राजस्थान रचनाकार परिचय कोश
513. ललित गर्ग, किशनगढ़
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विख्यात साहित्यकार,पत्रकार, लेखक, समाजसेवी ललित गर्ग का जन्म 24सितम्बर 1964 को प्रतिष्ठित साहित्यकार स्व. रामस्वरूप गर्ग एवं माता श्रीमती चंद्रप्रभा देवी गर्ग के यहां ननिहाल किशनगढ़ , अजमेर में हुआ। बी.कॉम., पत्रकारिता में डिप्लोमा की शिक्षा प्राप्त की है। हिंदी, अंग्रेजी भाषाओं के ज्ञाता विगत चालीस वर्षों से नियमित समाचार पत्रों में लेखन, संवाद लेखन, पुस्तक समीक्षा एवं साक्षात्कार का विशेष अनुभव रखते हैं। पत्र पत्रिकाओं के संपादन में विशेष पहचान बनाई है। समसामयिक विषयों पर विगत दो दशक से नवभारत टाइम्स के स्पीकिंग ट्री एवं दैनिक जागरण के ऊर्जा कॉलम सहित अनेक दैनिक समाचार पत्रों में नियमित आध्यात्मिक लेखों का प्रकाशन होता है।
लेखन के साथ-साथ संपादन कला में विशेष दक्ष होने से अणुव्रत पाक्षिक का लगभग दो दशक तक संपादन करने के साथ-साथ आपने तेरापंथ टाइम्स एवं युवादृष्टि का संपादकीय कार्य लंबे समय तक किया है। आपके संपादन में प्रकाशित आध्यात्मिक विचारों से ओतप्रोत पत्रिका 'समृद्ध सुखी परिवार' बहुत चर्चित रही है। श्री विजय इन्द्र टाइम्स मासिक, समाज दर्पण, अनुभूति, दृष्टि, निर्गुण चदरिया (आचार्य श्री महाश्रमण अमृत महोत्सव स्मारिका), आचार्य महाप्रज्ञ प्रवास समिति पत्रिका, स्वर्णिम आभा सूरज की, गाथा पुरुषार्थ की, आध्यात्मिक संपादक 'उदय इंडिया' राष्ट्रीय अंग्रेजी/हिन्दी साप्ताहिक, अतिथि संपादक युवादृष्टि, किसान यात्रा संदेश आदि अनेक पत्र पत्रिकाओं का संपादन किया है। वे विगत लंबे वर्षों से 'लोकतंत्र की बुनियाद' मासिक एवं 'सफर आपके साथ' मासिक के संपादकीय सलाहकार हैं।
सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ-साथ साहित्यिक मंच के तहत समय-समय पर लेखक गोष्ठियाँ एवं साहित्यकारों के सम्मान के अनेक कार्यक्रम आयोजित किए। विद्या भारती संस्था के साथ सक्रिय रूप से जुड़े हुए हैं। दिल्ली से वे अखिल भारतीय स्तर पर विद्या भारती के विद्वत परिषद के सदस्य हैं एवं दिल्ली के संवाददाता प्रमुख हैं। आप राजभाषा समिति, गृह मंत्रालय, भारत सरकार के सदस्य रह चुके हैं। वर्तमान में सूर्यनगर एज्यूकेशनल सोसायटी (रजि.) एवं उसके द्वारा संचालित प्लैटिनम वैली इंटरनेशनल स्कूल, सूर्यनगर (गाजियाबाद) के कार्यकारी अध्यक्ष हैं और अणुव्रत महासमिति एवंजैन विश्वभारती, दिल्ली जैसी अनेक प्रतिष्ठित संस्थाओं से संबद्ध हैं।
आपका अणुव्रत आंदोलन के व्यापक प्रचार-प्रसार एवं आचार्य तुलसी, आचार्य महाप्रज्ञ एवं वर्तमान में आचार्य महाश्रमण के मिशन एवं कार्यक्रमों को आगे बढ़ाने में अद्वितीय योगदान है। वर्ष 2006 में आपने आदिवासी जनजीवन के प्रेरक जैन संत गणि राजेन्द्र विजय के नेतृत्व में आदिवासी उत्थान एवं उन्नयन के साथ-साथ परिवार संस्था को मजबूती देने के लिए सुखी परिवार अभियान का सूत्रपात किया। इसी के लिए सुखी परिवार फाउंडेशन को संगठित किया एवं गुजरात के आदिवासी अंचल कवांट, बलद गांव एवं बोडेली में शिक्षा, सेवा और जनकल्याण की वृहद् योजनाओं को आकार दिया।
आपकी प्रकाशित पुस्तकों में 'शब्द की यात्रा' एवं 'जीवन का कल्पवृक्ष' है। एक सम्पादित कृति "विनिबंध : कला,संस्कृति और पर्यटन के सशक्त हस्ताक्षर डॉ. प्रभात कुमार सिंघल" प्रकाशित हुई है। लेखन एवं पत्रकारिता में उल्लेखनीय सेवाओं के लिए अनेक पुरस्कार एवं सम्मान प्राप्त हुए हैं। मुख्य सम्मान आचार्य महाप्रज्ञ प्रतिभा पुरस्कार एक लाख रुपए राष्ट्रीय चेतना पुरस्कार , अणुव्रत लेखक पुरस्कार इक्यावन हजार, लायंस इंटरनेशनल के डिस्ट्रिक्ट 321 ए-1 के करीब 100 क्लबों में सर्वश्रेष्ठ अध्यक्ष का सम्मान एवं जोनल में भीसर्वश्रेष्ठ अध्यक्ष का सम्मान प्राप्त हुए हैं। वर्तमान में आप दिल्ली में निवास कर लेखन, संपादन और पत्रकारिता में सक्रिय हैं।
संपर्क :
ए-56-ए, लाजपत नगर सेकंड, एमएमटीसी शोरूम के ऊपर, सेंट्रल मार्केट, नई दिल्ली 110024
मो. 98110 51133
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डॉ. प्रभात कुमार सिंघल, कोटा
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