फिर उसे मौत दी फिर उसे कब्र में दफ़न कराया (21)
फिर जब चाहेगा उठा खड़ा करेगा (22)
सच तो यह है कि ख़ुदा ने जो हुक़्म उसे दिया उसने उसको पूरा न किया (23)
तो इन्सान को अपने घाटे ही तरफ ग़ौर करना चाहिए (24)
कि हम ही ने (बादल) से पानी बरसाया (25)
फिर हम ही ने ज़मीन (दरख़्त उगाकर) चीरी फाड़ी (26)
फिर हमने उसमें अनाज उगाया (27)
और अंगूर और तरकारियाँ (28)
और ज़ैतून और खजूरें (29)
और घने घने बाग़ और मेवे (30)
और चारा (ये सब कुछ) तुम्हारे और तुम्हारे (31)
चारपायों के फायदे के लिए (बनाया) (32)
तो जब कानों के परदे फाड़ने वाली (क़यामत) आ मौजूद होगी (33)
उस दिन आदमी अपने भाई (34)
और अपनी माँ और अपने बाप (35)
और अपने लड़के बालों से भागेगा (36)
उस दिन हर शख़्स (अपनी नजात की) ऐसी फि़क्र में होगा जो उसके (मशग़ूल होने के) लिए काफ़ी हों (37)
बहुत से चेहरे तो उस दिन चमकते होंगे (38)
ख़न्दाँ शादमाँ (यही नेको कार हैं) (39)
और बहुत से चेहरे ऐसे होंगे जिन पर गर्द पड़ी होगी (40)
उस पर सियाही छाई हुयी होगी (41)
यही कुफ़्फ़ार बदकार हैं (42)
तुम अपने किरदार को इतना बुलंद करो कि दूसरे मज़हब के लोग देख कर कहें कि अगर उम्मत ऐसी होती है,तो नबी कैसे होंगे? गगन बेच देंगे,पवन बेच देंगे,चमन बेच देंगे,सुमन बेच देंगे.कलम के सच्चे सिपाही अगर सो गए तो वतन के मसीहा वतन बेच देंगे.
15 जुलाई 2021
फिर जब चाहेगा उठा खड़ा करेगा
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