आपका-अख्तर खान

हमें चाहने वाले मित्र

07 अक्टूबर 2026

रेल कर्मचारियों की समस्याएं महाप्रबंधक के सामने गूंजीं

 

रेल कर्मचारियों की समस्याएं महाप्रबंधक के सामने गूंजीं
महाप्रबंधक के सामने गूंजीं रेलकर्मियों की समस्याएं, नवंबर में जीडीसीई नोटिफिकेशन का आश्वासन
के डी अब्बासी
कोटा। वेस्ट सेंट्रल रेलवे मजदूर संघ की मुख्यालय स्तरीय स्थायी वार्ता तंत्र की बैठक में रेलकर्मियों से जुड़े कई ज्वलंत मुद्दे प्रमुखता से उठाए गए। महासचिव एवं एनएफआईआर के संयुक्त महासचिव अशोक शर्मा और जोनल अध्यक्ष सी.एम. उपाध्याय ने समस्याएं महाप्रबंधक के समक्ष रखीं।
बैठक में नवंबर में जीडीसीई कोटे का नोटिफिकेशन, ट्रांसफर पॉलिसी में सुधार, ट्रैकमैन से ड्रेन सफाई और कीमैन से घास कटाई का काम बंद कराने, दिसंबर तक महिला ट्रेकमेन्टेनर का विभाग परिवर्तन तथा कोटा रेलवे अस्पताल में फिजीशियन की नियुक्ति का आश्वासन मिला। गंगापुर सिटी रेलवे अस्पताल में महिला चिकित्सक की नियुक्ति, स्टेशनों-कॉलोनियों में सफाई व्यवस्था और विभागीय परीक्षाओं के लिए छह माह में आरआरबी कैलेंडर जारी करने पर भी सहमति बनी। आगामी माह पश्चिम मध्य रेलवे को 1800 ग्रुप-डी कर्मचारी मिलने की जानकारी दी गई।
बैठक में कोटा मंडल अध्यक्ष महेंद्र खींची, मंडल सचिव अब्दुल खालिक, कार्यकारी अध्यक्ष रामचरण मीणा, अनिल कुमार सैनी और विपिन बिहारी शर्मा मौजूद रहे

उनका परवरदिगार उनको अपनी मेहरबानी और ख़ुषनूदी और ऐसे (हरे भरे) बाग़ों की ख़ुशख़बरी देता है जिसमें उनके लिए दाइमी ऐश व (आराम) होगा (21) और ये लोग उन बाग़ों में हमेशा अब्दआलाबाद (हमेशा हमेशा) तक रहेंगे बेशक ख़ुदा के पास तो बड़ा बड़ा अज्र व (सवाब) है

 

उनका परवरदिगार उनको अपनी मेहरबानी और ख़ुषनूदी और ऐसे (हरे भरे) बाग़ों की ख़ुशख़बरी देता है जिसमें उनके लिए दाइमी ऐश व (आराम) होगा (21)
और ये लोग उन बाग़ों में हमेशा अब्दआलाबाद (हमेशा हमेशा) तक रहेंगे बेशक ख़ुदा के पास तो बड़ा बड़ा अज्र व (सवाब) है (22)

