रोशनी के लिए पूरी रात दौड़ी कोटा की टीम, 330 किमी सफर में कराए दो नेत्रदान
तेज बारिश भी नहीं रोक पाई सेवा—चार दृष्टिहीनों के जीवन में रोशनी की उम्मीद
कोटा। नेत्रदान की सूचना मिलते ही शाइन इंडिया फाउंडेशन की टीम ने तेज बारिश और लंबी दूरी की परवाह किए बिना पूरी रात सफर किया और करीब 330 किलोमीटर की यात्रा में दो दिवंगतों के नेत्रदान संपन्न करवाए। इन दोनों नेत्रदानों से चार दृष्टिहीन लोगों के जीवन में रोशनी आने की उम्मीद बनी है।
रविवार को कोटा से करीब 130 किलोमीटर दूर गरोठ (मध्यप्रदेश) में प्रहलाद जोशी के निधन की सूचना मिली। परिजनों ने तत्काल नेत्रदान की सहमति दी। तेज बारिश के बीच टीम गरोठ पहुंची और रात करीब 1 बजे डॉ. कुलवंत गौड़ ने नेत्रदान प्रक्रिया संपन्न कराई।
टीम के कोटा लौटते ही बूंदी से किरण जैन के नेत्रदान की सूचना मिली। कुछ देर विश्राम के बाद टीम फिर 35 किलोमीटर का सफर तय कर बूंदी पहुंची और सुबह उनका नेत्रदान संपन्न करवाया। उल्लेखनीय है कि किरण जैन के पति स्वर्गीय सुरेश कुमार जैन का भी एक वर्ष पूर्व नेत्रदान हुआ था।
डॉ. कुलवंत गौड़ ने कहा, “हमारे लिए नेत्रदान की हर सूचना किसी की आंखों में रोशनी पहुंचाने का संदेश है। दूरी, रात या मौसम—इनमें से कोई भी चीज उस रोशनी की राह में बाधा नहीं बन सकती।”
तुम अपने किरदार को इतना बुलंद करो कि दूसरे मज़हब के लोग देख कर कहें कि अगर उम्मत ऐसी होती है,तो नबी कैसे होंगे? गगन बेच देंगे,पवन बेच देंगे,चमन बेच देंगे,सुमन बेच देंगे.कलम के सच्चे सिपाही अगर सो गए तो वतन के मसीहा वतन बेच देंगे.
14 सितंबर 2026
रोशनी के लिए पूरी रात दौड़ी कोटा की टीम, 330 किमी सफर में कराए दो नेत्रदान
सदस्यता लें
टिप्पणियाँ भेजें (Atom)
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें
दोस्तों, कुछ गिले-शिकवे और कुछ सुझाव भी देते जाओ. जनाब! मेरा यह ब्लॉग आप सभी भाईयों का अपना ब्लॉग है. इसमें आपका स्वागत है. इसकी गलतियों (दोषों व कमियों) को सुधारने के लिए मेहरबानी करके मुझे सुझाव दें. मैं आपका आभारी रहूँगा. अख्तर खान "अकेला" कोटा(राजस्थान)