ज़िंदगी सिर्फ जीने का नाम नहीं , ज़िंदगी को ज़िंदादिली , फराख़ दिली से ,, ज़िंदा दिली से , दूसरों के मदद के ज़ज्बे ,, उनके संघर्ष ,, इन्साफ के जज़्बे के साथ जीने का नाम असली ज़िंदगी है ,, और यही सब ,, बारां के वरिष्ठ पत्रकार , वरिष्ठ वकील , समाजसेवी ,,भाई कुश कुमार मिश्रा , रोज़ मर्रा , लोगों की समस्याएं उठाकर , लोगों की मदद करके , भ्रष्टाचर के खिलाफ जंग की शुरुआत करके , ज़िम्मेदारी निभा रहे है ,, भाई कुश कुमार मिश्रा का आज जन्म दिन है , सालगिराह है , इस खुशनुमा मौके पर , भाई कुश कुमार मिश्रा को ,, खुशियों , कामयाबी की बेशुमार दुआओं के साथ , बधाइयां ,, मुबारकबाद , जी हाँ दोस्तों , भाई कुश कुमार मिश्रा , बारां सहित पूरी हाड़ोती , राजस्थान में एक जाना माना नाम है ,,, दैनिक राजस्थान पत्रिका में , कई साल , बारां ब्यूरो चीफ के रूप में , निष्पक्ष , निर्भीक पत्रकारिता की मिसाल बनकर , स्वच्छ पत्रकारिता करने वाले , भाई कुश कुमार मिश्रा , पर अपने साथियों का , स्वतंत्र पत्रकारिता के रूप में , खुद की नियंत्रित क़लम की आज़ादी के रूप में , खुद का अख़बार निकालने का जब दबाव बना ,तो भाई कुश कुमार मिश्रा ने , अपने साथियों की सलाह से , वर्ष 2007 में , पत्रिका ब्यूरों ,समाचार पत्र का प्रकाशन शुरू किया ,तब से ही भाई कुश कुमार मिश्रा ,, बारां के हर गरीब , निर्धन , पीड़ित , शोषित , उत्पीड़ित , किसान , आम आदमी की आवाज़ बनकर , उनके इंसाफ के लिए ,,पत्रकारिता के क्रन्तिकारी क़लमकार बनकर ,, संघर्ष कर रहे है , भाई कुश कुमार मिश्रा , एक तो करेला , ऊपर से नीम चढ़ा वाली कहावत को भी ,, भ्रष्ट , बेईमान लोगों के खिलाफ चरितार्थ करते नज़र आते है , भाई कुश कुमार मिश्रा , एक तो नामचीन , सधे हुए क़लमकार ,पत्रकार , दूसरी तरफ क़ानून के जानकार होकर , तेज़तर्रार वकील के रूप में इनकी पहचान , इन्हे गरीबों,, पीड़ितों , शोषितों , के लिए , उनकी मदद को लेकर , और ज़िम्मेदार बना देता है , , भाई कुश कुमार मिश्रा , पत्रकार परिषद , जार सहित , कई पत्रकार संगठनों से जुड़े हुए है , जबकि ,, अनेक समाजसेवी संस्थाओं के सारथि सलाहकार बनकर , उनके ज़रिये भी आम लोगों के मददगार है , भाई कुश कुमार मिश्रा ,, गौतम समाज अभिभाषक परिषद संभाग के मिडिया प्रवक्ता भी है , वोह अभिभाषक संघ में भी कई महत्वपूर्ण पदों पर रहे है ,,,, शांत स्वभाव , मुस्कुराना , किसी भी समस्या को समझना , और प्रताड़ित व्यक्ति को , इंसाफ दिलाना उनकी प्रार्थमिकता में शामिल है , यूँ तो बहुत खूबियां है , भाई कुश कुमार मिश्रा में , लेकिन उनके नाम , नाम के मायने ही , अपने आप में ,भगवान राम के छोटे सुपुत्र का होने से , उनकी खूबियां उसी तरह सार्थक नज़र आती है ,, कुश कुमार मिश्रा , लोगों के दुःख दर्द के मददगार है , पत्रकारिता में समझदार हैं , तो क़ानून विद के रूप में , अत्याचारियों के खिलाफ एक हथियार है ,, उन्हें एक बार फिर उनकी सालगिराह , जन्म दिन पर , दिली मुबारकबाद , बधाई ,,, अख्तर खान अकेला कोटा
तुम अपने किरदार को इतना बुलंद करो कि दूसरे मज़हब के लोग देख कर कहें कि अगर उम्मत ऐसी होती है,तो नबी कैसे होंगे? गगन बेच देंगे,पवन बेच देंगे,चमन बेच देंगे,सुमन बेच देंगे.कलम के सच्चे सिपाही अगर सो गए तो वतन के मसीहा वतन बेच देंगे.
14 अगस्त 2021
ज़िंदगी सिर्फ जीने का नाम नहीं , ज़िंदगी को ज़िंदादिली , फराख़ दिली से ,, ज़िंदा दिली से , दूसरों के मदद के ज़ज्बे ,, उनके संघर्ष ,, इन्साफ के जज़्बे के साथ जीने का नाम असली ज़िंदगी है
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