दान में मिली आँख से लौटी रोशनी,परिवार में फिर से लौटी खुशियाँ
2. दान की आंख से मिली रोशनी,उसी आंख से भरा नेत्रदान संकल्प पत्र
3. आठ नेत्रदान,10 जागरूकता कार्यशालाओं के साथ नेत्रदान पखवाड़े का समापन
ग्राम
कँवलदा,तहसील पीपल्दा जिला कोटा निवासी पिंकेश मीना पिछले 3 वर्षों से
अपनी दांई आँख की पुतली (कॉर्निया) खराब हो जाने से, काफी परेशान थी। दूसरी
बाई आंख पर ही ज्यादा जोर आने से, सिरदर्द रहना और धुंधला दिखाई देने की
समस्या हो रही थी ।
पेशे
से किसान,पिंकेश के पति बुद्धिप्रकाश मीणा,3 सालों से लगातार कई सारे नेत्र
चिकित्सकों को दिखा चुके थे । इसके उपरांत नेत्र सर्जन डॉ सुधीर गुप्ता और
कार्निया प्रत्यारोपण सर्जन डॉ अरनव सरोया,ने पिंकेश के कॉर्निया
प्रत्यारोपण के लिये संस्था शाइन इंडिया फाउंडेशन को संपर्क किया ।
संस्था
अध्यक्ष डॉ कुलवंत गौड़ ने पास राज्य के शहर नीमच के सहयोगी अस्पताल
गोमाबाई नेत्रालय में,पिंकेश का कॉर्निया प्रत्यारोपण करा दिया । पिंकेश को
दान में मिली आँख की पुतली को लगाए हुऐ,एक माह का समय हो चुका है,उनकी
आंखों में 60% से अधिक रोशनी आ चुकी है, जो कि समय के साथ और तेजी से बढ़
सकती हैं।
आज तक पिंकेश
अपना काम अच्छे से कर पा रही है, तो परिवार के सभी लोगों को बहुत खुशी हुई,
बेटी प्रज्ञा और बेटे उज्जवल ने पूरे गांव के लोगों को जाकर बताया कि,
उनकी माँ को जो आंखे मिली है,वह इस दुनिया में नहीं है,पर उनकी आँखो से माँ
देख रही है ।
नेत्रदाता
को धन्यवाद देते हुए,पिंकेश मीणा ने बताया कि,आँख खराब हो जाने के बाद वह
तो, यह सोच चुकी थी कि,शायद ही अब दोबारा मेरी इस आँख में रोशनी आ सकेगी,
दोबारा आंख लगने पर ही मैं नेत्रदान के बारे में जान पायी हूं,और अब मैं
रोज भगवान की प्रार्थना में नेत्रदाता को धन्यवाद देती हूं,उन्हीं की वजह
से ही मेरे अंधेरे जीवन में फिर रौशनी और परिवार में खुशहाली आयी है ।
आज
नेत्रदान पखवाड़े में, पिंकेश ने अपने पति बुद्धि प्रकाश के साथ शाइन
इंडिया के कार्यालय में, आकर नेत्रदान का संकल्प पत्र भरा । दोनों ने प्रण
लिया है कि,जब तक वह जीवित है,नेत्रदान के लिए लोगों को जागरूक करते रहेंगे
।
40वें नेत्रदान पखवाड़े
के समापन पर शाइन इंडिया की सचिव डॉ संगीता गौड़ ने बताया कि, संभाग स्तर
पर चलाए गए जागरूकता अभियान से पखवाड़े में आठ नेत्रदान एवं 10 जागरूकता
कार्यशालाएं संपन्न हुई ।
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