गो भक्त ,,गो रक्षक ,,,,बने तो सिर्फ ,,,योगी आदित्यनाथ की तरह बने ,,योगी
आदित्यनाथ जो ,,गांय को ,,माँ की तरह सम्मान देते है ,,गाय की माँ की तरह
देखभाल करते है ,,,,,अगर ,,किसी भी गोशाला में बुलाया जाए ,,तो बिना किसी
सियासत के वोह वहां पहुंच जाते है ,,चाहे वोह गोशाला फिर ,,मुलायम सिंह
यादव ,,के पुत्र और पुत्रवधु की ही क्यों न हो ,,योगी आदित्यनाथ ,,गांय को
माँ कहते ही नहीं ,,गांय की खिदमत और संरक्षण माँ की तरह ही करते है
,,लेकिन आज टी वी पर कुछ जो समर्थक फ़र्ज़ी थे ,,जिन्होंने ने
आज तक न तो गांय पाली ,,न गांय को रोटी दी ,,,खुद मुख्तार अब्बास नक़वी
ने तो गांय को कभी रोटी भी नहीं दी ,,खेर ,राजनाथ सिंह खानदानी थे
,,उन्होंने ,,अपना फ़र्ज़ निभाया और सच स्वीकारा ,,गैर खानदानी लोगो की
बयानों से ही उनका डी ऍन ऐ टेस्ट हो गया ,,,इधर सुना है ,,अलवर के गो
रक्षक जिनका बचाव ,,खुले आम ,,क़ानून और राजधर्म की मर्यादाये ताक में रखकर
,गृह मंत्री ,,पुलिस अधीक्षक ,,विधायक और कुछ लोग कर रहे है ,,,ऐसे लोगो का
भी गो को माता ,,कहने के अलावा ,,संरक्षण और रक्षा से कोई लेना देना नहीं
है ,,,,खुद हत्यारों ने कभी किसी गांय को चारा नहीं खिलाया ,,रोटी नहीं
खिलाई ,,राजस्थान सरकार तो राजस्थान की गोशालाओं में गांय को संरक्षित भी
नहीं कर पा रही है ,कोटा ,,फिर जयपुर के हिंगोनिया की गोशालाओं में हज़ारो
गांयों की देखरेख के अभाव में मोत हुई ,,है ,,उद्घाटन ,,,भाषण ,,सेर सपाटे
और मंत्रियो के ऐशो आराम पर जनता का रुपया खर्च करने वाली राजस्थान सरकार
के पास तो ,,गौ माता के रखरखाव ,,संरक्षण के लिए ,,खर्च करने को रूपये भी
नहीं है ,,इसीलिए तो ,,जो रक्षा ,संरक्षण के नाम पर ,,राजस्थान में स्टाम्प
ड्यूटी के साथ ,,दस प्रतिशत ,,इंफ्रा स्ट्रक्चर ,,दस प्रतिशत ,,गौ संरक्षण
,,संवर्धन के लिए जजिया कर लगाया गया है ,,जो लाखों रूपये प्रतिदिन
एकत्रित होगा ,,अब गौ माता के नाम पर एकत्रित अतिरिक्त सरचार्ज से जमा राशि
के खर्च पर ,,खूब भ्रष्टाचार के रास्ते खुल गए है ,,वरना राज्यों की
गांयों की ज़िमेदारी तो राजस्थान सरकार की ही थी ,,,जनता पर अतिरिक्त बोझ
डालकर ,,उसकी कमर तोड़ने की सरकार को क्या ज़रुरत थी ,,अख्तर खान अकेला कोटा
राजस्थान
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