पोते ने प्रेरित किया तो,संपन्न हुआ नेत्रदान
हाडोती समाज में शाइन
इंडिया फाउंडेशन,पिछले काफी समय से देश के अलग-अलग विश्वविद्यालय के
छात्रों को समाज सेवा में निशुल्क इंटर्नशिप कराती है । इसी इंटर्नशिप में
थोड़े समय पहले महावीर नगर तृतीय निवासी पुलकित अग्रवाल ने भी भाग लिया था,
इस दौरान उन्होंने नेत्रदान की कार्यशालाओं के आयोजन के साथ-साथ घर,
परिवार,दोस्तों और रिश्तेदारों के नेत्रदान संकल्प पत्र भी भरवाये थे।
पुलकित
वर्तमान में देहरादून के एक निजी कॉलेज में अध्ययन कर रहे हैं, दादी मां
अयोध्या देवीके निधन की सूचना जैसे ही उन्हें मिली, उन्होंने तुरंत अपने
पिता गजेंद्र और ताऊ जी नवीन अग्रवाल को दादी मां के नेत्रदान करवाने के
लिए समझाया ।
अयोध्या ने स्वयं ने अपनी इच्छा से प्रेरित होकर
नेत्रदान का संकल्प पत्र भरा हुआ था,इसीलिये बेटे नवीन,गजेंद्र और बेटियों
शारदा,चंदा,हेमंत ने भी तुरंत ही नेत्रदान का निर्णय ले लिया । सभी की
सहमति से निवास स्थान पर नेत्रदान की प्रक्रिया शाइन इंडिया फाउंडेशन के
सहयोग से संपन्न हुई।
तुम अपने किरदार को इतना बुलंद करो कि दूसरे मज़हब के लोग देख कर कहें कि अगर उम्मत ऐसी होती है,तो नबी कैसे होंगे? गगन बेच देंगे,पवन बेच देंगे,चमन बेच देंगे,सुमन बेच देंगे.कलम के सच्चे सिपाही अगर सो गए तो वतन के मसीहा वतन बेच देंगे.
22 जनवरी 2026
पोते ने प्रेरित किया तो,संपन्न हुआ नेत्रदान
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