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15 जुलाई 2021

कोटा उत्तर विधायक , केबिनेट मंत्री शांति कुमार धारीवाल , बिजली के नाम पर , लोगों की जेबों पर डाका डालने वाली , के ई डी एल बिजली कम्पनी पर , क़ानूनी शिकंजा कसकर , भाजपा द्वारा बीस साल तक एग्रीमेंट रद्द नहीं करने की पाबंदियों के बावजूद भी , के ई डी एल की नाक में जनहित की नकेल डालने , और भाजपा द्वारा किये गए गैर क़ानूनी एग्रीमेंट को रद्द करवाने की कोशिशों में जुटे है

कोटा उत्तर विधायक , केबिनेट मंत्री शांति कुमार धारीवाल  , बिजली के नाम पर , लोगों की जेबों पर डाका डालने वाली , के ई डी एल बिजली कम्पनी पर , क़ानूनी शिकंजा कसकर , भाजपा द्वारा बीस साल तक एग्रीमेंट रद्द नहीं करने की पाबंदियों के बावजूद भी , के ई डी एल की नाक में जनहित की नकेल डालने , और भाजपा द्वारा किये गए गैर क़ानूनी एग्रीमेंट को रद्द करवाने की कोशिशों में जुटे है , के ई डी एल कम्पनी के ज़रिये बेहिसाब लूट के शिकार कोटा के बिजली उपभोक्ता ,, दुआ करें , और ऐसी लूट संबंधित जो भी दस्तावेजी जानकारियां है , वोह भी उपलब्ध कराये , ताके के ई डी एल ,, की बेहिसाब लूट से कोटा वासियों को मुक्ति मिल सके , जी हाँ दोस्तों , सभी को पता है , दस्तावेजी सुबूत है , जे वी वी ऍन एल , का कोटा में बेहतर प्रदर्शन था , लेकिन भाजपा की वसुंधरा सरकार के वक़्त ,, कोटा के बिजली उपभोक्ताओं को  ,खुली लूट का शिकार बनाने के लिए , पूर्व बिजली मंत्री ,पुष्पेंद्र सिंह की उपस्थिति में ,, 2016 ,,  2017  में आयोजित अनौपचारिक बैठक में , कोटा की बिजली व्यवस्था , ,के ई डी एल को , देने और बीस साल पहले इस क़रार को , किसी भी तरह से रद्द नहीं करने की क़ानूनी पाबंदियों को लगाने के लिए स्वीकृत रूप से भाजपा के तात्कालिक कोटा के सभी विधायक सीधे ज़िम्मेदार है,, उस वक़्त आयोजित सहमति  बैठक में , एक विधायक ,, ओम बिरला अलबत्ता अनुपस्थित हो गए थे , लेकिन उन्होंने विरोध नहीं किया , इस कारण उनकी भी इस मामले में मोन सहमति ही मानी जाएगी , जबकि चंद्रकांता मेघवाल , प्रह्लाद गुजंल , , भवानी सिंह राजावत , संदीप शर्मा सहित सभी भाजपा विधायक इस बैठक में मौजूद थे ,, अजीब  बात है ,, कोटा के बिजली उपभोक्ताओं को , बीस साल तक की मनमाने एग्रीमेंट के नाम पर ,, भाजपा सरकार ने , के ई डी एल के सामने , खुली लूट के लिए शिकार बनाकर डाल दिया ,, कांग्रेस के सभी नेताओं ने , के ई डी एल बिजली कम्पनी की उपभोक्ताओं से खुली लूट का मुखर विरोध किया था , खुद भाजपा इस मुद्दे पर बैकफुट पर रही , भाजपा कार्यकाल में , बिजली उपभोक्ताओं के खुली लूट के मुद्दों के बाद भी , भाजपा के चुप्पी साधे रहे , सरकारी , अर्द्ध सरकारी ,, नगर निगम , नगर विकास न्यास सहित हर स्तर पर सरकार के बजट से भी करोड़ों करोड़ का भुगतान किया जाता रहा , जबकि आम बिजली उपभोक्ताओं को , घर घर जाकर अपमानित भी किया , प्रताड़ित भी किया , गुंडों की फौज अप्रत्यक्ष रूप से अवैध बेनामी नियुक्ति के नाम पर , डराया , धमकाया भी और , आर्थिक रूप से शोषण भी किया ,,,
