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12 मई 2021

समस्त नर्सेज को समर्पित

 

🙏Dedicated To All Nurses🙏
Happy International Nurses Day
उखड़ती साँसों को,
वो अक्सर संभाल लेती है !
अच्छे अच्छों को,
मौत के मुँह से निकाल लेती है !!
न वो हिन्दू देखती है,
न कभी मुसलमान देखती है !
खुदा की बंदी है वो,
हर शख्स में बस इंसान देखती है !!
जख्म कितना भी गहरा हो,
वो हिचकिचाती नहीं कभी !
घाव की गंदगी देखकर,
वो सकुचाती नहीं कभी !!
उसके हाथों में जो हुनर है,
बखूबी जानती है वो !
अपने पेशे को खुदा की,
इबादत मानती है वो !!
जब भी जाती है वो ओ.टी.,
खुदा को याद करती है !
सफल हो जाए ऑपरेशन,
यही फरियाद करती है !!
रोग कितना भी बड़ा हो,
वो जी जान लगा देती है !
मरीज को ठीक करने में,
वो पूरा ज्ञान लगा देती है !!
अगर हो जाए सफल तो,
हजारों दुआएँ लेती है !
अगर वो हार जाए तो,
लोगों का क्रोध सहती है !!
खरी खोटी वो सुनती है,
फिर भी खामोश रहती है !
अपनी असफलता पर वह
बहुत अफसोस में रहती है !!
वो जानती नहीं किसी को,
मगर धीरज बंधाती है !
निरंतर कर्म के पथ पर,
वो बढ़ते ही जाती है !!
उसे मालूम है कि जिन्दगी,
उस खुदा की रहमत है !
खुदा के बंदों की सेवा,
मगर उसकी भी हसरत है ! !
*।। समस्त नर्सेज को समर्पित ।।

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