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11 अक्टूबर 2026

कोटा हेरिटेज बिल्डिंग उम्मेद क्लब नयापुरा, के अतिक्रमण को हटाने के लिए, इंद्र मोहन की शिकायत पर, उद्यान विभाग ने के डी ए को लिखा, अब तक कोई कार्यवाही नहीं

 

कोटा हेरिटेज बिल्डिंग उम्मेद क्लब नयापुरा, के अतिक्रमण को हटाने के लिए, इंद्र मोहन की शिकायत पर, उद्यान विभाग ने के डी ए को लिखा, अब तक कोई कार्यवाही नहीं
कोटा 11 अक्टूबर, नयापुरा कोटा हेरिटेज बिल्डिंग उम्मेद भवन , हिसाब किताब में गड़बड़ी, अतिक्रमण, बिना विधिक स्वीकृति के शादी ब्याह से कमाई को लेकर विवाद के घेरे में है, कभी यादघर के नाम से पुस्तकालय, खेलकूद की पहचान रखने वाले इस हेरिटेज भवन, बेंड स्थल को संरक्षित, सुरक्षित करवाने के लिये , कोई हेरिटेज संरक्षक संस्था सामने नहीं आई है, सभी इनके आगे नतमस्तक से नज़र आ रहे हैं, जबकि कोटा उद्यान विभाग, चालीस फुट आम रास्ते पर अतिक्रमण के खिलाफ उद्यान विभाग ने कोटा विकास प्राधिकरण को कार्यवाही करने के लिये 7 अक्टूबर को पत्र लिखा है, अब तक कोई कार्यवाही नहीं होना, शासन, प्रशासन, व्यवस्थाओं के विरुद्ध प्रश्न चिन्ह लगाते हैं, राजस्थान उद्यान अधिनियम सहित अन्य विधिक प्रावधान के तहत ऐसे लोगों के विरुद्ध कठोर दंडात्मक प्रावधान भी हैं,
कोटा नयापुरा उमेद क्लब ,, जो कोटा राजसी खेलकूद ,, वायली फेयर कोटा मेले की प्रारम्भिक शुरुआत थी ,,जो कोटा के महाराव् उम्मेद सिंह द्वितीय को इंग्लैंड की महारानी विक्टोरिया द्वारा पूर्ण कोटा का शासनाधिकार देने का ऐतिहासिक घटना के बाद 5 दिसम्बर 1896 को कोटा गढ़ में आयोजित कुवीन एलिज़ाबेथ के सम्मान समारोह के वक़्त इस सम्मान समारोह की स्मृति में बनाने की घोषणा का नतीजा रहा , जिस उम्मेद क्लब की नींव 26 जनवरी 1898 में रखी गई ,, जिस उम्मेद भवन के निर्माण का नक़्शा स्टेट इंजीनियर आर एच टिकेल ने बनाया , जिस भवन का रियासत कालीन नाम ही यादघर रखा गया था ,,, जहां एक लाइब्रेरी हुआ करती थी , इनडोर गेम खेले जाते थे ,,, वोह हेरिटेज उम्मेद भवन ,, पुरातत्व अधिनियम को ताक में रखकर ,, शादी ब्याह के लिए किराए पर देकर कमाई का ज़रिया बना हुआ है, उस उम्मेद भवन का व्यवसायिक उपयोग कर , लाखों करोड़ों की कमाई हो रही है ,,आसपास के गार्डन , चिड़ियाघर के लिए न्यूसेंस किया जा रहा है , इतना सब होता तो भी चलता , लेकिन इस उम्मेद भवन को समिति बनाकर , सरकारी सिस्टम में , लेकर ,सरकार के बैठे अधिकारीयों की सरपरस्ती में खुले रूप से यह सब नंगा नाच हो रहा है,, सभी जानते है ,, श्रीमती वायली ने 1898 में इसी जगह से वायली फेयर की शुरुआत की थी , जो कोटा के इतिहास का बढे स्तर पर पहला मेला कहा गया , बाद में इसका स्वरूप दशहरे के तुरन्त बाद मेले के रूप में होने लगा , जहाँ छत्तीस क़ौमों के टेक्स के रुपयों से बनने वाले दशहरे के बाद भरने वाले छत्तीस क़ौम के लोगों के लिए बनने वाले इस मेले में हर वर्ग , हर समाज ,, संवैधानिक हर भाषा के लोगों के लिए कार्य्रकम होते थे , जिसे आज दो वर्ष पूर्व से ही , पक्षपात , मनमानी ,करते हुए परम्परा तोड़ते हुए ,जो मेला भरा जा रहा ,है वोह मेला किशोरपुरा में सो कोल्ड राष्ट्रिय मेला दशहरा के नाम पर भरा जाता