जनता के समर्थन से राजस्थान में कांग्रेस की सरकार बनी ,,  सरकार बनते ही , सबसे पहले , केबिनेट मंत्री शांति कुमार धारीवाल ने , के ई डी एल को भगाने का फार्मूला तलाश किया , लेकिन बीस साल का शर्तों के अनुबंध के साथ , लिखे एग्रीमेंट को देखकर , विधि विभाग हेरान था , के किस तरह से कोटा के आम बिजली उपभोक्ता को भाजपा ने ,के ई डी एल के सामने बंदिशों में बांध कर बीस साल तक के लिए , लूट के लिए परोस दिया है , शांति कुमार धारीवाल, जिनके लिए सभी जानते है , वोह जो कहते है , ,करके  दिखाते है , जो वादा करते है , निभा कर दिखते है , उनके सामने , के ई डी एल का अनुबंध निरस्त करना एक बढ़ी चुनौती बन गया ,,



कहावत है ,  के बकरे की माँ कब तक खेर मनाएगी ,, के ई डी एल एक तरफ तो आम बिजली उपभोक्ताओं को , भारी बिलिंग  के नाम पर लूट रही थी , दूसरी तरफ , उसने अपनी लूट का शिकार सरकारी एजेंसियों को भी बना रखा था ,, के ई डी एल  ने स्ट्रीट लाइट की बिलिंग के नाम पर कोटा नगर निगम , नगर विकास न्यास को ,  जनवरी 2018 से दिसम्बर 2018 तक प्रस्तुत बिजली के बिलों में बीस करोड़ रूपये की बिलिंग राशि में क़रीब नो करोड़ तीस लाख रूपये की ज़्यादा बिलिंग की ,, जो 45 प्रतिशत की राशि अधिक देखकर , नगर निगम , नगर विकास न्यास के संबंधित अधिकारी चौंके , इसके पूर्व 2016 , 2017 के बाद से अनुबंध के बाद के ई डी एल नगर निगम कोटा , नगर विकास न्यास को , 60 करोड़ रूपये की राशि के बिजली के बिल दे चुकी है ,, उक्त बिजली  के बिलों की अधिक वसूली की पत्रावलियां खुद स्वायत शासन मंत्री शांति कुमार धारीवाल ने तलब की , इसकी    गंभीरता पर बिजली विशेषज्ञों से राय मशवरा किया , वोह इस अधिकतम बिलिंग के नाम पर , के ई डी एल द्वारा आम जनता और सरकारी विभागों से की जा रही लूट से स्तब्ध थे ,, उन्होंने फिर विशेषज्ञ रिपोर्ट के लिए वरिष्ठ बिजली अधिकारीयों की समिति बनाई , खुद  महेंद्र बैरवा , वरिष्ठ अभियंता ने कोटा नगर निगम , कोटा नगर विकास न्यास के बिजली अभियंताओं के साथ , एक एक बिंदु और , के ई डी एल द्वारा दिए गये बिजली के बिलों पर भौतिक सत्यापन के साथ , सर्वेक्षण किया ,, जाँच  में वरिष्ठ अभियंताओं ने पाया , के के ई डी एल ने नगर निगम , नगर विकास न्यास की बिना एप्लिकेशन के , बिना नए कनेक्शन की डिमांड के , अपनी मर्ज़ी से चोरी चुपके , विधि विरुद्ध 257 बिजली के मीटर लगा दिए , उनकी मनमानी रीडिंग वसूली के लिए जारी कर दी गयी , जबकि किशोर सागर तालाब पर बनी