तुम अपने किरदार को इतना बुलंद करो कि दूसरे मज़हब के लोग देख कर कहें कि अगर उम्मत ऐसी होती है,तो नबी कैसे होंगे? गगन बेच देंगे,पवन बेच देंगे,चमन बेच देंगे,सुमन बेच देंगे.कलम के सच्चे सिपाही अगर सो गए तो वतन के मसीहा वतन बेच देंगे.
12 मार्च 2012
दोस्तों किसी ने कहा है के लाख दुश्मनों की हों बद्दुआए तो भी दोस्तों की दुआएं उन्हें बे असर कर देती है और में अपने दोस्तों पर गर्व करता हूँ के उन्हीं क
दोस्तों किसी ने कहा है के लाख दुश्मनों की हों बद्दुआए तो भी दोस्तों की दुआएं उन्हें बे असर कर देती है और में अपने दोस्तों पर गर्व करता हूँ के उन्हीं की दुआओं ने आज मुझे और मेरे परिवार को नई जिंदगी दी है ..दोस्तों ये सच है के मेरे सिद्धांतों के चलते हो सकता है कुछ लोग मुझ से नाराज़ होंगे और पेशे से में वकील हूँ ..किसी को छुड़ाता हूँ तो किसी को सजा कराता हूँ ..ऐसे में कुछ बद्दुआए तो मुझे भी मिलती है ....कल सुबह सवेरे में अपनी दिन चर्या के तहत कहीं जाने की तय्यारी कर रहा था मम्मी को विज्ञानं नगर जाना था उन्होंने कहा के विज्ञान नगर जा रही हूँ ........में उन्हें लेकर विज्ञान नगर पहुंचा और जब वापसी में कोटा एरोड्रम के पास से गुजर रहा था तो एक अधेड़ से सज्जन किनारे पर मोटर साइकल के नीचे पढ़े तड़प रहे थे ..मेने साइड में कार रोकी ..इन जनाब को उठाया बताया तो उनके पाँव पर गम्भीर चोटें थी मेने मोटर साइकल सीधी की.... लगाया चाबी उन्हें संभलाई ..इस बीच इन जनाब ने उनके घर वालों को फोन किया वोह घटना स्थल पर आना चाहते थे मेने फोन लेकर उनके परिजनों से कहा के आप घबराओ मत ..ज्यादा चोट नहीं आई है में ड्रेसिंग करवाकर खुद छोड़ दूंगा लेकिन उनके परिजनों ने कहा के अस्पताल तो हम दिखा देंगे आप तो इन्हें मेरिज होल तक छोड़ दें तो महरबानी होगी ..खेर मेने इन जनाब को कार में आगे बिठाया हिम्मत बंधाई और इन्हें लेकर बताये हुए पते पर लेकर चल दिया ..वहां घरवाले पहले से ही इन्तिज़ार में थे ..घायल सज्जन थे तो ड्राइवर लेकिन यहाँ किसी शादी में शामिल होने आये थे जो स्लिप होकर घायल थे में जेसे ही इन जनाब को लेकर पहुंचा तो उनके पुत्र और पुत्रियों ने उन्हें घेर लिया मुझे शुर्क्रिया अदा किया और लम्बी उम्र की दुआएं दी ..में उन्हें फिर अस्पताल छोड़ कर ड्रेसिंग कराने के बाद घर आ गया ...............दस मार्च मेरी शादी की सालगिरह थी ..मेने एक पोस्ट फेसबुक और ब्लोगर मित्रों के लियें डाली थी ....इस पोस्ट को जब मेने खोला तो यकीन मानिये मेरे फेसबुक बाइयों और बहनों का प्यार और स्नेह भरा आशीर्वाद देख कर मेरी आँखों से आंसू बह निकले ...मेरा सीना गर्व से छोड़ा हो गया ..यकीन कीजिये करीब दो हजार से भी अधिक लोगों ने कोटा ..राजस्थान ..हिन्दुस्तान और विदेशों में रह रहे लोगों ने मुझे दुआएं दी .और मेरी पोस्ट पर किसी न किसी तरह से अपनी उपस्थिति दर्ज कराई ..इतनी भारी संख्या में मेरे मित्रों का प्यार देख कर में फूला नहीं समा रहा था ......फिर मुझे एक विवाह समारोह में जाना था ॥ पहले हम बाबा के यहाँ गये ..मुजाविर बाबा ने हमे दुआएं दी और हम विवाह समारोह में शामिल होने चल दिए ... कल रात्री एक बस ने मेरी कार को ज़बरदस्त टक्कर दी लेकिन खुदा का शुक्र था में और मेरा परिवार बच गया ..कार का तो सत्यानास हो गया लेकिन शुक्र खुदा का यह था के हमारे किसी के भी कोई चोट या खरोंच नहीं आई .....म़ोत हमने नजदीक से देखी थी लेकिन म़ोत तो आप भाइयों और बहनों की दुआओं और आशीर्वाद से हमसे कोसों दूर जा चुकी थी हमारे सामने एक नई हंसती खेलती जिंदगी खड़ी थी ..हमने खुदा का शुक्रिया अदा किया ..हमारी पत्नी ने धर्म के एतेबार से सदके और शुक्राने की नमाज़ अदा की .हमने भी यह सब किया हमारी बच्ची और बच्चे और चाहने वालों ने भी यह सब किया ..और इस हादसे ने हमे एक सच का एहसास दिलाया के जानको राखे साइयां मार सके न कोई .और लोगों की दुआएं ..आशीर्वाद हो तो कोई तुम्हे या हमे छू भी नहीं सकता ..में शुक्रगुज़ार हूँ मेरे सभी भाइयों का जिन्होंने मुझे प्यार दिया मेरी ख़ुशी और फिर बाद में तकलीफ में भी हिस्से दार बने बस खुदा से मेरी यही दुआ है के आप लोगों का यह प्यार ..यह स्नेह मेरे ऊपर खुदा ..अल्लाह हमेशा बनाये रखे ,..हमेशा बनाये रखे और मुझे और मेरे परिवार को आपकी दुआओं की वजह से दुःख तकलीफों और हादसों से महफूज़ रखे ...........में चाहता हूँ के जब में गलती करूं तो आप मेरे कान उमेठे मुझे मेरी गलती का अहसास दिला कर मुझे रास्ते पर चलवायें ...में जब अच्छा काम करूं तो आप मेरी पीठ थपथपाए और मेरी होसला अफजाई करे ..शायद यही मेरे लियें दुनिया की सबसे बढ़ी खुदा की दी हुई दोलत होगी ..में एक बार फिर आपका और मेरे कोटा के फेसबुक मित्र भाइयों और बहनों सहित देश विदेश में बेठे मित्रों का शुक्र गुजार हूँ ........ अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान
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allah ka shukr hai.
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