है, जिसे राष्ट्रिय नेतृत्व होने पर भी राष्ट्रिय मेले का दो वर्षों से दर्जा इसलिए नहीं मिल पा रहा के इस मेले को छत्तीस क़ौमों का स्तर खत्म कर ,, नफरत , द्वेषता के भाव से ,,पॉकेट मेला बनाने के प्रयास शुरू किये गए है ,,, साहित्य के कार्यक्रमों में डंके की चोट पर पक्षपात हुआ है ,,खेर यह तो वायली फेयर जो उम्मेद क्लब परिसर से शुरू हुआ और किशोरपुरा में इस मेले ने गंगा जमुना तहज़ीब को ज़िंदाबाद किया ,, वोह उम्मेद क्लब विवादों का हिस्सा हो गया है , हिसाब देने को लेकर , सदस्यों की कारगुज़ारियों की जांच को लेकर कभी ऐ सी बी में कार्यवाही होती है , कभी हायकोर्ट में याचिका होती है , लेकिन जिला प्रशासन , राजस्थान सरकार , स्थानीय जन प्रतिनिधि चाहे कांग्रेस हों ,चाहे भाजपा के हों टस से मस नहीं होते ,,, हालात यह है के हेरिटेज बिल्डिंग्स को बचाने का नारा देने वाले संगठन ,,खामोश हैं ,ऐतिहासिक बिल्डिंग ,, यादगार भवन का हेरिटेज अस्तित्व खतरे में हैं ,,, आसपास की ज़मीन क़ब्ज़ा ली गई है ,,,कभी एशिया का सबसे बढ़ा उद्यान कहा जाने वाला अतिक्रमण में सिमट कर रह गया है,,,, सरकार के खर्च से वहां वर्षों पुरानी बनाई गई सड़क जो चिड़ियाघर की तरफ जाती थी उसे बंद कर उम्मेद क्लब के लोगों ने क़ब्ज़ा कर लिया है , सार्वजनिक निर्माण विभाग चुप है जबकि भाजपा के ही नेता इंद्र मोहन सिंह हनी ने ,, उम्मेद क्लब के हिसाब को सार्वजनिक करवाने ,, अतिक्रमण हटवाने को लेकर एक सार्वजनिक संघर्ष की शुरुआत की है , इंद्र मोहन सिंह हनी ने इस अतिक्रमण ,, सड़क चोरी के मामले में मुख्यमंत्री राजस्थान सरकार के पोर्टल पर लिखा था , उन्हें पोर्टल पर पोर्टल अधिकारी ने जवाब दिया के यह ज़मीन सार्वजनिक निर्माण विभाग की नहीं ,,, उद्यान विभाग कोटा की है ,,,बस इंद्रमोहन हनी ने उद्यान विभाग को सच बताया ,, कोटा उद्यान विभाग ने सच कागज़ों में खंगाला तो आश्चर्य हुआ की , यह ज़मीन जो उम्मेद क्लब के शादी समारोह का व्यापार बढ़ाने के लिए अतिक्रमित की गई है वोह तो उद्यान विभाग की अधिकृत रूप से है ,,,,उद्यान विभाग ने इस मामले में गंभीरता को देखते हुए , उनके क़ब्ज़े , विधिक नियंत्रण मालिकाना हक़ वाले उद्यान के हिस्से को कोटा विकास प्राधिकरण द्वारा उम्मेद क्लब को देने पर आपत्ति जताते हुए 7 अक्टूबर को ज़मीन की खसरा संख्या नक़्शा भेजकर खुलासा करते हुए पत्र लिखा है की जो ज़मीन उम्मेद क्लब ने ली है , वोह कोटा उद्यान विभाग की है , उसे उम्मेद क्लब को नहीं दी गई है ,,, 40 फिट चौड़ा रोड , पुरातत्व महत्व का बेंड स्टेण्ड वगेरा उम्मेद क्लब से अतिक्रमण मुक्त करवाने के लिए पत्र लिखा है,,,,कोटा में सरकारी स्तर ही ,सरकार के सामने ही पुरात्तत्व धरोहर , चालीस फुट आम रास्ता चोरी हो रहा है ,, अतिक्रमित हो रहा है , वोह भी उस संस्था द्वारा जिसमे कलेक्टर सहित सभी अधिकारी सदस्य होते है , पदाधिकारी होते है , तो फिर आम आदमी जाए तो कहा जाए ,,,इंद्र मोहन हनी इस संघर्ष को कर रहे हैं ,,उन्हें इस मामले में समर्थन भी मिल रहा है , लेकिन ,, लेकिन ,,,यह लेकिन का अर्थ तो आप सभी समझ गए होंगे ,, पावरफुल कोटा ,,पावरफुल लोग ,,,,,,,,,,,अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान 9829086339