बारह दरी पर लगे , सिर्फ 9 या 10 खम्बों की 35400 की बिलिंग , कंसुआ आवासीय योजना की 70 रोड लाइटों का आठ लाख साठ हज़ार का बिजली का बिल ,  चौंकाने वाले तथ्य थे ,, बिजली विशेषज्ञ टीम ने देखा , की के ई डी एल ने सिर्फ 32 कनेक्शन के वास्तविक बिल की जगह अस्सी लाख के बिल दिए , वहां , मनमर्ज़ी कनेक्शन ई 113 , ई 449 पर मनमर्ज़ी से मीटर लगा दिए गये , और चोरी चुपके उसकी बिलिंग ली जाने लगी , इतना ही नहीं , , विशेषज्ञ बिजली अभियंताओं की टीम ने , के ई डी एल के ओरिजनल बिलिंग पोर्टल पर , जब बिलिंग का प्रिंट आउट लिया , तो चौंकाने वाले तथ्य थे , बिजली के मीटरों पर , आई रीडिंग से तो अधिक बिल थे , जबकि पोर्टल के प्रिंट आउट पर , बिजली के बिलों में काफी अंतर् था ,, , जब जाँच शुरू हुई , और के ई डी एल के अधिकारीयों को लगा के अब , लूट के मामले में , के ई डी एल की चोरी पकड़ी जाने लगी है , सरकार गंभीर है , कोई भी कार्यवाही हो सकती है , तो सबसे पहले तो ,, कंसुआ आवास योजना में जो , मनमाने स्वेच्छिक , बिजली के मीटर ई 113 , ई 449 लगाए गए थे , वोह हटा लिए गए , और भी कई बदलाव , किये गए , , खुद के ई डी एल का निजी पोर्टल , जिसपर , यह लोग कार्यालय में ही , हर घर के हर मीटर की रीडिंग को देखते रहते थे , उस सिस्टम को भी बंद कर दिया गया , पोर्टल बंद कर दिया गया  , लेकिन जाँच अभियंताओं ने तो पहले ही , पोर्टल की रीडिंग का प्रिंट आउट ले लिया था , जो खुद अपने आप में दस्तावेजी सुबूत है ,, ,,,,,,बिजली विभाग के शीर्ष अधिकारी मुकेश गर्ग को जब यह पता लगा , और उन्हें लगा , के अब केबिनेट मंत्री शांति कुमार धारीवाल , के ई डी एल को सबक़ सिखा कर ही रहेंगे , और इस लूट खसोट के लिए , फौजदारी कार्यवाही कर दोषी लोगों को जेल भिजवाकर ही दम लेंगे तो , मुकेश गर्ग ने ,, स्वेच्छिक रूप से , के ई डी एल से इस्तीफा देकर अपना पल्ला झाड़ने का प्रयास किया ,,,,



के ई डी एल कम्पनी की नगर विकास  , नगर निगम से , बिजली की बिलिंग की मनमानी लूट , मनमाने बिजली मीटर लगाने की धोखाधड़ी ,, एक ही  खम्बे की , दो अलग अलग मीटरों पर  बिजली उपभोग  की अवैध रीडिंग के खिलाफ ,, शांति कुमार धारीवाल के निर्देशों पर , किशोरपुरा कोटा पुलिस थाने में विशेषज्ञ रिपोर्ट के साथ , एफ आई आर दर्ज करने के लिए दी गयी ,, एफ आई और के ई डी एल के खिलाफ ना बाबा ना ,, का फार्मूला रहा , पुलिस अधीक्षक , दीपक भार्गव से जब अभियंता मिले तो वही टल्लम टल्ला , फिर जांच हुई , फिर गौरव यादव , पुलिस अधीक्षक का कार्यकाल आया , वही जांच ठंडे बस्ते  में , आखिर निष्पक्ष जाँच के लिए फिर कमेटी बनाई गयी , बिजली विभाग , जे वी वी ऍन एल के विशेषज्ञ अभियंता , नगर विकास न्यास , नगर निगम के अभियंता ,, आई टी एक्सपर्ट , वगेरा  की फिर विशेषज्ञ टीम