आपका-अख्तर खान

हमें चाहने वाले मित्र

15 जुलाई 2021

फिर जब चाहेगा उठा खड़ा करेगा

फिर उसे मौत दी फिर उसे कब्र में दफ़न कराया (21)
फिर जब चाहेगा उठा खड़ा करेगा (22)
सच तो यह है कि ख़ुदा ने जो हुक़्म उसे दिया उसने उसको पूरा न किया (23)
तो इन्सान को अपने घाटे ही तरफ ग़ौर करना चाहिए (24)
कि हम ही ने (बादल) से पानी बरसाया (25)
फिर हम ही ने ज़मीन (दरख़्त उगाकर) चीरी फाड़ी (26)
फिर हमने उसमें अनाज उगाया (27)
और अंगूर और तरकारियाँ (28)
और ज़ैतून और खजूरें (29)
और घने घने बाग़ और मेवे (30)
और चारा (ये सब कुछ) तुम्हारे और तुम्हारे (31)
चारपायों के फायदे के लिए (बनाया) (32)
तो जब कानों के परदे फाड़ने वाली (क़यामत) आ मौजूद होगी (33)
उस दिन आदमी अपने भाई (34)
और अपनी माँ और अपने बाप (35)
और अपने लड़के बालों से भागेगा (36)
उस दिन हर शख़्स (अपनी नजात की) ऐसी फि़क्र में होगा जो उसके (मशग़ूल होने के) लिए काफ़ी हों (37)
बहुत से चेहरे तो उस दिन चमकते होंगे (38)
ख़न्दाँ शादमाँ (यही नेको कार हैं) (39)
और बहुत से चेहरे ऐसे होंगे जिन पर गर्द पड़ी होगी (40)
उस पर सियाही छाई हुयी होगी (41)
यही कुफ़्फ़ार बदकार हैं (42)

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

दोस्तों, कुछ गिले-शिकवे और कुछ सुझाव भी देते जाओ. जनाब! मेरा यह ब्लॉग आप सभी भाईयों का अपना ब्लॉग है. इसमें आपका स्वागत है. इसकी गलतियों (दोषों व कमियों) को सुधारने के लिए मेहरबानी करके मुझे सुझाव दें. मैं आपका आभारी रहूँगा. अख्तर खान "अकेला" कोटा(राजस्थान)

Related Posts Plugin for WordPress, Blogger...