भारत की एकता , अखंडता ,, विश्व शांति के लिए , आंतकवादियों के खिलाफ कढ़े रुख के ,चलते , भाजपा गठबंधन सरकार द्वारा उनकी सिक्योरिटी व्यवस्था कम करने , और सिक्युरिटी व्यवस्था में खामियां छूटने से ,, देश को विकास , सुख , शान्ति , साम्प्रदायिक सद्भाव , भ्रष्टाचार के खिलाफ जंग लड़ने वाले , भारत को इक्कीसवी सदी के भारत का सपना दिखाकर , सपना साकार करने वाले , पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गाँधी को आज ही के दिन , आतंकवादी क़ातिलों ने ,,, बम से उढ़ा कर , शहीद कर दिया था ,, राजीव गाँधी की शहादत ज़ाया नहीं जायेगी ,, और यह देश फिर से , राष्ट्रिय एकता , ,समप्र्दायिक सद्भाव , विकास की राह पर , चलेगा ,, आज राजीव गाँधी का शहीद दिवस है , उन्हें अश्रुपूर्ण श्रद्धांजलि ,, दोस्तों देश और कांग्रेस के सोशल मेकेनिज़्म के इंजिनियर स्वर्गीय राजीव गाँधी को सलाम ,,देश को आधुनिकता की दौड़ में अव्वल करने के लिए ,,देश में सेटेलाइट ,,उपग्रह ,,संचार क्रान्ति ,,दूरदर्शन ,,सहित कई महत्वपूर्ण आधुनिकता के साथ जोड़कर भारत का गौरव बढ़ाने वाले राजीव गांधी ने ,,देश में कड़वा सच समझा और उसे स्वीकार करते हुए कहा भी ,,हम जनता के लिए केंद्र से एक रुपया अगर भेजते है तो ,,जनता तक सिर्फ पंद्रह पैसे ही पहुंच पाते है ,,इसी कड़वे सच से देश के पचियासी प्रतिशत भ्रष्ट पकड़े जाने के डर से उनके खिलाफ हुए थे ,,लेकिन वोह डटे रहे ,,अड़े रहे ,,उन्होंने देश की अटूट एकता ,,अखंडता ,देश के मूल्य सिद्धांतो ,,और आतंकवाद के खिलाफ जंग में ,,अपने प्राणों की आहुति दे डाली ,,,राजीव गांधी कांग्रेस संगठन के भी बेस्ट मेकेनिकल इंजीनिर थे ,,,चमचावाद ,,चापलुसी से कोसों दूर उनका प्रबंधन था ,,पंचायत राज ,,शहरी विकास को स्वायत्ता उन्होंने दी ,,,विधान में संशोधन करवाया ,,,संगठन में प्रशिक्षक दिए ,,छोटे से कार्यकर्ता के सुझावों के पत्रों के जवाब की परम्परा डाली ,,आम कार्यकर्ताओं के विचारों को तरजीह दी ,,इतना ही नहीं हर ज़िले ,,हर राज्य में संगठन और कांग्रेस शासित सरकारों का रिपोर्ट कार्ड तैयार करने के लिए एक निजी टीम गठित कर ,,नियमित उनसे अलग अलग क्षेत्र का फीडबैक लिया ,,संगठन के चुनाव करवाकर लोकतंत्र ज़िंदाबाद किया ,,,कांग्रेस संगठन पर कभी सत्ता को हावी नहीं होने दिया ,,कितना ही बढ़ा ,,प्रभावशाली मंत्री हो ,,अगर वोह किसी भी राज्य ,,किसी भी ज़िले में गया और संगठन जिला अध्यक्ष को सूचित कर ,,संगठन कार्यालय में कार्यकर्ताओं से मिले बगैर आया तो ऐसी शिकायत मिलने पर ऐसे मंत्रियों की उन्होंने एड़ी चोटी मिला दी ,,कोटा में पूर्व केंद्रीय मंत्री ,, अजीत पांजा सहित ,,कई मंत्रियों की इस तरह की शिकायत पर उनसे माफ़ी