नई दिल्ली. पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव अपने आखिरी दौर में है, ऐसे में पेट्रोल और डीजल की कीमतें एक बार फिर बढ़ने की आहट मिलने लगी है। मीडिया में सूत्रों के हवाले से आ रही खबरों के मुताबिक पेट्रोल की कीमत में चार से पांच रुपये प्रति लीटर और डीजल दो रुपये प्रति लीटर का इजाफा हो सकता है।
पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव का आखिरी दौर तीन मार्च को खत्म हो रहा है। उम्मीद है कि पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी का ऐलान इसके तुरंत बाद किया जाएगा।
इंडियन ऑयल के एक वरिष्ठ अधिकारी ने भी हाल में ही पेट्रोल की कीमतें बढ़ाने के संकेत दिए थे। सीएमडी आरएस बुटोला ने कहा था, 'अभी प्रति लीटर पेट्रोल पर 3 रुपए से अधिक का घाटा हो रहा है। सरकार से पेट्रोल की मद में हो रहे घाटे का हवाला देते हुए अप्रैल से दिसंबर तक की अवधि के लिए 12 सौ करोड़ रुपए मांगे गए हैं। अगर सरकार यह पैसा नहीं देती है तो मजबूरन दाम बढ़ाने होंगे।'
इस तरह की खबरें आने के बाद डीलरों ने बताया कि पेट्रोल और डीजल की कीमतें बढ़ाए जाने से कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों से निपटना आसान हो जाएगा। इस वक्त अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें 125 डॉलर प्रति बैरल के करीब हैं।
ऑयल मार्केटिंग कंपनियों को प्रति लीटर पेट्रोल की बिक्री पर चार रुपये और प्रति लीटर डीजल पर 13 रुपये का घाटा हो रहा है। ऑयल इंडस्ट्री को इस घाटे से उबरने के लिए मार्च 2012 तक एक लाख 39 हजार करोड़ यानी हर दिन करीब चार करोड़ की जरूरत होगी।
पेट्रोलियम पदार्थों की कीमत में बढ़ोतरी की उम्मीद के चलते विपरीत माहौल में भी आज एचपीसीएल और बीपीसीएल के शेयरों के दाम बढ़े। शेयर बाजार में आज एक ओर जहां कई बड़ी कंपनियों के शेयर गिरे वहीं बीपीसीएल के शेयर करीब दो फीसदी और एचपीसीएल के शेयर करीब साढ़े तीन फीसदी चढ़े।
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