बारां शहर में एक सप्ताह में पांचवा नेत्रदान संपन्न
2. संतोष भरी आंखों से परिजनों ने देखी नेत्रदान की प्रक्रिया
कोटा
संभाग में शाइन इंडिया फाउंडेशन के नेत्रदान जागरूकता अभियान से, अब न
सिर्फ शहरों में बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में भी नेत्रदान का प्रतिशत काफ़ी
बढ़ने लगा है। इसीलिए कोटा को अब नेत्रदानी नगरी के नाम से भी जाना जाता
है
हाड़ौती संभाग में,चिकित्सकों के माध्यम,जैसे ही किसी की मृत्यु
की पुष्टि होती है,शोकाकुल परिजन तुरंत ही प्रयास करते हैं कि,शाइन इंडिया
फाउंडेशन को संपर्क कर तुरंत ही दिवंगत के नेत्रदान करवा दिए जायें।
बीते
दिनों यही प्रयास,बारां शहर में शोकाकुल परिवार की ओर से किया गया,जिसमें
परिजनों ने अपने दिवंगत परिजनों के नेत्रदान करवाने के लिए आधे घंटे में
संस्था के सदस्यों को संपर्क किया।
बुधवार देर रात,बारां शहर के
उत्तम कॉलोनी निवासी कौशल्या देवी अग्रवाल का देर रात देहावसान हो गया।
पुत्र विशाल एवं विपिन अग्रवाल ने माँ की सेवा भावना से प्रेरित होकर
नेत्रदान करवाने का निर्णय लिया ।
सूचना मिलते ही शाइन इंडिया
फाउंडेशन के शहर संयोजक हितेश खंडेलवाल ने कोटा में डॉ. कुलवंत गौड़ को
सम्पर्क कर नेत्रदान प्रक्रिया को संपन्न करवाया । नेत्रदान प्रक्रिया के
दौरान परिवार की कई महिलाएं और कौशल्या की पांच बेटियों विमला, कृष्णा,
रेखा, इंद्रा, अंतिमा सहित कई परिजन उपस्थित रहे।
संस्था संस्थापक
डॉ कुलवंत गौड़ ने बताया कि,बारां शहर से यह सप्ताह में चौथा,और माह का
पाँचवाँ नेत्रदान है । जो यह बताता है कि,धीरे-धीरे नेत्रदान के प्रति
शहरवासियों में सकारात्मक सोच बढ़ती जा रही है ।
नेत्रदान
प्रक्रिया के बाद डॉ गौड़ ने उपस्थित पुरुषों और महिलाओं को नेत्रदान से
जुड़ी समस्त जानकारी प्रदान की, संतोष,सुकून भरी आंखों से सभी ने दिवंगत
कौशल्या के इस पुण्य दान की महिमा को सुना ।
तुम अपने किरदार को इतना बुलंद करो कि दूसरे मज़हब के लोग देख कर कहें कि अगर उम्मत ऐसी होती है,तो नबी कैसे होंगे? गगन बेच देंगे,पवन बेच देंगे,चमन बेच देंगे,सुमन बेच देंगे.कलम के सच्चे सिपाही अगर सो गए तो वतन के मसीहा वतन बेच देंगे.
30 अक्टूबर 2025
बारां शहर में एक सप्ताह में पांचवा नेत्रदान संपन्न
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