हमें चाहने वाले मित्र

10 अगस्त 2015

अच्छा हुआ

अच्छा हुआ
जो तुमने
मुझ से
नफरत कर ली
वरना मेरी मोत पर
मुझ से
तुम्हे रोता हुआ
नहीं देखा जाता ,,,,अख्तर

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

दोस्तों, कुछ गिले-शिकवे और कुछ सुझाव भी देते जाओ. जनाब! मेरा यह ब्लॉग आप सभी भाईयों का अपना ब्लॉग है. इसमें आपका स्वागत है. इसकी गलतियों (दोषों व कमियों) को सुधारने के लिए मेहरबानी करके मुझे सुझाव दें. मैं आपका आभारी रहूँगा. अख्तर खान "अकेला" कोटा(राजस्थान)

Related Posts Plugin for WordPress, Blogger...