और ईमानदार मर्द और ईमानदार औरते उनमें से बाज़ के बाज़ रफीक़ है और नामज़ पाबन्दी से पढ़ते हैं और ज़कात देते हैं और ख़़ुदा और उसके रसूल की फरमाबरदारी करते हैं यही लोग हैं जिन पर ख़़ुदा अनक़रीब रहम करेगा बेषक ख़़ुदा ग़ालिब हिकमत वाला है

 और ईमानदार मर्द और ईमानदार औरते उनमें से बाज़ के बाज़ रफीक़ है और नामज़ पाबन्दी से पढ़ते हैं और ज़कात देते हैं और ख़़ुदा और उसके रसूल की फरमाबरदारी करते हैं यही लोग हैं जिन पर ख़़ुदा अनक़रीब रहम करेगा बेषक ख़़ुदा ग़ालिब हिकमत वाला है (71)
ख़़ुदा ने ईमानदार मर्दों और ईमानदारा औरतों से (बेहशत के) उन बाग़ों का वायदा कर लिया है जिनके नीचे नहरें जारी हैं और वह उनमें हमेषा रहेगें (बेहश्त अदन के बाग़ो में उम्दा उम्दा मकानात का (भी वायदा फरमाया) और ख़़ुदा की ख़़ुशनूदी उन सबसे बालातर है- यही तो बड़ी (आला दर्जे की) कामयाबी है (72)
ऐ रसूल कुफ़्फ़ार के साथ (तलवार से) और मुनाफिकों के साथ (ज़बान से) जिहाद करो और उन पर सख़्ती करो और उनका ठिकाना तो जहन्नुम ही है और वह (क्या) बुरी जगह है (73)
ये मुनाफे़क़ीन ख़़ुदा की क़समें खाते है कि (कोई बुरी बात) नहीं कही हालाकि उन लोगों ने कुफ्ऱ का कलमा ज़रूर कहा और अपने इस्लाम के बाद काफिर हो गए और जिस बात पर क़ाबू न पा सके उसे ठान बैठे और उन लोगें ने (मुसलमानों से) सिर्फ इस वजह से अदावत की कि अपने फज़ल व करम से ख़़ुदा और उसके रसूल ने दौलत मन्द बना दिया है तो उनके लिए उसमें ख़ैर है कि ये लोग अब भी तौबा कर लें और अगर ये न मानेगें तो ख़ुदा उन पर दुनिया और आखि़रत में दर्दनाक अज़ाब नाजि़ल फरमाएगा और तमाम दुनिया में उन का न कोई हामी होगा और न मददगार (74)
और इन (मुनाफे़की़न) में से बाज़ ऐसे भी हैं जो ख़़ुदा से क़ौल क़रार कर चुके थे कि अगर हमें अपने फज़ल (व करम) से (कुछ माल) देगा तो हम ज़रूर ख़ैरात किया करेगें और नेकोकार बन्दे हो जाएगें (75)
तो जब ख़ुदा ने अपने फज़ल (व करम) से उन्हें अता फरमाया-तो लगे उसमें बुख़्ल करने और कतराकर मुह फेरने (76)
फिर उनसे उनके ख़ामयाजे़ (बदले) में अपनी मुलाक़ात के दिन (क़यामत) तक उनके दिल में (गोया खुद) निफाक डाल दिया इस वजह से उन लोगों ने जो ख़़ुदा से वायदा किया था उसके खि़लाफ किया और इस वजह से कि झूठ बोला करते थे (77)
क्या वह लोग इतना भी न जानते थे कि ख़ुदा (उनके) सारे भेद और उनकी सरगोशी (सब कुछ) जानता है और ये कि ग़ैब की बातों से ख़ूब आगाह है (78)
जो लोग दिल खोलकर ख़ैरात करने वाले मोमिनीन पर (रियाकारी का) और उन मोमिनीन पर जो सिर्फ अपनी मशक्कत (मेहनत) की मज़दूरी पाते (शख़ी का) इल्ज़ाम लगाते हैं फिर उनसे मसख़रापन करते तो ख़़ुदा भी उन से मसख़रापन करेगा और उनके लिए दर्दनाक अज़ाब है (79)
(ऐ रसूल) ख़्वाह तुम उन (मुनाफिक़ों) के लिए मग़फिरत की दुआ मागों या उनके लिए मग़फिरत की दुआ न मागों (उनके लिए बराबर है) तुम उनके लिए सत्तर बार भी बखि़्शश की दुआ मांगोगे तो भी ख़ुदा उनको हरगिज़ न बख़्शेगा ये (सज़ा) इस सबब से है कि उन लोगों ने ख़़ुदा और उसके रसूल के साथ कुफ्र किया और ख़़ुदा बदकार लोगों को मंजि़लें मकसूद तक नहीं पहुँचाया करता (80)

