तुम अपने किरदार को इतना बुलंद करो कि दूसरे मज़हब के लोग देख कर कहें कि अगर उम्मत ऐसी होती है,तो नबी कैसे होंगे? गगन बेच देंगे,पवन बेच देंगे,चमन बेच देंगे,सुमन बेच देंगे.कलम के सच्चे सिपाही अगर सो गए तो वतन के मसीहा वतन बेच देंगे.
29 अक्टूबर 2026
फ़र्ज़ी लोगों की फ़र्ज़ी बातें,
अब (मरने) के वक़्त ईमान लाता है हालाकि इससे पहले तो नाफ़रमानी कर चुका और तू तो फ़सादियों में से था
अब (मरने) के वक़्त ईमान लाता है हालाकि इससे पहले तो नाफ़रमानी कर चुका और तू तो फ़सादियों में से था (91)
तो हम आज तेरी रुह को तो नहीं (मगर) तेरे बदन को (तह नशीं होने से) बचाएँगें ताकि तू अपने बाद वालों के लिए इबरत का (बाइस) हो और इसमें तो शक नहीं कि तेरे लोग हमारी निशानियों से यक़ीनन बेख़बर हैं (92)
और हमने बनी इसराइल को (मालिक शयाम में) बहुत अच्छी जगह बसाया और उन्हं अच्छी अच्छी चीज़ें खाने को दी तो उन लोगों के पास जब तक इल्म (न) आ चुका उन लोगों ने एख़्तेलाफ़ नहीं किया इसमें तो शासक ही नहीं जिन बातों में ये (दुनिया में) बाहम झगड़े रहे है क़यामत के दिन तुम्हारा परवरदिगार इसमें फैसला कर देगा (93)
पस जो कु़रान हमने तुम्हारी तरफ नाजि़ल किया है अगर उसके बारे में तुम को कुछ शक हो तो जो लोग तुम से पहले से किताब (ख़़ुदा) पढ़ा करते हैं उन से पूछ के देखों तुम्हारे पास यक़ीनन तुम्हारे परवरदिगार की तरफ से बरहक़ किताब आ चुकी तो तू न हरगिज़ शक करने वालों से होना (94)
न उन लोगों से होना जिन्होंने ख़ुदा की आयतों को झुठलाया (वरना) तुम भी घाटा उठाने वालों से हो जाओगे (95)
(ऐ रसूल) इसमें शक नहीं कि जिन लोगों के बारे में तुम्हारे परवरदिगार को बातें पूरी उतर चुकी हैं (कि ये मुस्तहके़ अज़ाब हैं) (96)
वह लोग जब तक दर्दनाक अज़ाब देख (न) लेगें इमान न लाएगें अगरचे इनके सामने सारी (ख़ुदाई के) मौजिज़े आ मौजूद हो (97)
कोई बस्ती ऐसी क्यों न हुयी कि इमान क़ुबूल करती तो उसको उसका इमान फायदे मन्द होता हाँ यूनूस की क़ौम जब (अज़ाब देख कर) इमान लाई तो हमने दुनिया की (चन्द रोज़ा) जि़न्दगी में उनसे रुसवाई का अज़ाब दफा कर दिया और हमने उन्हें एक ख़ास वक़्त तक चैन करने दिया (98)
और (ऐ पैग़म्बर) अगर तेरा परवरदिगार चाहता तो जितने लोग रुए ज़मीन पर हैं सबके सब इमान ले आते तो क्या तुम लोगों पर ज़बरदस्ती करना चाहते हो ताकि सबके सब इमानदार हो जाएँ हालाकि किसी शख़्स को ये एख़्तेयार नहीं (99)
कि बगै़र ख़़ुदा की इजाज़त ईमान ले आए और जो लोग (उसूले दीन में) अक़ल से काम नहीं लेते उन्हीं लेागें पर ख़़ुदा (कुफ्ऱ) की गन्दगी डाल देता है (100)