नामा मंगवाकर जिला कांग्रेस कमेटी का मान ऊँचा किया गया था ,,राजीव गांधी ही थे जिन्होंने कार्यकर्तओ के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाये ,,पूर्व सांसदों ,,पूर्व विधायकों ,,मंत्रियों ,,बोर्ड कॉरपोर्रेशन के अध्यक्षों ,,पार्षद ,जिलापरिषद पदाधिकारियो को निर्देश थे वोह संगठन कार्यालय पर आवश्यक रूप से बैठेंगे ,,कार्यकर्ताओ को सुनेंगे ,,राजीव गांधी के टाइम पर कभी किसी भी ज़िले में भाईसाहबो को तरजीह नहीं दी गयी ,,ज़िलों में कांग्रेस कार्यालय के अलावा किसी की भी घरों पर या कहीं और या फिर , कांग्रेस कार्यकर्ताओं के झुण्ड के नाम पर अघोषित अवैध कांग्रेस कार्यालय चलाने की हिम्मत नहीं की ,,अनुशासन मज़बूत रहा ,,दलबदल मामले में सावधानी और नैतिकता रही ,,,अनुशासन प्रक्रिया मज़बूत रही ,,प्रभारियों की ज़िम्मेदारियाँ निष्पक्ष रही ,,किसी अध्यक्ष या पदाधिकारी की पीठ थपथपाने वाली परम्परा प्रभारियों की कभी नहीं रही ,,संगठन कार्यालय पर नियमित बैठके लोगो की आवाजाही रही ,अगर पदाधिकारियों की बैठक हुई ,,प्रभारियों की बैठक हुई तो उनका हाज़री रजिस्टर देखकर ,,आवाज़ देकर उनकी प्रजेंट लगवाकर उनकी कार्यप्रणाली पूँछी गयी ,,महिलाओं ,,अल्पसंख्यकों ,,दलितों को पूरा सम्मान ,,कार्यकर्ताओं के सम्मान के लिए वी आई पी काफिले से उतर कर आम लोगो के बीच जाकर उनका अभिवादन स्वीकार करना , उनकी सादगी का संदेश था ,,जो सभी अधीनस्थ निभाते थे ,,कार्यकर्ता धुप में माला लिए खड़े है और नेताजी ,,एक मिनट हेलो कर निकल गए ,,तो ऐसे नेताजी की शिकायत मिलने पर उनकी खेर नहीं ,,,मुझे गर्व है ,,,कोटा के पत्रकार के नाते उनका ,,सबसे पहला ,,डाक साक्षात्कार ,,,मेने ही लेकर उसे प्रकाशित किया था ,,उन्होंने खुद अपनी हस्तलेखनी में ,,प्रभावशाली और सरल भाषा में हर सवाल के जवाब ,,खुद के हस्ताक्षर कर ,,अख़बार में छापने की इजाज़त के साथ भिजवाए थे ,,वोह सेवादल को ओरिजनल सेवादल बनकर ,,कांग्रेस के विधान के तहत ,,+कार्यकर्ताओं को आम जनता से जुड़ने ,,उनके दुःख सुख में काम आने ,विधानसभा की ,भाग संख्या के हिसाब से कार्यकर्ताओं को तैयार करने ,,चिकित्सा ,,पेंशन ,,शिक्षा ,,रोज़गार ,,क़ानून व्यवस्था ,,नाली पटान ,,सहित कई तरह के श्रमदान करने की उनकी लगातार हिदायत थी ,, पंद्रह सूत्रीय कल्याणकारी कार्यक्रम को उन्होंने मज़बूती से चलाया ,,जबकि कोटा बारां के शाहबाद में सहरियाओं के लिए उन्होंने ऐतिहासिक मददगार का काम किया ,,कोटा के उम्मेद क्लब के पास उनकी पहली मीटिंग राष्ट्रिय महासचिव की हैसियत से रही ,,जिसमे मुख्यवक्ता शानतिकुमार धारीवाल से वोह बेहद प्रभावित हुए ,, आज कोटा सहित राजस्थान के विकास , सोंदर्यकरणा के इस जांबाज़ , ,तेज़तर्रार हीरो , शांति कुमार धारीवाल जैसे हीरे को , उनकी प्रतिभाओं को समझकर , , स्वर्गीय राजीव गांधी ने ही उन्हें कोटा लोकसभा का टिकिट दिया , और पहली बार ,, शांति कुमार धारीवाल के नेतृत्व में ,, कोटा में भाजपा , जनसंघ का गढ़ ध्वस्त हुआ , और शान्तिकुमार धारीवाल ,, कोटा के सांसद , बने जब भी केंद्र से किए विकास योजनाए कोटा में ,, आयीं , मुख्यमंत्री हरिदेव जोशी के कार्यकाल में , कोटा में , कई विकास कार्य करवाए गए , रोज़गारोनुमुखी योजनाए , शांति कुमार धारीवाल साहब के नेतृत्व में चलाई गयीं ,,, जबकि बूंदी दूरदर्शन टावर के उद्घाटन ,,रेलवे उद्घघाटन में आने पर कोटा सर्किट हाउस में उन्होंने कुछ चंद पत्रकारों की खूब पीठ भी थपथपाई , राजीव गाँधी की इस यात्रा के दौरान ,, दैनिक जननायक के पूर्व मालिक , सम्पादक ,प्रकाशक , भंवर शर्मा अटल का , एक क़िस्सा याद आता है , ,राजीव गाँधी की यात्रा की रिपोर्टिंग के लिए , सभा स्थल पर जाने , एयरपोर्ट जाने के लिए पत्रकारों के पास बनना थे , कोटा जनसम्पर्क अधिकारी से मेरे अधिस्वीकृत पत्रकार होने के नाते , मेर आलावा भवँर शर्मा अटल के पास के लिए भी कहा गया ,, सी आई डी , जिला प्रशासन के निर्देश पर , पास बनाने के लिए सूचीबद्ध हुए , पास में भंवर शर्मा अटल की फी एट कार का पास भी बनना था ,, भंवर शर्मा अटल की फी एट कार का पास बना , जो राजीव जी के काफिले के साथ जाने वाले वाहनों का था ,, लेकिन उस पास में , अख्तर खान अकेला , प्लस चार लिख दिया गया ,, अब , सर्किट हाउस के बाहर , पुलिस अधिकारी भीड़ गए फी एट कार रोक दी गयी ,, हुज्जत हुई , सिक्योरिटी वाले दक्षिणी भारतीय थे , उनका कहना था , अख्तर खान ,,, अकेले का पास है , कयुँकि पास पर अख्तर खान अकेला लिखा था ,, वोह समझने को तय्यार नहीं थे , ,भंवर शर्मा अटल भी दबंग थे ,वोह अड़े रहे ,, उन्होंने जान होने के बाद भी , कारा नहीं हटाई , और इसी बीच राजीव गांन्धी का क़ाफ़िला आया , उन्होंने भंवर शर्मा अटल को देखा , सिक्योरिटी वालों को , बुलाकर , अटल जी को बुलाया ,, कंधे पर हाथ रखा ,और अंदर ले गए ,,, ,,राजीव गाँधी की सवाई माधोपुर रणथम्भोर से भी कई यादे जुडी रही थी ,,,,काश राजीव गांधी का मेकेनिज़्म ,,देश के संचालन ,,विश्व का सबसे बढ़ा संगठन ,,भरतीय राष्ट्रिय कांग्रेस के संचालन में ,,फिर से काम में लिया जाए ,,उनके फार्मूले को अपनाया जाए तो कांग्रेस भी मज़बूत होगी और देश भी ज़िंदाबाद होगा ,,सच राजीव सर आप ,,आपकी ,कार्यशैली आपकी ईमानदार कोशिशे बहुत याद आती हैं ,,,,,,राजीव गाँधी अमर रहे ,,अमर रहे ,,,,,,अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान
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