10 अक्टूबर 2026

7 दिन पहले कार्यशाला से प्रेरित हुए और आज शोक हुआ तो कराया नेत्रदान

 

7 दिन पहले कार्यशाला से प्रेरित हुए और आज शोक हुआ तो कराया नेत्रदान
2. जिला बूंदी के ग्राम तालेड़ा में पहला नेत्रदान संपन्न

बूंदी जिले के जमीतपुरा ग्राम में पिछले दिनों नो बैग डे पर, राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में शाइन इंडिया फाउंडेशन व ईबीएसआर- बीबीजे चैप्टर के सहयोग से नेत्रदान के विषय पर कार्यशाला का आयोजन किया गया था । उस समय विद्यालय के स्टाफ में कार्यशाला के एवं संकल्प पत्र भरने वाले शिक्षकों के फोटोग्राफ अपने व्हाट्सअप स्टेटस पर लगाई थे ।

स्टेटस को देखकर शुक्रवार को ज़मीतपुरा के प्रिंस जैन ने अपने तालेडा निवासी मामा पवन जैन के आकस्मिक निधन पर, उनकी पत्नी नेहा जैन, और माँ धापू बाई को पवन के नेत्रदान के लिए समझाइश की । जिस पर परिवार के सदस्यों ने तुरंत ही सहमति दे दी ।

सूचना मिलते ही कोटा से, पवन के नेत्रदान के लिए, शाइन इंडिया फाउंडेशन की टीम,कार की व्यवस्था न होने पर एक्टिवा लेकर ग्राम तालेड़ा जिला बूंदी के लिए रवाना हुयी।  सूचना मिलने के एक घंटे में,टीम ने  परिवार के सदस्यों के बीच में नेत्रदान की प्रक्रिया संपन्न की । संस्था के बूंदी ज्योति मित्र इदरीस बोहरा ने बताया कि यह तालेड़ा ग्राम का प्रथम नेत्रदान है 

और ईमानदार मर्द और ईमानदार औरते उनमें से बाज़ के बाज़ रफीक़ है और नामज़ पाबन्दी से पढ़ते हैं और ज़कात देते हैं और ख़़ुदा और उसके रसूल की फरमाबरदारी करते हैं यही लोग हैं जिन पर ख़़ुदा अनक़रीब रहम करेगा बेषक ख़़ुदा ग़ालिब हिकमत वाला है

