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24 जनवरी 2021

भाजपा और भाजपाई , खुद अपने अंदर आंतरिक रूप से अपने खोये हुए अस्तित्व से चिंतित है

 भाजपा और भाजपाई , खुद अपने अंदर आंतरिक रूप से अपने खोये हुए अस्तित्व से चिंतित है ,,, साम्राज्यवाद की चाह में भाजपा ने ,,,, सियासत में कुर्सी पकड़ने के लिए सभी मर्यादाएं भंग कर , बेईमान , भ्रष्ट , गद्दारों , मौक़ापरस्तों को , पार्टी में मौक़ा देकर ,कुर्सी हथियाने की गंदी सियासत का इतिहास बनाया है ,, आज स्थिति यह है के भाजपा ,, खुद अपनी भाजपा में अपना अस्तित्व तलाश रही है , भाजपा में भाजपा नहीं ,, दूसरी पार्टियों की गंदगी , गद्दारी ,, या फिर भ्रष्टाचारी के आरोपी से ज़्यादा कुछ नहीं ,,, लोकनीति सी एस डी एस के रिसर्च फेलो स्टडी रिपोर्ट में साफ कहा गया है , के निर्वाचित 168 सांसद विधायक , सीधे भाजपा में चले गए हैं , उनमे कुछ पर भ्रष्टाचार के आरोप रहे , तो कुछ में सरकार में बैठे रहने की चाह ,,भूख ,रही तो कुछ में गद्दारी और बगावत , मौक़ापरस्ती का स्वभाव रहा ,, दल बदल करने वालों में 138 लोग यानी 82 प्रतिशत का इतिहास रहा ,, कांग्रेस में जिसने कहा मुझे राज्य सभा में लो , अगर कांग्रेस ने नहीं दिया , तो भाजपा से जाकर वोह राज्य सभा में चला गे ,, ,मंत्री बनाओं ,, नहीं बनाया तो भाजपा में जाकर वोह मंत्री बन गया ,,, मेरे मुक़दमे वापस लो , नहीं लिए तो भाजपा में जाकर उसने अपनी ज़मानत करवा ली या फिर ,मुक़दमे वापस करवा लिए , महाराष्ट्र में ऍन सी पी का बढ़ा उदाहरण है , जिस अजित पंवार के खिलाफ भाजपा उन्हें जेल भेजने के लिए हर सम्भव प्रयास में थी , वोह भाजपा सरकार बनाने के लिए एक दिन का उन्हें मुख्यमंत्री बनाती है , और फिर उसी दिन उनके सारे मुक़दमे वापस लेती है , दूसरे दिन मुक़दमे वापस लेने के बाद ,,तमाचा पढ़ता है , सरकार गिर जाती है , और फिर से अजित पंवार जिसके खिलाफ भ्रस्टाचार के भाजपा के आरोप थे , वोह खामोश हो जाती है ,,,, ऐसे कई दल बदल ,, उत्तर प्रदेश ,, गुजरात ,, मध्य्प्रदेश , मणिपुर ,मिजोरम ,, गोआ , कर्नाटक , पश्चिमी बंगाल , आसाम में इतिहास है ,, खुद हरियाणा में , भाजपा की सरकार किस गठबंधन की किन , शर्तों पर बनी , ,देश जानता है ,,, इन दल बदलुओं में से 57 प्रतिशत लोग कांग्रेस के सांसद ,, कांग्रेस के विधायक है , वोह तो राजस्थान भाग्यशाली है ,, जो यहाँ अभी तक इस तरह के भाजपा के,, गद्दारों को सम्मानित कर उनके पाप धोने उन्हें सत्ता में शामिल करने के प्रयोग सफल नहीं हो पा रहे है , यह आंकड़ा तो सिर्फ निर्वाचित पद पर बने हुए दल बदलुओं के हैं , इसके अलावा इस्तीफा देकर , भाजपा में शामिल हो कर ,,भाजपा के टिकिट पर चुनाव लड़ने वाले ,, पूर्व विधायक ,,पूर्व सांसद , पूर्व मंत्री ,, पार्टी के पदाधिकारियों की तो लम्बी फहरिस्त है , इसे कहते है ,,, कांग्रेस मुक्त भारत का सपना देखने वाली ,, भाजपा ,, अब कांग्रेस युक्त हो गयी है , लेकिन ,, कांग्रेस आज भी अपनी जगह डटी हुई है ,, देश में जो कुछ भी कांग्रेस ने बनाया है , उसे ठेके पर देने , बेचने के ,खिलाफ , जनता के शोषण के खिलाफ ,, किसानों को न्याय दिलवाने के पक्ष में ,,लगातार कांग्रेस ,, भाजपा के सभी दबाव ,, सी बी आई , प्रवर्तन निदेशालय ,, ई डी ,, फ़र्ज़ी मुक़दमों में गिरफ्तारियों के खौफ के बावजूद ,, आम लोगों के लिए , देशवासियों के लिए संघर्ष करने वाली एक मात्र पार्टी , कांग्रेस है ,, कांग्रेस जय जवान ,,, जय किसान है ,,, अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान

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