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23 अक्टूबर 2026

छत्तीस क़ौमों के ऐतिहासिक कोटा मेले को दागदार करके , समुदाय ,, भाषा के आधार पर , बदनाम करने की साज़िश करने वालों के मुख पर कालिख पुती है

 छत्तीस क़ौमों के ऐतिहासिक कोटा मेले को दागदार करके , समुदाय ,, भाषा के आधार पर , बदनाम करने की साज़िश करने वालों के मुख पर कालिख पुती है ,, महापौर कोटा अनुसुइया गोस्वामी ने खुद अपने हाथों में व्यवस्थाएं नियंत्रित की है , जो मेले को दागदार बनाने के साज़िशकर्ता रहे , उन्हें , मेले की व्यवस्थाओं को छूने भी नहीं दिया ,, महापौर कोटा ने बता दिया कि ,,महापोर का पद ही सर्वोपरि है , धन , बल , अनुभवों का रोना रोकर कोई भी महापौर के हक़ , अधिकार , रुतबे को कम करते हुए अतिक्रमित नहीं कर सकता , और यही वजह रही की मेले की शुरआत के पहले दशहरे में विजयादशमी के दिन ,, जो पहले रावण के पुतले को सर्वाधिक ऊँचा बनाने का अनुभवहीन जूनून था , जिसकी वजह से कोटा दशहरे में मुख्यमंत्री भजनलाल जी के सामने कोटा की किरकरी हुई ,, रावण जला नहीं , घटनाओं के साथ दुर्घटनायें होती होती बचीं ,,, और मेले के बाद कार्यक्रमों के कारण भी बदनामी हुई , दुकानों में लूटपाट ,, की शिकायतें आम हुईं , कई लोगों ने कोटा मेले के आमद , खर्च , दूकान आवंटन , कार्यक्रम खर्च वगेरा के मामले में , ऐंटी करप्पशन से भी जांच कराने की भी मांग की , लेकिन इस बार खुद महापौर अनुसईया गोस्वामी के हाथों में अधिकारों का अतिक्रमण करने वालों से अलग हटकर , सम्पूर्ण व्यवस्थाएं है , खुद महापौर अपने अधीनस्थों और तजुर्बेकारों से मशवरा कर व्यवस्थाएं देख रही हैं , ऐसे में उन्होंने कई व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने का प्रयास किया है , मेले के कई बिगड़े हालातों में सकारात्मक सुधार किया है , ,कार्यक्रमों की सूचि रेडीमेड बनाकर उनके हाथों में सौंपी गई थी , तो उसमे तो वोह क्या पर पातीं , लेकिन कवि सम्मेलन में उर्दू शायरा ,, मशहूर शायर स्वर्गीय राहत इन्दोरी की पूर्व पत्नी श्रीमती अंजुम रहबर को बुलाने की स्वीकृति ,, कवि सम्मेलन कार्य्रकम में चार चाँद लगा देने जैसा है यह मेला छत्तीस क़ौमों का है यह तो नहीं कहा जा सकता , लेकिन जिन हालातों में उनके हाथों में कार्यक्रमों की सूचि थी , उसमे मेले को छत्तीस क़ौमों की तरह बनांने का प्रयास तो है , अन्य कार्यक्रमों की छीजत को भी उन्होंने जांचा है, निजी तौर पर खंगाला है, खेर ,,कहते हैं , ना लड़की हूँ कर सकती हूँ , वही काम महापौर अनुसुइया गोस्वामी कर रही हैं , उन्हें अबला समझकर कोई अनुभवों के नाम पर , उनके अधिकारों को पूर्व की तरह अतिक्रमित कर खुद को कोई बढ़ा साबित करना चाहे तो यह गलत फहमियां उन्होंने निकाल दी है , उन्होंने साबित कर दिया है के वोह बेहतर प्रबंधन जानती है , बेहतर मेला भरवा सकती हैं , पार्टी ,, पार्टी के नेताओं और विपक्ष में भी सामंजस्य बिठाकर कोटा के संरक्षण , सफाई व्यवस्था , मेले के बेहतर प्रबंधन के लिए अपने ,, अपने निजी सलाहकारों के दम पर पहले के लोगों से बेहतर कर सकती है , उन्हें चमचे , चापलूसों , अधिकारों का अतिक्रमण कर खुद को ही ,, हम ही सब कर रहे ,हैं ऐसे प्रचारको से अलग रखकर वोह बेहतर करने का प्रयास कर रही हैं , और अगर ऐसा ही कठोर नियंत्रित प्रबन्धन चला तो ठेकेदारों की कमीशन खोरी , ठेके दिलाने के नाम पर रुतबागीरी , वगेरा वगेरा जैसे कई लोगों की दुकाने बंद हो जाएंगी , और अनुसुइया गोस्वामी बेहतर प्रबंधक के रूप में बोल्ड महापौर के रूप में अपनी इमेज बनाकर सर्वश्रेष्ठ खुद को साबित करने में सफल हो जाएंगी ,, ,,अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान 9829086339

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