 और ईमानदार मर्द और ईमानदार औरते उनमें से बाज़ के बाज़ रफीक़ है और नामज़ पाबन्दी से पढ़ते हैं और ज़कात देते हैं और ख़़ुदा और उसके रसूल की फरमाबरदारी करते हैं यही लोग हैं जिन पर ख़़ुदा अनक़रीब रहम करेगा बेषक ख़़ुदा ग़ालिब हिकमत वाला है (71)
ख़़ुदा ने ईमानदार मर्दों और ईमानदारा औरतों से (बेहशत के) उन बाग़ों का वायदा कर लिया है जिनके नीचे नहरें जारी हैं और वह उनमें हमेषा रहेगें (बेहश्त अदन के बाग़ो में उम्दा उम्दा मकानात का (भी वायदा फरमाया) और ख़़ुदा की ख़़ुशनूदी उन सबसे बालातर है- यही तो बड़ी (आला दर्जे की) कामयाबी है (72)
ऐ रसूल कुफ़्फ़ार के साथ (तलवार से) और मुनाफिकों के साथ (ज़बान से) जिहाद करो और उन पर सख़्ती करो और उनका ठिकाना तो जहन्नुम ही है और वह (क्या) बुरी जगह है (73)
ये मुनाफे़क़ीन ख़़ुदा की क़समें खाते है कि (कोई बुरी बात) नहीं कही हालाकि उन लोगों ने कुफ्ऱ का कलमा ज़रूर कहा और अपने इस्लाम के बाद काफिर हो गए और जिस बात पर क़ाबू न पा सके उसे ठान बैठे और उन लोगें ने (मुसलमानों से) सिर्फ इस वजह से अदावत की कि अपने फज़ल व करम से ख़़ुदा और उसके रसूल ने दौलत मन्द बना दिया है तो उनके लिए उसमें ख़ैर है कि ये लोग अब भी तौबा कर लें और अगर ये न मानेगें तो ख़ुदा उन पर दुनिया और आखि़रत में दर्दनाक अज़ाब नाजि़ल फरमाएगा और तमाम दुनिया में उन का न कोई हामी होगा और न मददगार (74)
और इन (मुनाफे़की़न) में से बाज़ ऐसे भी हैं जो ख़़ुदा से क़ौल क़रार कर चुके थे कि अगर हमें अपने फज़ल (व करम) से (कुछ माल) देगा तो हम ज़रूर ख़ैरात किया करेगें और नेकोकार बन्दे हो जाएगें (75)
तो जब ख़ुदा ने अपने फज़ल (व करम) से उन्हें अता फरमाया-तो लगे उसमें बुख़्ल करने और कतराकर मुह फेरने (76)
फिर उनसे उनके ख़ामयाजे़ (बदले) में अपनी मुलाक़ात के दिन (क़यामत) तक उनके दिल में (गोया खुद) निफाक डाल दिया इस वजह से उन लोगों ने जो ख़़ुदा से वायदा किया था उसके खि़लाफ किया और इस वजह से कि झूठ बोला करते थे (77)
क्या वह लोग इतना भी न जानते थे कि ख़ुदा (उनके) सारे भेद और उनकी सरगोशी (सब कुछ) जानता है और ये कि ग़ैब की बातों से ख़ूब आगाह है (78)
जो लोग दिल खोलकर ख़ैरात करने वाले मोमिनीन पर (रियाकारी का) और उन मोमिनीन पर जो सिर्फ अपनी मशक्कत (मेहनत) की मज़दूरी पाते (शख़ी का) इल्ज़ाम लगाते हैं फिर उनसे मसख़रापन करते तो ख़़ुदा भी उन से मसख़रापन करेगा और उनके लिए दर्दनाक अज़ाब है (79)
(ऐ रसूल) ख़्वाह तुम उन (मुनाफिक़ों) के लिए मग़फिरत की दुआ मागों या उनके लिए मग़फिरत की दुआ न मागों (उनके लिए बराबर है) तुम उनके लिए सत्तर बार भी बखि़्शश की दुआ मांगोगे तो भी ख़ुदा उनको हरगिज़ न बख़्शेगा ये (सज़ा) इस सबब से है कि उन लोगों ने ख़़ुदा और उसके रसूल के साथ कुफ्र किया और ख़़ुदा बदकार लोगों को मंजि़लें मकसूद तक नहीं पहुँचाया करता (80)

09 अक्टूबर 2026

कोटा नगर निगम वार्ड 92 का चुनाव रद्द करवाने के मामले में, कोंग्रेस प्रत्याक्षी पदम् गौतम की याचिका पर सुनवाई के बाद जिला एवम सेशन न्यायधीश कोटा ने निर्वाचित पार्षद मुकेश शर्मा, निर्वाचन अधिकारी, पुलिस अधीक्षक कोटा नगर, कोटा ग्रामीण सहित अन्य प्रत्याक्षियों को नोटिस जारी कर आगामी 26 अक्टूबर को जवाब तलब किया है,

 