28 अक्टूबर 2026
*शरद पूर्णिमा पर,रोशनी का दान,कोटा से 120 किलोमीटर दूर से लिया नेत्रदान*
और ख़़ुदा सच्ची बात को अपने कलाम की बरकत से साबित कर दिखाता है अगरचे गुनाहगारों को ना गॅवार हो
फिर जब वह लोग (रस्सियों को साँप बनाकर) डाल चुके तू मूसा ने कहा जो कुछ तुम (बनाकर) लाए हो (वह तो सब) जादू है-इसमें तो ्यक ही नहीं कि ख़़ुदा उसे फौरन मिटियामेट कर देगा (क्योंकर) ख़ुदा तो हरगिज़ मफ़सिदों (फसाद करने वालों) का काम दुरुस्त नहीं होने देता (81)
और ख़़ुदा सच्ची बात को अपने कलाम की बरकत से साबित कर दिखाता है अगरचे गुनाहगारों को ना गॅवार हो (82)
अलग़रज़ मूसा पर उनकी क़ौम की नस्ल के चन्द आदमियों के सिवा फिरआऊन और उसके सरदारों के इस ख़ौफ से कि उन पर कोई मुसीबत डाल दे कोई ईमान न लाया और इसमें शक नहीं कि फिरआऊन रुए ज़मीन में बहुत बढ़ा चढ़ा था और इसमें शक नहीं कि वह यक़ीनन ज़्यादती करने वालों में से था (83)
और मूसा ने कहा ऐ मेरी क़ौम अगर तुम (सच्चे दिल से) ख़ुदा पर इमान ला चुके तो अगर तुम फरमाबरदार हो तो बस उसी पर भरोसा करो (84)
उस पर उन लोगों ने अजऱ् की हमने तो ख़़ुदा ही पर भरोसा कर लिया है और दुआ की कि ऐ हमारे पालने वाले तू हमें ज़ालिम लोगों का (ज़रिया) इम्तिहान न बना (85)
और अपनी रहमत से हमें इन काफि़र लोगों (के नीचे) से नजात दे (86)
और हमने मूसा और उनके भाई (हारुन) के पास ‘वही’ भेजी कि मिस्र में अपनी क़ौम के (रहने सहने के) लिए घर बना डालो और अपने अपने घरों ही को मस्जिदें क़रार दे लो और पाबन्दी से नमाज़ पढ़ों और मोमिनीन को (नजात का) खुशख़बरी दे दो (87)
और मूसा ने अजऱ् की ऐ हमारे पालने वाले तूने फिरआऊन और उसके सरदारों को दुनिया की जि़न्दगी में (बड़ी) आराइश और दौलत दे रखी है (क्या तूने ये सामान इस लिए अता किया है) ताकि ये लोग तेरे रास्तें से लोगों को बहकाए परवरदिगार तू उनके माल (दौलत) को ग़ारत (बरबाद) कर दे और उनके दिलों पर सख़्ती कर (क्योंकि) जब तक ये लोग तकलीफ देह अज़ाब न देख लेगें ईमान न लाएगें (88)
(ख़ुदा ने) फरमाया तुम दोनों की दुआ क़ुबूल की गई तो तुम दोनों साबित कदम रहो और नादानों की राह पर न चलो (89)
और हमने बनी इसराइल को दरिया के उस पार कर दिया फिर फिरआऊन और उसके लश्कर ने सरकशी की और शररारत से उनका पीछा किया-यहाँ तक कि जब वह डूबने लगा तो कहने लगा कि जिस ख़ुदा पर बनी इसराइल इमान लाए हैं मै भी उस पर ईमान लाता हूँ उससे सिवा कोई माबूद नहीं और मैं फरमाबरदार बन्दों से हूँ (90)
24 अक्टूबर 2026
एक और नवाचार से शहर वासियों को नेत्रदान अभियान से जोड़ने की मुहीम