कोटा में इमाम अहमद रज़ा कॉन्फ्रेंस का आयोजन, उलेमा ने दिया तालीम और अमन का संदेश
कोटा। वल्लभ नगर स्थित दरगाह हज़रत जंगलीशाह बाबा में रविवार को इमाम अहमद रज़ा कॉन्फ्रेंस का आयोजन हुआ। कार्यक्रम दारुल उलूम फैज़ानूर्रसूल, रज़ा चौक, साजीदेहड़ा, कोटा के तत्वावधान में हुआ। कार्यक्रम सय्यद तफउजुर्रहमान साहब, इमाम शाही जामा मस्जिद, चन्द्रघाटा, कोटा की सरपरस्ती में आयोजित किया गया। दारुल उलूम फैज़ानूर्रसूल के हज़रत अल्लामा मौलाना हाफिज व कारी मोहम्मद इदरीस रज़ा साहब ने बताया कि कॉन्फ्रेंस में देश के विभिन्न राज्यों से आए उलेमा-ए-किराम और इस्लामी विद्वानों ने शिरकत की। उन्होंने इमाम अहमद रज़ा खान के जीवन, शिक्षा, धार्मिक सेवाओं और समाज के लिए दिए गए संदेश पर विचार रखे। कॉन्फ्रेंस में मेवात, हरियाणा के खतीब-ए-मिल्लत मुफ्ती इस्हाक साहब, मौलाना फ़ज़लेहक, मौलाना अलाउद्दीन अशरफ़ी, मुफ़्ती यामीन, मुफ़्ती सलीम, मौलाना रौनक़, हज़रत अल्लामा मौलाना अज़हर आलम अशरफ़ी, हज़रत अल्लामा मौलाना इरशाद रज़ा, कारी इकबाल निज़ामी, मौलाना नौशाद आलम और यूसुफ़ रज़ा सहित अन्य उलेमा मौजूद रहे। तालीम को बताया तरक्की का जरिया खतीब-ए-मिल्लत मुफ्ती इस्हाक साहब ने कहा कि आला हज़रत इमाम अहमद रज़ा खान का पैग़ाम इल्म और तालीम को बढ़ावा देना था। उन्होंने कहा कि ऐसी तालीम हासिल की जानी चाहिए, जिससे ज्ञान के साथ अच्छे अख़लाक़, अनुशासन, देश से मोहब्बत और इंसानियत की सेवा का जज़्बा पैदा हो। शिक्षित और नेक किरदार युवा ही समाज और मुल्क की असली ताकत बन सकता है। मौलाना हाफिज व कारी मोहम्मद इदरीस रज़ा साहब ने बताया कि इमाम आला हज़रत के संदेश को आगे बढ़ाने के लिए करीब 100 बच्चियों को दीनी तालीम दी जा रही है। उन्होंने कहा कि बच्चों की शिक्षा के साथ उनकी तरबियत पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। कार्यक्रम के समापन पर उपस्थित लोगों के लिए लंगर की व्यवस्था की गई। इसके बाद उर्स-ए-आला हज़रत के कुल शरीफ का आयोजन हुआ। इसमें देश में अमन-ओ-अमान, खुशहाली और अच्छी बारिश के लिए दुआ की गई।
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