कोटा नगर निगम वार्ड 92 का चुनाव रद्द करवाने के मामले में, कोंग्रेस प्रत्याक्षी पदम् गौतम की याचिका पर सुनवाई के बाद जिला एवम सेशन न्यायधीश कोटा ने निर्वाचित पार्षद मुकेश शर्मा, निर्वाचन अधिकारी, पुलिस अधीक्षक कोटा नगर, कोटा ग्रामीण सहित अन्य प्रत्याक्षियों को नोटिस जारी कर आगामी 26 अक्टूबर को जवाब तलब किया है,
वार्ड 92 के चुनाव पर कोर्ट में चुनौती, देते हुए कांग्रेस प्रत्याशी पदम गौतम ने भाजपा पार्षद मुकेश शर्मा का निर्वाचन रद्द करने की मांग की है, कांग्रेस प्रत्याशी एवं अधिवक्ता पदम गौतम ने निर्वाचित भाजपा पार्षद मुकेश शर्मा के निर्वाचन को चुनौती देते हुए कोटा जिला न्यायालय के समक्ष चुनाव याचिका दायर की है। याचिका में मुकेश शर्मा का निर्वाचन शून्य घोषित कर रद्द करने की प्रार्थना की गई है। मामले में अगली सुनवाई 26 अक्टूबर 2026 को निर्धारित है। उपलब्ध चुनाव परिणाम के अनुसार वार्ड 92 से भाजपा के मुकेश 1,497 वोट लेकर 491 मतों से विजयी हुए थे, जबकि पदम कुमार गौतम को 908 वोट मिले थे।
पदम गौतम ने अधिवक्ता मनीष गुप्ता, हरीश शर्मा और अख्तर खान अकेला के माध्यम से नगर पालिका अधिनियम 2009 की धारा 31 के तहत याचिका प्रस्तुत की है। याचिका में भाजपा प्रत्याशी मुकेश शर्मा के अलावा धनराज शर्मा, अनिल कुमार, भानु प्रताप सिंह, सुरेश कुमार वैष्णव, भरत कुमार शर्मा तथा निर्वाचन अधिकारी रवि वर्मा और कोटा शहर एवं ग्रामीण के पुलिस अधीक्षकों को पक्षकार बनाया गया है।याचिकाकर्ता का आरोप है कि मुकेश शर्मा के विरुद्ध 19 जनवरी 2021 को कैथून थाना क्षेत्र में एफआईआर संख्या 13/2021, एनडीपीएस एक्ट की धारा 8/20 के तहत मामला दर्ज हुआ था। याचिका के अनुसार अनुसंधान के बाद चालान पेश किया गया तथा 18 अप्रैल 2023 को आरोप भी विरचित हो चुके थे।
पदम गौतम का दावा है कि नामांकन दाखिल करते समय उक्त आपराधिक प्रकरण विचाराधीन होने के बावजूद इसकी जानकारी कथित रूप से छिपाई गई। याचिका में यह भी आरोप लगाया गया है कि मुकेश शर्मा ने कोटा नगर पुलिस से चरित्र प्रमाण-पत्र प्राप्त किया।
याचिका में पदम गौतम ने आरोप लगाया है कि नामांकन जांच के दौरान आपत्ति दर्ज कराने के बावजूद उस पर उचित सुनवाई नहीं की गई। उनके अनुसार ऑनलाइन अपराध संबंधी जानकारी सामने आने पर नामांकन पत्र पर पहले ‘अस्वीकृत’ अंकित किया गया, लेकिन बाद में कथित रूप से ‘अ’ काटकर ओवरराइटिंग करते हुए नामांकन को स्वीकृत कर दिया गया।
याचिकाकर्ता ने इसे निर्वाचन प्रक्रिया और संबंधित नियमों का उल्लंघन बताते हुए कहा है कि कथित रूप से गलत तरीके से नामांकन स्वीकार किए जाने से वार्ड 92 का पूरा निर्वाचन प्रभावित हुआ और चुनाव परिणाम पर इसका ‘मेटेरियल इफेक्ट’ पड़ा।
अब इस पूरे मामले में न्यायालय के समक्ष याचिका पर सुनवाई होगी। 26 अक्टूबर की सुनवाई में अदालत के समक्ष रखे जाने वाले तथ्यों और दस्तावेजों पर आगे की स्थिति स्पष्ट होगी। के डी अब्बासी जर्नलिस्ट

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