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14 जुलाई 2015

भतीजी की दूसरी शादी करने पर पंचों ने रखे जूते, कहा- एक लाख लाओ तब मिलेंगे


भतीजी की दूसरी शादी करने पर पंचों ने रखे जूते, कहा- एक लाख लाओ तब मिलेंगे
पाली/जोधपुर. राजस्थान के एक गांव में पंचों ने एक आदमी के जूते रख लिए। जूतों के बदले उससे एक लाख रुपए मांगे जा रहे हैं। मुश्किल ये है कि कानून भी उसे जूते वापस नहीं दिला पा रहा। पाली जिले के मालपुरिया खुर्द गांव के भीखाराम गुर्जर के जूतों की कीमत वैसे तो 200 रुपए भी नहीं होगी लेकिन पंचों के पास जमा इन जूतों की कीमत एक लाख रुपए तय कर दी गई। यह रकम चुकाए बिना उसके जूते वापस नहीं मिलेंगे। वह नए जूते खरीदकर पहन भी नहीं सकते। उनका गुनाह इतना सा है कि उन्होंने भतीजी की दूसरी शादी बिना पंचों की सहमति से कर दी। इसी बात से नाराज पंचों ने पंचायत बुलाई और भीखाराम को जूते उतारने का फरमान सुनाकर समाज से बहिष्कृत कर दिया।
उन्हें गांव के किसी भी आयोजन में शामिल नहीं होने दिया जा रहा है। जहां भी जाते हैं, भगा दिया जाता है। कुछ दिन तो भीखाराम ने पंचों का गुस्सा शांत होने का इंतजार किया पर मामला नहीं सुलझा। आखिर में उसने कानून की शरण ली। कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने मुकदमा तो दर्ज कर लिया है, मगर जूते वापस मिलना अभी भी बड़ी चुनौती बनी हुई है। भीखाराम नंगे पांव ही घूमने को मजबूर है।
यहां आम हैं ऐसे फरमान
बाजार में भले ही साफा और जूते की कीमत 200-300 रुपए हो, लेकिन पंचायतों में दंड स्वरूप कीमत लाखों रुपए तक आंकी जाती है। जूते व साफा उतरवाकर रख लेना किसी परिवार की इज्जत उतारने के बराबर है। उसे समाज में बैठने और बोलने तक नहीं दिया जाता है। दंड के लिए तय किए जाने वाले रुपए लौटाने के बाद ही उसे वापस समाज की मुख्यधारा में शामिल किया जाता है। राजस्थान के गांवों में अब भी बड़े स्तर पर लोग ऐसे फैसले चुपचाप मान लेते हैं।

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