिंह गोदारा को एक आदर्श मॉडल पुलिस अधिकारी माना है ,,,,बाराह जुलाई उन्नीस सो तिरेसठ में जन्मे सवाई सिंह गोदारा की प्रारम्भिक शिक्षा जैलसमेर में होने के बाद इन्होने वाणिज्य में मास्टर डिग्री एम कॉम किया ,,फिर राजस्थान पुलिस सेवा में चयनित होने के बाद वोह पूरी महनत और ईमानदारी के साथ पुलिस सेवा में जुट गए ,,अपराध नियंत्रण का दर्शन इन्हे पढ़ने और क्रियान्वित करने का शोक रहने से पुलिस सेवा मेंइनकी ,,ईमानदार ,,निर्भीक ,,अपराध नियंत्रक ,,, की छवि बनाने के लिए काफी था ,,,दूसरे पुलिस अधिकारीयों से अलग कार्यशैली ,,सभी अधीनस्थों की सुनवाई ,,ईमानदारी में उनकी मदद और बुराई की शिकायत आने पर उनके खिलाफ पहले समझाइश फिर सख्त कार्यवाही ने उन्हें ईमानदार और कर्तव्यनिष्ठ पुलिस अधिकारी कर्मचारियों में अपनी विशिष्ठ पहचान बनाई है ,,,अपराध नियंत्रण और अंधी अपराध गुत्थियाँ सुलझाने के मामले मे सवाई सिंह गोदारा का अनुकरणीय फार्मूला है वोह पहले अपराध की प्रक्रिया समझते है ,,वैज्ञानिक तरीके के अनुसंधान पर ज़ोर देते है फिर अपनी निजी मुखबीरी प्रणाली से पुष्टी कर विवेकाधिकार का सकारात्मक उपयोग करते है और क़ानून के हाथ अपराधी तक पहुंच जाने के बाद अपराधी जेल की सलाखों में होता है ,, अपराध नियंत्रण मामले में कोई समझोता नहीं बेखौफ होकर निष्पक्षता से अपराधियों के खिलाफ कार्यवाही और निर्दोषो की रिहाई इनकी पहचान है ,,,,सवाई सिंह गोदारा वर्ष दो हज़ार दस में भारतीय पुलिस सेवा में चयनित हुए यह बाड़मेर ,,सवाईमाधोपुर सफलतापूर्वक पुलिस अधीक्षक का काम कर चुके है ,,,कोटा पुलिस अधीक्षक का पद इनके लिए चुनौती पूर्ण है लेकिन कोटा की सियासत ,,कोटा की पत्रकारिता ,,,कोटा के अपराधियो के तोर तरीके ,,,अपराध नियंत्रण के फार्मूले ,,मुखबीर प्रणाली ,,,थाना क्षेत्रो में अपराध शैली ,,,घटनाओ कीपूर्व सुचना एकत्रीकरण ,,घटनाओ और अपराध के पीछे की बुनियाद को सवाई सिंह पुलिस अधीक्षक ने जांचा है परखा है और यही कारन है के इनके कार्यकाल में पिछले अपराध में भी अभियुक्त नामज़द किये जाकर पकड़े गए है ,,जबकि अपेक्षाकृत अपराध नियंत्रण और अपराधियों के खिलाफ त्वरित कार्यवाही होने लगी है ,,आम जनता की सुनवाई ,,पुलिस अपराध के खिलाफ सुनवाई ,,,पुलिस के मान सम्मान के खिलाफ अपराध की सुनवाई ,,पुलिस की निजी परेशानियों की सुनवाई उनका निष्पक्षता से निराकरण ,,अधीनस्थ अधिकारीयों के क्षेत्राधिकार में कोई दखल अंदाज़ी नहीं ,, प्रशासन में खासकर जिला मजिस्ट्रेट से सूचनाओ का आदान प्रदान ,,आपसी चर्चा के बाद कोटा में क़ानून व्यवस्था नियंत्रण मामले में सकारात्मक परिणाम मिलते है ,,,हाल ही में कोटा में जेन समाज का जुलुस निकाला गया ,, छात्र संघ के चुनाव हुए ,,,कई धरने ,,कई आक्रामक प्रदर्शन हुए ,,,उर्दू के हमदर्दो की ऐतिहासिक रैली निकाली गई लेकिन सभी प्रदर्शनकारियों के लोकतंत्र के मूल्यों की रक्षा करते हुए उनकी प्रदर्शन आज़ादी के साथ आम जनता के हित संरक्षण का पूरा ज़िम्मेदारी से ख़याल रखा गया ,,जुलुस नियंत्रण शांतिपूर्ण कामयाब रहा ,,,,,और पुलिस अधीक्षक सवाई सिंह का प्रबंधन ऐतिहासिक बन गया ,,ऐसे टीम भाव से काम करने वाले सजग ,,सतर्क ,,अनुशासित ,,निर्भीक ,,निष्पक्ष ईमानदार पुलिस अधिकारी को सलाम ,,सेल्यूट ,,,,,,,,,,अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

दोस्तों, कुछ गिले-शिकवे और कुछ सुझाव भी देते जाओ. जनाब! मेरा यह ब्लॉग आप सभी भाईयों का अपना ब्लॉग है. इसमें आपका स्वागत है. इसकी गलतियों (दोषों व कमियों) को सुधारने के लिए मेहरबानी करके मुझे सुझाव दें. मैं आपका आभारी रहूँगा. अख्तर खान "अकेला" कोटा(राजस्थान)

Related Posts Plugin for WordPress, Blogger...