सीआई मुनीन्द्र सिंह और हेड कांस्टेबल रामेश्वर ने नाबालिक के अपहरण और दुष्कर्म के मामले का किया पर्दाफाश। के डी अब्बासी कोटा अगस्त। शहर के रेलवे कॉलोनी थाना प्रभारी मुनींद्र सिंह ने पिछले दिनों हुए नाबालिग के अपहरण के मामले का पर्दा फाश कर आरोपियों गिरफ्तार कर लिया है । इस प्रकरण की गुत्थी सुलझाने में थाना प्रभारी की खास मदद रेलवे कॉलोनी थाने की हेड कांस्टेबल रामेश्वर ने की। इस मामले में कोटा शहर के रेलवे कॉलोनी थाना प्रभारी मुनींद्र सिंह की टीम ने काफी प्रयास किए हैं, जिसमें 100 से ज्यादा सीसीटीवी कैमरों की पड़ताल की है।
यहां तक कि दो हजार से ज्यादा मजदूरों से भी आरोपियों के संबंध में पड़ताल की है। जिसके बाद ही पुलिस को सफलता मिली है। पुलिस का कहना है कि आरोपी बालिका को बहला-फुसलाकर ले गए थे कि उसके पिता का इलाज करवा देंगे। इसके चलते ही वह उनके साथ चली गई थी।मामले के अनुसार 9 वर्षीय बालिका रेलवे कॉलोनी थाना इलाके के बापू कॉलोनी रेलवे और ब्रिज के नीचे रहती है।उसके पिता अत्यधिक शराब पीते हैं और बीमार भी रहते हैं। उसकी मां दिहाड़ी मजदूरी और भिक्षावृत्ति के काम में भी जुटी हुई है।उसने 22 जुलाई को थाने पर उपस्थित होकर रिपोर्ट दी थी कि उसकी 9 वर्षीय बेटी बापू कॉलोनी रेलवे और ब्रिज के नीचे खेल रही थी तभी से वह कहीं चली गई है। उसकी तलाश वह 4 दिन से कर रही है, लेकिन उसका कोई पता नहीं चल रहा । पुलिस ने किया 5 बदमाश गिरफ्तार रेलवे कॉलोनी थानाधिकारी मुनीन्द्र सिंह ने बताया कि मामले की जांच पड़ताल में प्रारंभिक तौर पर सामने आया कि घटनास्थल से कुछ दूरी पर एक परिवार फुटपाथ पर रह रहा था जो गायब है। पुलिस टीम ने कोटा से मध्य प्रदेश की तरफ जाने वाले सभी रेलवे स्टेशनों के सीसीटीवी कैमरे चेक किए गए। जिसमें रतलाम में यह लोग उतरते हुए नजर आए।
इसके बाद में रतलाम शहर के भी सीसीटीवी कैमरे चेक किए गए। साथ ही कोटा में भी पुलिस की टीम ने लगातार जांच जारी रखी. जिसके तहत उन्होंने आस पड़ोस के लोगों से जानकारी जुटाई, जिसमें इन लोगों के नाम सामने नहीं आए, लेकिन जानकारी में आया कि यह लोग इंदिरा रसोई में भोजन करने जाया करते थे। ऐसे में इंदिरा रसोई के सीसीटीवी कैमरे में उनकी तस्वीर आ गई। इसके आधार पर मध्यप्रदेश के कोटा में मजदूरी करने वाले 2,000 से ज्यादा मजदूरों से व्यक्तिगत संपर्क कर, इनके फोटो दिखाए गए. जिनमें से एक श्रमिक ने दोनों की पहचान कर ली और इन्हें मध्यप्रदेश के रतलाम जिले के रावटी थाना इलाके के खेरारुदी गांव का बताया है।इसके बाद पुलिस ने वहां पर दबिश देते हुए बालिका का अपहरण करने वाले दंपती अशोक उर्फ सुक्का व अनीता को गिरफ्तार कर लिया। इस मामले की आगे जांच पड़ताल में सामने आया कि अनीता ने अपने चाचा के बेटे गवर सिंह उर्फ गवरिया को 10 हजार रुपये में बालिका को बेच दिया। जिसने उसके साथ दुष्कर्म भी किया।ऐसे में बालिका को दस्तयाब कर आरोपी गवर सिंह को भी गिरफ्तार किया है।
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