आपका-अख्तर खान

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30 जुलाई 2010

उफ़ वोह अँधेरे में हे ... ?


उसे आज मेने
गहरे अँधेरे में
घुटते देखा हे ।
यह वही शख्स हे
जो लोगों के घरों में
रौशनी किया करता था ।
अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान

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