गुरुओं के ग्राम ,,गुरुग्राम उर्फ़ गुड़गांव ,,की एक गुरु ,,जो आदरणीय
प्रधानमंत्री ,,गृहमंत्री साहिब के बहुत नज़दीकी है ,,उनकी शिक्षण संस्था
रयान इंटरनेशनल ग्रुप ,,में अचानक ,,कैमरे बंद हो ,खिड़की टूटी हो ,और एक
कडंक्टर ,,एक मासूम प्रद्युम्न की ,चाकू से गला रेतकर हत्या कर दे ,,हल्ला
हो ,मुक़दमा दर्ज हो और ,,,कंडक्टर पकड़ा जाए ,,परिस्थिति जन्य साक्ष्य का
अनुसंधान के दौरान ,,लास्ट सीन एविडेंस में ,,हिंदुस्तान के इतिहास में
पहली बार ,,कॉन्फिडेंट कंडक्टर टी वी चैनलों को ,,द्रढ़ता के साथ ,,अपराध
क़ुबूल करे ,,कहे मेने मारा ,,गला काट दिया ,चाकू कहाँ से आया ,,,इसके जवाब
में अपराध कुबूलने वाले कंडक्टर कॉन्फिडेंट होकर कहते है ,में घर से
,,चाकू साफ़ करने के लिए लाया था ,,,अजीब सी बात है ,लेकिन ,,पुलिस ने कहा
है तो हो सकता है ,,,इसके बावजूद ,,मासूम प्रद्युम्न के माता पिता ,,इस तरह
से हत्या होना क़ुबूल नहीं कर रहे है ,उनका तीसरा नेत्र ,,दिल है के मानता
नहीं ,,की तरह इस कहानी को मानने को तैयार नहीं है ,,वोह चाहते है के इस
पूरी घटना की जांच सी बी आई से हो ,लेकिन एक मंत्री अजीब से बेहूदा बयान
देकर ,,सी बी आई जांच का विरोध करते ,है ,,,,हो सकता है कंडक्टर ने हत्या
की हो ,लेकिन अपराध मनोविज्ञान में पहली बार ,,घर की सब्ज़ी का चाकू साफ
करने के लिए स्कूल में लाना ,,,पहली बार एक हत्यारा ,,कॉन्फिडेंस से अपना
अपराध ,,अपराध के तरीके को ,टी वी चैनलों के सामने क़ुबूल रहा है ,,अगर
इसमें मृतक मासूम पद्युम्न के माता पिता और भी कई लोग शंका ज़ाहिर कर ,,सी
बी आई से जांच की मांग करते है ,,तो रायन एजुकेशनल संस्था के निकटतम
नरेंद्र मोदी ,,,गृहमंत्री राजनाथ सिंह को उनके ही नियंत्रित सी बी आई से
जाँच कराने में ऐतराज़ नहीं होना चाहिए ,,घटनाक्रम यही रह जाएगा ,,आम पुलिस
और सी बी आई में फ़र्क़ भी है ,,सी बी आई के पास वैज्ञानिक अनुसंधान ,,उपकरण
है ,,एक विशेष निष्पक्ष सोच है ,,, सी बी आई या वर्तमान जांच पुलिस अगर
जांच करे के मृतक प्रद्युम्न के साथ पढ़ने वाले बच्चो में कितने बच्चे
प्रभावशाली से भी ज़्यादा प्रभावशाली लोगो के है ,,,कितने ऐसे बच्चे है
जिससे मृतक प्रद्युम्न के ताल्लुक़ात सही थे ,या किन बच्चो से आपसी कहा सुनी
हुई हो ,,ऐसे बच्चे स्कूल में प्रद्युम्न की क्लास के या फिर क्लास के
दोस्तों के दोस्त हो ,,खेलकूद के दोस्त ,,या फिर तात्कालिक रूप से विवाद
होने के बाद अलग रहे छात्र हो ,,,उनकी तहक़ीक़ात वैज्ञानिक तरीके से होना
चाहिए ,,कंडक्टर के घर से जुड़े लोग ,विश्वासपात्र लोग ,,खुद कंडक्टर के
मोबाइल पर अंतिम रूप से आने ,,जाने वाले टेलीफोन कॉल की छानबीन हो
,,,,,उसके बच्चे ,,पत्नी ,भाई ,,मित्र ,रिश्तेदार के जीवन स्तर के बदलाव की
भी जांच हो ,,फिर भी हर ऐंगल से सी बी आई जांच में उत्तर कंडक्टर द्वारा
ही इस मासूम की हत्या करना आता है ,तो मुक़दमा चलाया जाए ,,सी बी आई
वैज्ञानिक जांच में किसी को ऐतराज़ क्यों हो ,,,जबकि रायन एजुकेशनल संस्था
के सुप्रीमो ,,नरेंद्र मोदी और राजनाथ सिंह के भी नज़दीकी है ,इस मामले में
अगर निष्पक्ष जांच हो जाये तो सभी आरोपों से ,,,सभी शंकाओ से मुक्ति मिल
जायेगी ,,,अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान
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