कोटा की समाजसेवी संस्था खिदमत ऑर्गेनाइज़ेशन ,,शहीदों को सलाम ,,कार्यक्रम
के तहत हर साल की तरह इस साल भी आगामी 10 सितम्बर को परमवीर चक्र वीर शहीद
केप्टिन अब्दुल हमीद की शहादत दिवस पर ,अंटाघर चौराहा स्थित शहीद स्मारक
पर कार्य्रकम आयोजित कर उन्हें खिराज ऐ अक़ीदत पेश करेंगे ,,,,,,खिदमत
ऑर्गेनाइज़ेशन के हाफ़िज़ अब्दुल रशीद क़ादरी ने बताया के यह कार्यक्रम पिछले
कई सालो से शहीद स्मारक पर आयोजित हो रहा है ,लेकिन इस बार सभी समाजसेवी
संस्थाओ ,,शहीदों के प्रति सम्मान रखने वालो के साथ मिलकर इस
कार्यक्रम का आयोजन ऐतिहासिक होगा ,,,रशीद क़ादरी ने बताया के कार्यक्रम
में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सचिव ,,राजस्थान कांग्रेस के सह प्रभारी
तरुण कुमार ,,राजस्थान प्रदेश कांग्रेस की मिडिया चेयरपरसन प्रवक्ता
श्रीमती अर्चना शर्मा ,,ाल इंडिअय आल इंडिया पीस मिशन के राष्ट्रिय अध्यक्ष
सरदार दया सिंह ,,फोजियो के कुछ परिवार सहित शहर के सभी गणमान्य नागरिक
,,शहीदों के प्रति आदर भाव रखने वाले लोग शामिल रहेंगे ,,वीर शहीद अब्दुल
हमीद की बहादुरी से अमेरिका उसके पेटेंट टेंक भी काँप गए थे और दुश्मन देश
पाकिस्तान उलटे पैर भागा था ,,,
हिन्दुस्तान की सरहदों पर बुरी नज़र डालकर हिन्दुस्तान पर हमला करने की नापाक हरकत करने वाले पाकिस्तान के हमलावर टेंकरों को फोड़ने के लिए केप्टिन अब्दुल हमीद ने अपनी जान की बाज़ी लगा दी ,,और पाकिस्तान के अमेरिकी हमलावर टेंको को एक के बाद एक ध्वस्त करते हुए भारत की सेना पर गोले बरसाने वाले पाकिस्तानी टेंको को तबाह कर दिया ,,केप्टिन हमीद ने अपने मुल्क अपने वतन की सरहदों और हुकूमत को महफूज़ रखने के इस्लामिक क़ायदे को अपनाया और खुद ने अपने देश हिन्दुस्तान को बचाने के लिए अपनी जान दे दी ,,,जी हां दोस्तों दस सितम्बर उन्नीस सो पैसठ में राजस्थान में शेखावाटी की धरती के इस वीर ने अपनी जान तो दे दी लेकिन भारत की सरहदों को पाकिस्तान से आज़ाद करा दिया,,एक जीप में लगी छोटी सी तोप ,,पाकिस्तान के पास अमेरिका के आधुनिक पेटेंट टेंक जिनके बल पर पाक्सितान ने भारत के स्वाभिमान को ललकारा था ,,लेकिन उसे पता नहीं था ,,पाकिस्तान के पास दोगले अमेरिका के पेटेंट टेंक तो थे ,, लेकिन हिम्मत और हौसला तो भारत के सेनिको के पास था ,,अब्दुल हमीद ने जब भारतीय सेनिको पर पेटेंट टेंक की तबाही देखी तो उन्होंने जीप में लगी तोप से ,,अपने हौसले और भारत के प्रति राष्ट्रभक्ति के साथ ,,पकिस्तान की फौज पर हमला बोला ,,उन्होंने अमेरिकी अभेद पेटेंट टेंको को निशाना बनाकर अपने हौसले से चकनाचूर कर दिया ,,पेटेंट टेंक पर इतराकर हमला करने वाले पाकिस्तान सेनिको ने जब इन टेंको के परखच्चे उड़ते देखे तो वोह उलटे पाँव भाग लिए ,,वोह बात अलग है के सात टेंक चकनाचूर करने के बाद यह बहादुर वीर