ऐ ईमानदारों अगर तुम्हारे माँ बाप और तुम्हारे (बहन) भाई ईमान के मुक़ाबले कुफ्ऱ को तरजीह देते हो तो तुम उनको (अपना) ख़ैर ख़्वाह (हमदर्द) न समझो और तुममें जो शख़्स उनसे उलफ़त रखेगा तो यही लोग ज़ालिम है (23)
(ऐ रसूल) तुम कह दो तुम्हारे बाप दादा और तुम्हारे बेटे और तुम्हारे भाई बन्द और तुम्हारी बीबियाँ और तुम्हारे कुनबे वाले और वह माल जो तुमने कमा के रख छोड़ा हैं और वह तिजारत जिसके मन्द पड़ जाने का तुम्हें अन्देशा है और वह मकानात जिन्हें तुम पसन्द करते हो अगर तुम्हें ख़ुदा से और उसके रसूल से और उसकी राह में जिहाद करने से ज़्यादा अज़ीज़ है तो तुम ज़रा ठहरो यहाँ तक कि ख़ुदा अपना हुक्म (अज़ाब) मौजूद करे और ख़ुदा नाफरमान लोगों की हिदायत नहीं करता (24)
(मुसलमानों) ख़ुदा ने तुम्हारी बहुतेरे मक़ामात पर (ग़ैबी) इमदाद की और (ख़ासकर) जंग हुनैन के दिन जब तुम्हें अपनी क़सरत (तादाद) ने मग़रूर कर दिया था फिर वह क़सरत तुम्हें कुछ भी काम न आयी और (तुम ऐसे घबराए कि) ज़मीन बावजूद उस वसअत (फैलाव) के तुम पर तंग हो गई तुम पीठ कर भाग निकले (25)
तब ख़़ुदा ने अपने रसूल पर और मोमिनीन पर अपनी (तरफ से) तसकीन नाजि़ल फरमाई और (रसूल की ख़ातिर से) फरिश्तों के लश्कर भेजे जिन्हें तुम देखते भी नहीं थे और कुफ़्फ़ार पर अज़ाब नाजि़ल फरमाया और काफिरों की यही सज़ा है (26)
उसके बाद ख़़ुदा जिसकी चाहे तौबा क़ुबूल करे और ख़़ुदा बड़ा बख़्शने वाला मेहरबान है (27)
ऐ ईमानदारों मुशरेकीन तो निरे नजिस हैं तो अब वह उस साल के बाद मस्जिदुल हराम (ख़ाना ए काबा) के पास फिर न फटकने पाएँ और अगर तुम (उनसे जुदा होने में) फक़रों फाक़ा से डरते हो तो अनकरीब ही ख़ुदा तुमको अगर चाहेगा तो अपने फज़ल (करम) से ग़नीकर देगा बेशक ख़ुदा बड़ा वाकि़फकार हिकमत वाला है (28)
एहले किताब में से जो लोग न तो (दिल से) ख़ुदा ही पर इमान रखते हैं और न रोज़े आखि़रत पर और न ख़ुदा और उसके रसूल की हराम की हुयी चीज़ों को हराम समझते हैं और न सच्चे दीन ही को एख़्तियार करते हैं उन लोगों से लड़े जाओ यहाँ तक कि वह लोग ज़लील होकर (अपने) हाथ से जजि़या दे (29)
यहूद तो कहते हैं कि अज़ीज़ ख़़ुदा के बेटे हैं और नुसैरा कहते हैं कि मसीहा (ईसा) ख़़ुदा के बेटे हैं ये तो उनकी बात है और (वह ख़ुद) उन्हीं के मुँह से ये लोग भी उन्हीं काफि़रों की सी बातें बनाने लगे जो उनसे पहले गुज़र चुके हैं ख़़ुद उनको क़त्ल (तहस नहस) करके (देखो तो) कहाँ से कहाँ भटके जा रहे हैं (30)

06 अक्टूबर 2026

विनती कोटा के रावण जी से ---ओम जी कटारा-------

 

विनती कोटा के रावण जी से ---ओम जी कटारा--------
रावण तुमको मरना होगा। मरना होगा, मरना होगा। हर हाल में जलना होगा । वर्ना सुसाइड करना होगा। दुनिया के सबसे ऊंचे हो। बामुश्किल इस कद पहुंचे हो। अखबारों में खूब छपे हो। जेबी चैनल रचे बसे हो। तुम्हें बनाया है जिसने। मन से देवता माना उसने। भ्रष्टाचार से डरना होगा। शिष्टाचार में रहना होगा। मन की बातें मन ही जाने। झूठ का दुखड़ा सहना होगा। कसम तुम्हें कचोरी की। कोचिंग के हमजोली की। हर हालत में खपना होगा। जलना होगा जलना होगा। रावण तुमको मरना होगा। असत्य पर सत्य की जीत का जश्न होगा। भले ही रावणी मन होगा। सत्य निश्चित ही खिन्न होगा। इस बार हमारी मान भी जाओ। पन्नालाल की पकोड़ी खाओ। अगली बार फिर आ जाना। गर्व से सीना तान डट जाना। बारिश आंधी बिजली ओले, इनसे ना घबराना। खबर मिलेगी रोज नई, अखबारी सुर्खी बन जाना। महिमामंडित नेताओं की कुर्सी पक्की कर जाना। लेकिन--- हम कहें वही करना होगा। रावण तुमको मरना होगा। मरना होगा मरना होगा। -ओम कटारा

उनका परवरदिगार उनको अपनी मेहरबानी और ख़ुषनूदी और ऐसे (हरे भरे) बाग़ों की ख़ुशख़बरी देता है जिसमें उनके लिए दाइमी ऐश व (आराम) होगा (21) और ये लोग उन बाग़ों में हमेशा अब्दआलाबाद (हमेशा हमेशा) तक रहेंगे बेशक ख़ुदा के पास तो बड़ा बड़ा अज्र व (सवाब) है

 

उनका परवरदिगार उनको अपनी मेहरबानी और ख़ुषनूदी और ऐसे (हरे भरे) बाग़ों की ख़ुशख़बरी देता है जिसमें उनके लिए दाइमी ऐश व (आराम) होगा (21)
और ये लोग उन बाग़ों में हमेशा अब्दआलाबाद (हमेशा हमेशा) तक रहेंगे बेशक ख़ुदा के पास तो बड़ा बड़ा अज्र व (सवाब) है (22)

