शाइन इंडिया फाउंडेशन | भवानीमंडी।*
*शरद पूर्णिमा पर,रोशनी का दान,कोटा से 120 किलोमीटर दूर से लिया नेत्रदान*
शरद पूर्णिमा - रोशनी, शीतलता और अमृत वर्षा का पर्व। इसी पावन पर्व पर भवानीमंडी के पोरवाल परिवार ने रोशनी के दान की अनूठी मिसाल पेश की।
*नेत्रदान का निर्णय*
द्वारकादास, राधेश्याम पोरवाल के भ्राता व मुकेश के पिता जगदीशचंद पोरवाल के निधन के उपरांत शोक की इस घड़ी में भी परिवार ने, स्व प्रेरणा से, परोपकार को सर्वोपरि रखते हुए नेत्रदान का पुनीत निर्णय लिया।
*नेत्रदान प्रक्रिया*
भतीजे संजय पोरवाल एवं पूर्व नगरपालिका उपाध्यक्ष विनय पोरवाल की सूचना पर भारत विकास परिषद के नेत्रदान प्रभारी एवं शाइन इंडिया फाउंडेशन के नगर संयोजक कमलेश गुप्ता दलाल द्वारा त्वरित कार्यवाही की गई।
सूचना प्राप्त होते ही ईबीएसआर-बीबीजे चेप्टर कोऑर्डिनेटर डॉ. कुलवंत गौड़ ज्योति-रथ से दोपहर 3 बजे कोटा से 120 किलोमीटर दूर भवानीमंडी पहुंचे तथा परिवारजनों की गरिमामय उपस्थिति में नेत्रदान प्रक्रिया को पूर्ण कर दो दृष्टिहीन व्यक्तियों हेतु कॉर्निया प्राप्त किया।
इस पुनीत कार्य में पोरवाल समाज के संजय, विनय,राकेश,विकास,रितेश,संदीप, अमित पोरवाल आदि का सराहनीय सहयोग रहा। विशेष रूप से नेत्रदान प्रक्रिया के समय परिवार की महिलाओं की बड़ी संख्या में उपस्थिति रही, जिन्होंने नेत्रदान प्रक्रिया को प्रत्यक्ष रूप से देखा और इस जागरूकता अभियान को बल प्रदान किया।
डॉ कुलवंत गौड़ के अनुसार नेत्रदानी जगदीशचंद पोरवाल का कॉर्निया श्रेष्ठ गुणवत्ता का प्राप्त हुआ है,जिसे नेत्र बैंक जयपुर भेज दिया गया है जहां पर वह प्रत्यारोपित होकर दो नेत्रहीनों को नई नेत्र ज्योति प्रदान कर सकेगा।
*श्रद्धांजलि सभा में सम्मान*
सोमवार को आयोजित श्रद्धांजलि सभा में वक्ताओं ने नेत्रदानी जगदीशचंद पोरवाल को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए पोरवाल परिवार के नेत्रदान के मानवीय एवं प्रेरणादायी निर्णय की सराहना की। इस अवसर पर शाइन इंडिया फाउंडेशन के द्वारा परिवार को नेत्रदान के लिए प्रशस्ति-पत्र, एवं नेत्रदान पट्टिका भेंट कर सम्मानित किया गया।
*एक नजर में*
कमलेश गुप्ता दलाल ने जानकारी देते हुए बताया कि शाइन इंडिया फाउंडेशन के माध्यम से भवानीमंडी नगर से यह 167वाँ नेत्रदान है, जबकि इस वर्ष 2026 का यह 18वाँ नेत्रदान है।
*-: निवेदक :-*
*शाइन इंडिया फाउंडेशन, कोटा*
*नेत्रदान • अंगदान • देहदान*
Mob.8386900102
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