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27 मार्च 2023

कोटा में निजी चिकित्सालयो का निर्माण आवासीय क्षेत्रों में, नियम कायदे ताक पर

 

कोटा में निजी चिकित्सालयो का निर्माण आवासीय क्षेत्रों में, नियम कायदे ताक पर
खुद नियम विरुद्ध फिर भी सरकार एवं आम जनता से पंगा
अतिक्रमण दस्ता कुंभकरणी निद्रा में
मंत्री परसादी लाल मीणा की दो टूक, आरटीएच बिल वापस नहीं लेंगे,
अंजू कमल शर्मा
कोटा। कोटा शहर में विभिन्न क्षेत्र में स्थित निजी चिकित्सालय कोटा शहर की पॉश कॉलोनियों में आवासीय क्षेत्रों में संचालित है जिसके तहत नगर निगम के नियम कायदे ताक पर रखकर उनका निर्माण किया गया है नहीं तो सेटबैक छोड़ा गया है, अतिक्रमण से रोड से खड़ा कर दिया गया है नगर निगम एवं जिला प्रशासन इनके खिलाफ अतिक्रमण की कार्रवाई आखिर कब करेगा यह यक्ष प्रश्न बना हुआ है
कोटा शहर के विभिन्न क्षेत्रों में जिला प्रशासन, निगम प्रशासन की आंखों में धूल झोंक कर संचालित हो रहे निजी चिकित्सालय आवासीय कॉलोनी में आवासीय भवनों में ही संचालित है जबकि चिकित्सालयो को आवासीय कॉलोनियों से दूर कमर्शियल क्षेत्र में ही संचालित किया जा सकता है किंतु निजी चिकित्सालय सरकार को धता बताते हुए आवासीय क्षेत्र में ही अतिक्रमण कर संचालित हो रहे हैं किसी ने अपने पट्टे से आगे 20 से 30 फीट तक बड़ा रखा है और सड़क की चौड़ाई भी कम कर दी है वहीं कई चिकित्सालय ने एवं जांच केंद्रों ने अपने जनरेटर भी सरकार की सड़क पर रख दिए हैं
विज्ञाननगर क्षेत्र में स्थित मल्टी स्पेशलिटी हॉस्पिटल का दंभ भरने वाले हॉस्पिटलो की हालत यह है कि सरकार की ओर से निर्धारित पट्टे के अतिरिक्त सड़क पर कब्जा कर आगे टीन सेट बनाकर सेटबैक की जगह को भी कवर करते हुए अतिक्रमण कर रखा है वही सकड़े कमरे सकड़े जगह कमरों में अनगिनत एयर कंडीशनर के चलते कभी भी भीषण अग्निकांड हो सकता है इसके लिए पर्याप्त रूप से सेटबैक भी नहीं छोड़ा गया है अगर आग लग जाए तो सैकड़ों मरीजों की जान सांसत में आ सकती है लेकिन बेपरवाह प्रशासन के चलते हॉस्पिटलों का न फायर ऑडिट ना फायर एनओसी ना ही अतिक्रमण हटाने का अभियान ऐसे में अग्नि कांड हो सकता है तो उसका जिम्मेदार आखिर कौन होगा यह यक्ष प्रश्न बना हुआ है।
कोटा शहर के अधिकांश चिकित्सालय की हालत यही है हॉस्पिटल की बात करें तो उसका दवा घर ही अतिक्रमण की जद में है आगे टीन सेट किए हुए हैं ,प्रथम मंजिल द्वितीय मंजिल तृतीय मंजिल पर अगर आग लग जाए तो वहां से उतरने के लिए तथा सकड़ी सीढीयों के अलावा कोई साधन नहीं है।सीढीयां भी इतनी सकरी है कि उसमें एक साथ उतर नहीं सकते, ऐसे में कोई अग्निकांड जैसी घटना हो तो सैकड़ों मरीजों की जान सांसत में आ सकती है।
अग्निशमन विभाग सिर्फ औपचारिकता भर
अग्निशमन विभाग को अधिकार है कि जिस भी चिकित्सालय में अग्निशमन की गाइड लाइन के अनुसार निर्धारित इक्विपमेंट या बाहर जाने के रास्ते उपलब्ध नहीं है तो वह उन चिकित्सालय में को कुछ दिनों का नोटिस देकर खाली करवा कर उन्हें सीज कर सकता है लेकिन अग्निशमन विभाग के द्वारा अब तक के इतिहास में एक भी चिकित्सालय को नोटिस देकर सीज नहीं किया गया है।
जिला कलेक्टर चाहे तो कोटा के सारे निजी हॉस्पिटल के लग सकते हैं ताले