ऐ ईमानदारों अगर तुम्हारे माँ बाप और तुम्हारे (बहन) भाई ईमान के मुक़ाबले कुफ्ऱ को तरजीह देते हो तो तुम उनको (अपना) ख़ैर ख़्वाह (हमदर्द) न समझो और तुममें जो शख़्स उनसे उलफ़त रखेगा तो यही लोग ज़ालिम है (23)
(ऐ रसूल) तुम कह दो तुम्हारे बाप दादा और तुम्हारे बेटे और तुम्हारे भाई बन्द और तुम्हारी बीबियाँ और तुम्हारे कुनबे वाले और वह माल जो तुमने कमा के रख छोड़ा हैं और वह तिजारत जिसके मन्द पड़ जाने का तुम्हें अन्देशा है और वह मकानात जिन्हें तुम पसन्द करते हो अगर तुम्हें ख़ुदा से और उसके रसूल से और उसकी राह में जिहाद करने से ज़्यादा अज़ीज़ है तो तुम ज़रा ठहरो यहाँ तक कि ख़ुदा अपना हुक्म (अज़ाब) मौजूद करे और ख़ुदा नाफरमान लोगों की हिदायत नहीं करता (24)
(मुसलमानों) ख़ुदा ने तुम्हारी बहुतेरे मक़ामात पर (ग़ैबी) इमदाद की और (ख़ासकर) जंग हुनैन के दिन जब तुम्हें अपनी क़सरत (तादाद) ने मग़रूर कर दिया था फिर वह क़सरत तुम्हें कुछ भी काम न आयी और (तुम ऐसे घबराए कि) ज़मीन बावजूद उस वसअत (फैलाव) के तुम पर तंग हो गई तुम पीठ कर भाग निकले (25)
तब ख़़ुदा ने अपने रसूल पर और मोमिनीन पर अपनी (तरफ से) तसकीन नाजि़ल फरमाई और (रसूल की ख़ातिर से) फरिश्तों के लश्कर भेजे जिन्हें तुम देखते भी नहीं थे और कुफ़्फ़ार पर अज़ाब नाजि़ल फरमाया और काफिरों की यही सज़ा है (26)
उसके बाद ख़़ुदा जिसकी चाहे तौबा क़ुबूल करे और ख़़ुदा बड़ा बख़्शने वाला मेहरबान है (27)
ऐ ईमानदारों मुशरेकीन तो निरे नजिस हैं तो अब वह उस साल के बाद मस्जिदुल हराम (ख़ाना ए काबा) के पास फिर न फटकने पाएँ और अगर तुम (उनसे जुदा होने में) फक़रों फाक़ा से डरते हो तो अनकरीब ही ख़ुदा तुमको अगर चाहेगा तो अपने फज़ल (करम) से ग़नीकर देगा बेशक ख़ुदा बड़ा वाकि़फकार हिकमत वाला है (28)
एहले किताब में से जो लोग न तो (दिल से) ख़ुदा ही पर इमान रखते हैं और न रोज़े आखि़रत पर और न ख़ुदा और उसके रसूल की हराम की हुयी चीज़ों को हराम समझते हैं और न सच्चे दीन ही को एख़्तियार करते हैं उन लोगों से लड़े जाओ यहाँ तक कि वह लोग ज़लील होकर (अपने) हाथ से जजि़या दे (29)
यहूद तो कहते हैं कि अज़ीज़ ख़़ुदा के बेटे हैं और नुसैरा कहते हैं कि मसीहा (ईसा) ख़़ुदा के बेटे हैं ये तो उनकी बात है और (वह ख़ुद) उन्हीं के मुँह से ये लोग भी उन्हीं काफि़रों की सी बातें बनाने लगे जो उनसे पहले गुज़र चुके हैं ख़़ुद उनको क़त्ल (तहस नहस) करके (देखो तो) कहाँ से कहाँ भटके जा रहे हैं (30)

05 अक्टूबर 2026

करवा चौथ-धनतेरस पर चुनाव ड्यूटी से कर्मचारी परेशान, तिथियां बदलने की मांग

 

करवा चौथ-धनतेरस पर चुनाव ड्यूटी से कर्मचारी परेशान, तिथियां बदलने की मांग
के डी अब्बासी
कोटा। राजस्थान राज्य कर्मचारी संयुक्त महासंघ लोकतांत्रिक ने मुख्यमंत्री और राज्य निर्वाचन आयोग के नाम अतिरिक्त जिला कलेक्टर कोटा विनोद कुमार मल्होत्रा को ज्ञापन सौंपकर पंचायत चुनाव की तिथियों में बदलाव की मांग की।
कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष रामरतन सामरिया ने कहा कि 29 अक्टूबर को करवा चौथ और 7 नवंबर को धनतेरस के अवसर पर चुनाव ड्यूटी होने से कर्मचारी-अधिकारियों को परिवार के साथ त्योहार मनाने में परेशानी होगी। उन्होंने मांग की कि कर्मचारी हित और धार्मिक भावनाओं को ध्यान में रखते हुए चुनाव तिथियों में आवश्यक परिवर्तन किया जाए। सामरिया ने कहा कि मांग नहीं मानी गई तो कर्मचारियों में नाराजगी बढ़ सकती है। ज्ञापन के दौरान जोधराज मीणा, धीरज महावर, हनुमान मालव, कपिस मीणा, शेर सिंह मीणा, खुशी राम टांक, कुलदीप मीणा व महेश कुमार सेन सहित कर्मचारी नेता मौजूद रहे।

Related Posts Plugin for WordPress, Blogger...