जवान भी शहीद हो गया ,,लेकिन इस वीर की शहादत से हम पाकिस्तान को खदेड़ चुके थे एक युद्ध इस नापाक से हम जीत चुके थे ,,अमेरिका ने अपने अभेद कहे जाने वाले पेटेंट टेंको को तबाह होते देख ,इस पर विशेषज्ञों से जांच करवाई ,,,तब अमेरिकी रक्षा विशेषज्ञों की रिपोर्ट थी ,,यह एक फौजी के हौसले उसकी हिम्मत उसके शहीदी जज़्बे की वजह से ही एक छोटी सी तोप गन से तबाह हुए है वरना ऐसा किसी भी सूरत में सम्भवं नहीं था के पेटेंट टेंक को कोई तबाह कर सकता ,,,,अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान
हिन्दुस्तान की सरहदों पर बुरी नज़र डालकर हिन्दुस्तान पर हमला करने की नापाक हरकत करने वाले पाकिस्तान के हमलावर टेंकरों को फोड़ने के लिए केप्टिन अब्दुल हमीद ने अपनी जान की बाज़ी लगा दी ,,और पाकिस्तान के अमेरिकी हमलावर टेंको को एक के बाद एक ध्वस्त करते हुए भारत की सेना पर गोले बरसाने वाले पाकिस्तानी टेंको को तबाह कर दिया ,,केप्टिन हमीद ने अपने मुल्क अपने वतन की सरहदों और हुकूमत को महफूज़ रखने के इस्लामिक क़ायदे को अपनाया और खुद ने अपने देश हिन्दुस्तान को बचाने के लिए अपनी जान दे दी ,,,जी हां दोस्तों दस सितम्बर उन्नीस सो पैसठ में राजस्थान में शेखावाटी की धरती के इस वीर ने अपनी जान तो दे दी लेकिन भारत की सरहदों को पाकिस्तान से आज़ाद करा दिया,,एक जीप में लगी छोटी सी तोप ,,पाकिस्तान के पास अमेरिका के आधुनिक पेटेंट टेंक जिनके बल पर पाक्सितान ने भारत के स्वाभिमान को ललकारा था ,,लेकिन उसे पता नहीं था ,,पाकिस्तान के पास दोगले अमेरिका के पेटेंट टेंक तो थे ,, लेकिन हिम्मत और हौसला तो भारत के सेनिको के पास था ,,अब्दुल हमीद ने जब भारतीय सेनिको पर पेटेंट टेंक की तबाही देखी तो उन्होंने जीप में लगी तोप से ,,अपने हौसले और भारत के प्रति राष्ट्रभक्ति के साथ ,,पकिस्तान की फौज पर हमला बोला ,,उन्होंने अमेरिकी अभेद पेटेंट टेंको को निशाना बनाकर अपने हौसले से चकनाचूर कर दिया ,,पेटेंट टेंक पर इतराकर हमला करने वाले पाकिस्तान सेनिको ने जब इन टेंको के परखच्चे उड़ते देखे तो वोह उलटे पाँव भाग लिए ,,वोह बात अलग है के सात टेंक चकनाचूर करने के बाद यह बहादुर वीर जवान भी शहीद हो गया ,,लेकिन इस वीर की शहादत से हम पाकिस्तान को खदेड़ चुके थे एक युद्ध इस नापाक से हम जीत चुके थे ,,अमेरिका ने अपने अभेद कहे जाने वाले पेटेंट टेंको को तबाह होते देख ,इस पर विशेषज्ञों से जांच करवाई ,,,तब अमेरिकी रक्षा विशेषज्ञों की रिपोर्ट थी ,,यह एक फौजी के हौसले उसकी हिम्मत उसके शहीदी जज़्बे की वजह से ही एक छोटी सी तोप गन से तबाह हुए है वरना ऐसा किसी भी सूरत में सम्भवं नहीं था के पेटेंट टेंक को कोई तबाह कर सकता ,,,,अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान
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