कोटा शहर के एक निजी चिकित्सालय को छोड़कर अन्य कोई भी चिकित्सालय नियमों में चाहे निर्माण की बात को चाहे अग्निशमन की बात हो चाहे सेटबैक की बात हो चाहे नियमों के तहत संचालन की बात हो कोई भी चिकित्सालय नियमों में खरा नहीं उतर रहा, हर चिकित्सालय के हालात यही है अतिक्रमण से अटे पड़े हैं, बाहर निकलने के लिए दरवाजे नहीं है इतना कन्जेस्टेड है की हल्की सी आपाधापी में ही लोग चलते-चलते गिर जाते हैं ऐसे में जबलपुर जैसा अग्निकांड हो जाए तो सैकड़ों मरीजों की जान सांसत मे आ सकती है। जिला कलेक्टर को अधिकार है कि वह मरीजों की जान से खिलवाड़ करने वाले इन नियम विरुद्ध तथा जान को जोखिम में डालने पर चिकित्सालय को नोटिस देकर उनके मरीजों को सरकारी अस्पताल में भर्ती कराकर चिकित्सालयों के ताले लगवा सकते हैं, नियमों में खरे नहीं होने के कारण इन्हें बंद करने से भी कोई कानून रोक नहीं सकता।
आवासीय परिसरों में कमर्शियल चिकित्सालय गतिविधियां अवैध
विषय विशेषज्ञ बताते हैं कि कोटा शहर में जितने भी हॉस्पिटल से बने हुए हैं वह कमर्शियल एरिया में ना होकर आवासीय परिसर में बने हुए हैं जो पूर्ण रुप से अवैध है, आवासीय क्षेत्र में हॉस्पिटल नहीं होने चाहिए लेकिन कोटा में तो हर गली कौनो में निजी चिकित्सालय चलते दिखाई दे रहे हैं
स्वायत शासन विभाग के परिपत्रों की भी पालना नहीं
निदेशक एवं संयुक्त सचिव स्वायत्त शासन विभाग तथा संयुक्त शासन सचिव प्रथम नगरीय विकास विभाग के पत्रांक पंचायत 17(7)नविवि /नियम 2020 /दिनांक 31 जनवरी 2020 को जारी पत्र में काउंसिल आफ आर्किटेक्चर से पंजीकृत वास्तविक अग्निशमन सुरक्षा से संबंधित विषय विशेषज्ञों के माध्यम से तकनीकी परीक्षण में भवन का निरीक्षण कर अग्निशमन सुरक्षा की रिपोर्ट तैयार कर सक्षम अधिकारी को प्रस्तुत करने का प्रावधान है तथा फायर एनओसी के बाद प्रशासन विभाग द्वारा गठित एक्सपर्ट के पैनल के द्वारा अग्निशमन सुविधाओं की जांच तथा मॉक ड्रिल का प्रावधान है किंतु इनकी पालना अभी तक नहीं की गई है।
खुद नियम विरुद्ध फिर भी सरकार एवं आम जनता से पंगा
कोटा शहर के अधिकांश निजी चिकित्सालय नियम विरुद्ध बने हुए हैं एवं सरकार के जो विभिन्न तरह के लाइसेंस है वह भी गलत दस्तावेज प्रस्तुत कर लिए हुए हैं खुद नियम विरुद्ध है फिर भी राज्य सरकार द्वारा लाए गए चिकित्सा गारंटी विधेयक का विरोध कर सरकार एवं आम जनता से पंगा ले रहे हैं,
निजी चिकित्सालय पर कार्रवाई शीघ्र
कोटा शहर के अवैध रूप से निर्मित निजी चिकित्सालय के विभिन्न लाइसेंसों का टीम बनाकर निरीक्षण किया जाएगा तथा जो नियम एवं कायदे ताक पर रखकर जिन्हें परमिशन दी गई है उनके खिलाफ कार्यवाही भी की जावेगी जो नियम कायदों में खरे नहीं उतरेंगे उनके लाइसेंस निरस्त भी किए जाएंगे
मंत्री परसादी लाल मीणा की दो टूक, आरटीएच बिल वापस नहीं लेंगे
राज्य के चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री परसादी लाल मीणा ने पत्रकारों से वार्ता में साफ-साफ कह दिया है कि निजी चिकित्सालय हड़ताल को खत्म कर दें, आरटीएस बिल वापस किसी भी सूरत में नहीं होगा, जनता को परेशानी होगी तो जनता खुद निपट लेगी।

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