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22 जून 2015

एक फौजी सचिन पायलेट कांग्रेस के बुरे दिनों को अच्छे दिनों में बदलने के लिए कामयाब कमांडर की तरह अपनी फौज के साथ जनता के संघर्ष मैदान में है

एक फौजी का बेटा ,,एक फौजी सचिन पायलेट कांग्रेस के बुरे दिनों को अच्छे दिनों में बदलने के लिए कामयाब कमांडर की तरह अपनी फौज के साथ जनता के संघर्ष मैदान में है और जनता का दिल जीत कर फिर से राजस्थान में कांग्रेस ज़िंदाबाद का सपना पूरा करना उनकी ज़िम्मेदारी है इसके लिए वोह एक समर्पित कांग्रेस सैनिक की तरह दिन रात एक कर राजस्थान की धरती पर अपनी विश्वसनीय सैनिक टीम के साथ कांग्रेस ज़िंदाबाद की जंग के मैदान में कूद पढ़े है ,,सचिन पायलेट ने राजस्थान की शीर्ष नेताओ ,,,राजस्थान प्रभारी गुरुदास कामत और सह प्रभारी मिर्ज़ा इरशाद बेग के नेतृत्व में प्रदेश के सभी संभागो में बढ़ी सभाए लेकर कांग्रेस के पक्ष में माहोल गरमा दिया है ,,सचिन पायलेट और उनकी टीम कोटा संभाग में कांग्रेस को मज़बूती देने के लिए जुलाई माह के पहले सप्ताह में प्रदेश प्रभारी गुरुदास कामत सहित वरिष्ठ नेताओ के साथ एक दिन का केम्प करेंगे ,,,सचिन पायलेट विकट परिस्थितियों में भी कांग्रेस की बिगड़ी स्थित को सुधारने के लिए एक कुशल जांबाज़ सैनिक की तर्ज़ पर संघर्ष करते रहे और स्थिति यह रही के विधानसभा चुनाव में जहाँ कांग्रेस को करारी हार मिली थी वहीं सचिन पायलेट के नेतृत्व में कांग्रेस की फौज ने अल्पसमय में ही हुए चार विधानसभा उप चुनाव में भाजपा से तीन सीटें छीन ली ,,कोटा दक्षिण भी अगर सचिन पायलेट के इशारो को समझकर एक जुट होकर लड़ी जाती तो यह सीट भी कांग्रेस की झोली में जा सकती थी ,,सचिन पायलेट ने विभिन्न मुद्दो पर कांग्रेस को सक्रिय किया ,,कार्यकर्ताओं में जान फूंकने के लिए हर माह विरोधस्वरूप कोई कार्यक्रम दिया उनके द्वारा नियुक्त जिला प्रभारियों और सह प्रभारियों ने पूरी वफादारी के साथ राजस्थान के हर क्षेत्र में नाराज़ कार्यकर्ताओं को अपने साथ जोड़ा ,,जिला कांग्रेस कमेटियों की गुटबाज़ी को समेटकर एक जुट करने का प्रयास किया ,नतीजा यह रहा के विकट परिस्थितियों में भी नगर पालिका चुनाव में कांग्रेस करारी हार की स्थिति में होने के बाद भी एचीवर रही जबकि पंचायत चुनाव में तो सचिन पायलेट के नेतृत्व में कांग्रेस ज़िंदाबाद हो गयी ,,कोटा जैसी जगह पर बरसों बाद कांग्रेस का जिलाप्रमुख निर्वाचित हो सका ,,,,कुछ लोग है जो सचिन पायलेट की लगातार इस कामयाबी और कांग्रेस की मज़बूती से खुश नहीं है लेकिन सचिन अभी उनके साथ हम्दर्दाना अंदाज़ में समझाइश कर रहे है वरना सचिन पायलेट एक फौजी है और फौजी जानता है के दुश्मन के साथ केसा सुलूक होना चाहिए वोह कई कांग्रेस पदाधिकारियों की छुट्टी भी कर सकते है ,,,,,,सचिन पायलेट वर्ष उन्नीस सो सतत्तर में जन्मे उनका लालन पालन सियासी माहोल में हुआ पिता राजेश पायलेट केंद्र में मंत्री और प्रधानमंत्री राजीव गांधी के पारिवारिक मित्र थे ,,माँ खुद विधायक थी ,,सचिन पायलेट का प्रधामंत्री के परिवार से ,,गांधी परिवार से विश्वास का रिश्ता रहा है ,,राहुलगांधी और सचिन साथ साथ खेले है तो सोनिया गांधी ने भी सचिन को गोद में खिलाया है सहारनपुर उत्तर प्रदेश में जन्मे सचिन ने दिल्ली से बी ऐ फिर एक साल का मार्केटिंग कोर्स किया इसके बाद यु एस ऐ से उन्होंने एम बी ए की डिग्री ली ,,सचिन ने माँ के पेट से सियासी हुनर सीखे तो इनके खून में फौजी का होसला रहा और इसीलिए सचिन पायलेट केंद्र में मंत्री रहते हुए पहले ऐसे मंत्री थे जिन्हे फौज में लेफ्टीनेंट की उपाधि यानी कमीशन दिया गया ,,सचिन ने अपने पिता का सपना पूरा किया अब वोह जनता का सपना पूरा करना चाहते है ,,राजस्थान की जनता ने उनसे उम्मीदें बनाई है उन्हें वोह पूरा करना चाहते है ,,,सचिन पायलेट ने राजस्थान में भाजपा का गढ़ कहे जाने वाले हाड़ोती संभाग में सेंध लगाने के लिए रणनीति बनाई है यहां पंकज मेहता ,,नईमुद्दीन गुड्डू ,,प्रमोद भाया ,,रामगोपाल बैरवा ,,समर्थ शर्मा के नेतृत्व में कमांडिंग टीम बनाई है तो कोटा जिला प्रभारी धीरज गुर्जर के साथ तेज़ तर्रार कांग्रेस के प्रति समर्पित वफादार साथी विक्रम वाल्मीकि विक्की भय्या को भी जोड़ा है ,,,,सचिन पायलेट ने महिलाओं को भी पर्तीिनिधित्व दिया है और कोटा सह प्रभारी के रूप में रमा बजाज को भी ज़िम्मेदारी दी है ,,आगामी जुलाई माह के पहले सप्ताह में अगर केंद्रीय नेतृत्व का कोई विशिष्ठ कार्यक्रम नहीं हुआ तो निश्चित तोर पर लेफ्टीनेंट सचिन पायलेट अपनी पूरी टीम ,,अपनी पूरी फौज के साथ हाड़ोती संभाग में कांग्रेस को ज़िंदाबाद करने के लिए यलगार करेंगे ,,यहां वोह कांग्रेस के दोस्त दुश्मन की भी छटनी करेंगे ,,सचिन पायलेट ने एक सर्वे के तहत कांग्रेस के आस्तीन के साँपों को भी सूचीबद्ध किया है जिन्हे उन्होंने पहले समझाइश कर कांग्रेस के विधान के तहत अनुशासित रह कर एक दूसरे की मदद करने का प्रयास शुरू कर दिया है लेकिन अगर सभी समझाइशॉ के बावजूद भी ऐसे लोगों ने कांग्रेस को ज़िंदाबाद नहीं किया और नुकसान पहुंचाने की कोशिश की तो ऐसे लोगों को वोह घर का रास्ता भी दिखा सकते है ,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान

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