बनी , बिंदुवार हर मुद्दे पर सूक्ष्म जाँच हुई , इस जाँच के चलते एक उपभोक्ता दिलीप  दत्त शर्मा , की शिकायत भी शामिल हुई , और कलेक्टर के निर्देशों की जाँच में यह तथ्य सामने आये के , के ई डी एल के अभियंता घर घर जाकर ,जो अवैध वी सी आर भर रहे है , वोह राजस्थान सरकार के विद्युत नियम 135 (2 ) के विधिक प्रावधानों के तहत जारी ,परिपत्र के विपरीत है ,, संबधित अधिकृत अभियंताओं द्वारा वी सी आर नहीं भरी जा रही हैं ,, मनमानी कार्यवाही हो रहे है , इस मामले में खुद तात्कालिक  कोटा जिला कलेक्टर  ओम कसेरा ने विशेषज्ञ रिपोर्ट की जाँच रिपोर्ट अपनी टिप्पणी जिसमे इस तरह की अवैध वी सी आर विधि नियम के विरुद्ध भरने की बात की गयी है , दिनांक 26 दिसंबर 2019 प्रमुख ऊर्जा सचिव को भिजवाई गयी है ,, लूट खसोट की हद देखिये ,, के , आज आम बिजली उपभोक्ताओं में सभी ने , चालीस वाट की ट्यूब लाइट , सो वाट के बल्ब , हज़ार वाट के बल्ब की जगह , दस ,,पांच , वाट की एल ई डी लगा ली है , घरों में पंखे कम आर पी एम के , कम बिजली उपभोग वाले है ,, जबकि कूलरों में , पम्प जो मोटर वाला था , वोह हटाकर अब सभी जगह , चाइनीज़ पम्प जो ,,कम करंट खाते है , लगे हुए है ,, खुद ऐसी भी फाइव स्टार लगाए हुए है , तो हर बिजली उपभोक्ता का , आधे से ज़्यादा तो बिजली उपभोग स्वत ही , कम हो गया ,, खुद नगर  निगम  ,, नगर विकास न्यास के अभियंताओं ने जांच में पाया है , ,उनके 783 बिजली के मीटर कनेक्शनों के अलावा , के ई डी एल  कम्पनी ने ,, 257 मीटर मन मर्ज़ी से लगा दिए गए थे ,  जबकि दो अतिरिक्त मीटर पर मनमानी वसूली चली , इधर , नगर निगम , नगर विकास न्यास की स्ट्रीट लाइट, , पार्कों की लाइटों में , पहले जो 250 वाट की सोडियम लाइड लगाई जाती थी , उसकी जगह अब तीस वाट की एल ई डी  लगती है तो  की ट्यूब लाइट को भी बीस वाट की एल ई डी  से रिप्लेस  किया है ,, इस तरह से सभी ज़्यादा बिजली की खपत वाले बल्व , हेलोजन , सोडियम लाइटों को , बीस प्रतिशत से तीस प्रतिशत बिजली उपभोग वाली एल ई डी से रिप्लेस किया गया है , जो की स्वतः ही , बिजली की खपत ,, आधी से भी आधी कर देती है , फिर भी , उक्त मनमानी लूट खसोट के चलते ,, अब तक साथ करोड़ के बिल अनावश्यक रूप से मनमाने के ई डी एल ने दे दिए , अंदाज़ा लगाइये जब , सरकार के साथ इस बिजली कम्पनी की लूट का यह हाल है ,  तो फिर आम उपभोक्ताओं पर तो इनकी बिजली बिलिंग लूट की , हदें , क्या होंगी , , मनमानी बिलिंग , मनमाने वी सी आर की कार्यवाही , अवैध रूप से अधिकारीयों का घरों में प्रवेश , अवैध अधिकारीयों द्वारा अनधिकृत रूप से वी सी आर भरकर , लोगों को डराने धमकाने की कार्यवाही ,  तोल , मोल के नाम पर वसूली ,, विजिलेंस के नाम पर , अवैध लोगों को ठेके पर देकर , अभद्रता कार्यवाही ,,  घरों