कोटा नगर निगम वार्ड 92 का चुनाव रद्द करवाने के मामले में, कोंग्रेस प्रत्याक्षी पदम् गौतम की याचिका पर सुनवाई के बाद जिला एवम सेशन न्यायधीश कोटा ने निर्वाचित पार्षद मुकेश शर्मा, निर्वाचन अधिकारी, पुलिस अधीक्षक कोटा नगर, कोटा ग्रामीण सहित अन्य प्रत्याक्षियों को नोटिस जारी कर आगामी 26 अक्टूबर को जवाब तलब किया है,
वार्ड 92 के चुनाव पर कोर्ट में चुनौती, देते हुए कांग्रेस प्रत्याशी पदम गौतम ने भाजपा पार्षद मुकेश शर्मा का निर्वाचन रद्द करने की मांग की है, कांग्रेस प्रत्याशी एवं अधिवक्ता पदम गौतम ने निर्वाचित भाजपा पार्षद मुकेश शर्मा के निर्वाचन को चुनौती देते हुए कोटा जिला न्यायालय के समक्ष चुनाव याचिका दायर की है। याचिका में मुकेश शर्मा का निर्वाचन शून्य घोषित कर रद्द करने की प्रार्थना की गई है। मामले में अगली सुनवाई 26 अक्टूबर 2026 को निर्धारित है। उपलब्ध चुनाव परिणाम के अनुसार वार्ड 92 से भाजपा के मुकेश 1,497 वोट लेकर 491 मतों से विजयी हुए थे, जबकि पदम कुमार गौतम को 908 वोट मिले थे।
पदम गौतम ने अधिवक्ता मनीष गुप्ता, हरीश शर्मा और अख्तर खान अकेला के माध्यम से नगर पालिका अधिनियम 2009 की धारा 31 के तहत याचिका प्रस्तुत की है। याचिका में भाजपा प्रत्याशी मुकेश शर्मा के अलावा धनराज शर्मा, अनिल कुमार, भानु प्रताप सिंह, सुरेश कुमार वैष्णव, भरत कुमार शर्मा तथा निर्वाचन अधिकारी रवि वर्मा और कोटा शहर एवं ग्रामीण के पुलिस अधीक्षकों को पक्षकार बनाया गया है।याचिकाकर्ता का आरोप है कि मुकेश शर्मा के विरुद्ध 19 जनवरी 2021 को कैथून थाना क्षेत्र में एफआईआर संख्या 13/2021, एनडीपीएस एक्ट की धारा 8/20 के तहत मामला दर्ज हुआ था। याचिका के अनुसार अनुसंधान के बाद चालान पेश किया गया तथा 18 अप्रैल 2023 को आरोप भी विरचित हो चुके थे।
पदम गौतम का दावा है कि नामांकन दाखिल करते समय उक्त आपराधिक प्रकरण विचाराधीन होने के बावजूद इसकी जानकारी कथित रूप से छिपाई गई। याचिका में यह भी आरोप लगाया गया है कि मुकेश शर्मा ने कोटा नगर पुलिस से चरित्र प्रमाण-पत्र प्राप्त किया।
याचिका में पदम गौतम ने आरोप लगाया है कि नामांकन जांच के दौरान आपत्ति दर्ज कराने के बावजूद उस पर उचित सुनवाई नहीं की गई। उनके अनुसार ऑनलाइन अपराध संबंधी जानकारी सामने आने पर नामांकन पत्र पर पहले ‘अस्वीकृत’ अंकित किया गया, लेकिन बाद में कथित रूप से ‘अ’ काटकर ओवरराइटिंग करते हुए नामांकन को स्वीकृत कर दिया गया।
याचिकाकर्ता ने इसे निर्वाचन प्रक्रिया और संबंधित नियमों का उल्लंघन बताते हुए कहा है कि कथित रूप से गलत तरीके से नामांकन स्वीकार किए जाने से वार्ड 92 का पूरा निर्वाचन प्रभावित हुआ और चुनाव परिणाम पर इसका ‘मेटेरियल इफेक्ट’ पड़ा।
अब इस पूरे मामले में न्यायालय के समक्ष याचिका पर सुनवाई होगी। 26 अक्टूबर की सुनवाई में अदालत के समक्ष रखे जाने वाले तथ्यों और दस्तावेजों पर आगे की स्थिति स्पष्ट होगी। के डी अब्बासी जर्नलिस्ट
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें
दोस्तों, कुछ गिले-शिकवे और कुछ सुझाव भी देते जाओ. जनाब! मेरा यह ब्लॉग आप सभी भाईयों का अपना ब्लॉग है. इसमें आपका स्वागत है. इसकी गलतियों (दोषों व कमियों) को सुधारने के लिए मेहरबानी करके मुझे सुझाव दें. मैं आपका आभारी रहूँगा. अख्तर खान "अकेला" कोटा(राजस्थान)