में घुसकर , अवैध फोटोग्राफी , यह सब मनमानी कार्यवाही है , ,और भाजपा के शासन में , स्थानीय भाजपा विधायकों की सहमति से किये गयी , बिजली विभाग के इस बीस साल के क़रार का दंड कोटा के सभी लोगों को भुगतना पढ़ रहा है ,,, लेकिन अब शांति कुमार धारीवाल , इस पोल पट्टी को विधिक रूप से कार्यवाही कर , बढ़ा विधिक एक्शन लेने के प्रयासों में जुट गए है ,, जिसके सकारात्मक नतीजे कोटा के बिजली के उपभोक्ताओं के पक्ष में आने की उम्मीद है ,, इस मामले में , ना नुकुर के बाद आखिर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक , राजेश मिल ने , बिंदुवार विशेषज्ञों के साथ ,मिलकर , परिवाद की जांच की और आखरी में , अपनी रिपोर्ट में , के ई डी एल के अधिकारीयों को बेईमानीपूर्वक कृत्य का दोषी माना इस पर किशोर पूरा कोटा थाने में एफ आई आर 17 / 2021  अंतर्गत धारा 418 , 420 , 465 , 468 , 120 बी आइ पी सी में 16 जनवरी 2021 को मुक़दमा दर्ज हो सका ,,,,,,,,,


के ई डी एल भगाओं  का नारा बुलंद करने के बाद उसकी क्रियान्विति में आ रही दिक़्क़तों और कोटा की आम  जनता को ,  के ई डी एल की लूट से बचाने के लिए , केबिनेट मंत्री शांति कुमार धारीवाल के प्रयासों से , किशोरपुरा थाने में दर्ज एफ आई आर , 17 / 2021 पुलिस थाना किशोरपुरा कोटा , में के ई डी एल के अधिकारी गिरफ्तारी के खौफ से ,, राजस्थान हाईकोर्ट में , अपनी  पूर्व अनुबंधित सरकार के चहेतों के ज़रिये हाईकोर्ट गए , जहां हाईकोर्ट ने अनुसंधान पर तो रोक  नहीं लगाई  , लेकिन दोषी लोगों  के खिलाफ अग्रिम आदेशों तक  ,,  कठोर कार्यवाही पर रोक लगा  दी , अब कोटा के केबिनेट मंत्री शांति कुमार धारीवाल ने ,  इस  मामले में ,  हाईकोर्ट में , सुनवाई शुरू होते ही  , फरियादी की तरफ से भी ,  अपना पक्ष रखकर , संबंधित आदेशों को  संशोधित करवाने के प्रयास चल रहे है , केबिनेट मंत्री शांति कुमार धारीवाल ने , इस मामले में मुकेश गर्ग ,,  के ई डी एल ,, , भानु  प्रकाश मिश्रा की दो  अलग अलग याचिकाओं को  ख़ारिज  करवाने के लिए , राजस्थान के महाधिवक्ता से भी विशेषज्ञों की चर्चा करवा चुके है , इस मामले में , महधिवक्ता के सुझाव पर भी ,अतिरिक्त जांच हो चुकी  है , केबिनेट मंत्री शांति कुमार धारीवाल तो कोटा वासियों के खिलाफ भाजपा के इस बीस साल के अनुबंध के पाप को , सभी बंदिशों के बावजूद भी ,    उनकी याचिका ख़ारिज करवाकर उन्हें उनके पापों   की सज़ा दिलवाने के लिए ,  प्रयासों में लगे है , लेकिन भाजपा के विधायकों ने इस मामले में ,  कानों में तेल डाल लिया  है वोह के ई डी एल  की  इस लगातार लूट और ,  खुली  लूट के खिलाफ एक शब्द भी  नहीं बोले है , विधानसभा में भी उन्होंने आवाज़ नहीं उठाई है , निर्दलीय कांग्रेस समर्थित विधायक , संयम लोढ़ा ने इस मामले में विधानसभा में ,  प्रश्न पूंछकर  ,कोटा के ई डी एल कम्पनी  के खिलाफ  किशोरपुरा थाने में दर्ज मुक़दमे के  अनुसंधान ,,  नतीजा संबंधित स्टेटस रिपोर्ट के बारे में , भी  जानकारी  चाही थी , विधानसभा के जवाब में भी , स्पष्ट कहा गया है  ,  के जांच में ,  कोटा की बिजली कम्पनी  के ई डी एल  पुलिस  अनुसंधान  में दोषी   मान  ली  गयी   है , अब  हायकोर्ट में प्रस्तुत याचिका ख़ारिज होते ही , दोषी लोगों के खिलाफ गिरफ्तारी के साथ कार्यवाही शुरू हो जायेगी ,  केबिनेट मंत्री शांति कुमार धारीवाल के इन प्रयासों में , कोटा   की जनता को  भी  कंधे से कंधा मिलाकर साथ देना चाहिए ,, जिन  कोटा वासियों    को ,  के ई डी एल के अधिकारीयों ने ठगा है , लूटा है ,  फ़र्ज़ी वी  सी आर के नाम पर तंग  किया  है   ,  प्रताड़ित किया है  ,  आनावश्यक बढ़ोत्तरी करके ,  बिलिंग  की है , वोह अपनी समस्त दस्तावेजी जानकारी के साथ ,  राजस्थान हाईकोर्ट के समक्ष  ,  संबंधित एफ आइ  आर 17 /  2021 पुलिस  थाना किशोर  पूरा  कोटा , मामले में के ई डी एल अधिकारीयों    की याचिका की  सुनवाई के दौरान  ,,  कोर्ट में प्रस्तुत करे ,,सार्जनिक रूप से ऐसी घटनाओं को  उजागर करे , पत्रकारों तक इन जानकरियों  को पहुंचाये , और अवैध वी सी आर जिसमे क़रीब सात हज़ार वी सी आर को लेकर सवाल उठाये गए है , जिसमे इलेक्ट्रिसिटी एक्ट के 135 (2 ) और वी  सी  आर भरने के ,  राजस्थान सरकार के प्रतिबंधित आवश्यक  प्रावधानों के उल्न्न्घन में , जो  वी सी आर  भरी गयीं है , उनके खिलाफ अदालत में , सार्वजनिक  मंच पर ,  संवैधानिक व्यवस्था के तहत , शांतिपूर्ण तरीके से आवाज़ भी उठाना चाहिए , एक तरफ भाजपा सरकार की शह पर के ई डी एल  का बीस साल का कठोर शर्तों के साथ किया गया अनुबंध है , दूसरी तरफ , कोटा के केबिनट मंत्री शांति कुमार धारीवाल ने , उक्त बिजली कम्पनी की बेईमानी की पोल पट्टी खोली है , वोह अदालती दांव पेंच के बावजूद भी इस लड़ाई को , जनहित में लड़ रहे है , ,अगर कोटा की जनता ने साथ दिया ,, तो भाजपा के विधायकों की सहमति से , वर्ष 2016 ,  2017 में के ई डी एल का जो बीस साल का अनुबंध किया गया था , वोह ऐसे भ्रष्ट अधिकारीयों ,, जनता से लूट के आरोपियों की गिरफ्तारी , चार्ज शीट प्रस्तुत होने के बाद , निश्चित तोर पर अनुबंध तोड़ने का , एक आधार मिल जायेगा , अब देखते है , भाजपा के नेता , इस मामले में ,, के ई डी एल, का  पक्ष लेते है , या फिर इस कम्पनी को  जनहित में ,, कोटा से भगाने के मामले में कोई मददगार बनता है , कोटा की जनता भी इस मामले में ,, सबूतों के साथ अब  क्या मदद करती है , वक़्त ही बताएगा ,,,, ,, अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान

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