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29 मार्च 2011

हमारी वाणी को टिप्स देंगे मासूम भाई

ब्लोगिंग की दुनिया में एक अच्छे लेखक , एक अच्छे ब्लोगर ,एक अच्छे ब्लोगिंग  तकनीक के जानकार के रूप में अगर किसी का इज्जत से नाम लिया  जाता हे तो वो नाम हे सय्यद मोहम्मद मासूम यानी एस एम मासूम और इसीलियें हमारीवाणी ने उन्हें अपनी टीम में शामिल कर लिया हे .

मासूम भाई वेसे तो ब्लोगिंग की दुनिया की  बुनियाद रखने वालों में से एक हैं  और यह शख्सियत किसी पहचान की मोहताज नहीं हे लेकिन हाल ही में जब लोगों को पता चला के मासूम भाई  अब हमारीवाणी  से जुड़ गए हें तो लेखकों और ब्लोगर्स की ख़ुशी का ठिकाना न रहा कारण साफ़ है की  अब हमारीवाणी के तेवर मीठे और सुरीले होंगे सजी संवरी हमारीवाणी सभी लोगों में प्यार और सद्भाव बातेंगी अभी भिया दिनेश जी शाहनवाज़ जी  खुशदीप जी और सक्सेना जी ने यह कमान सम्भाली थी हमारीवाणी को इन सभी भाइयों ने अपने खून से सींचा हे कड़ी महनत लगन और पसीने से उसे संवारा हे उसे हम लोगों की वाणी बनाया हे लेकिन अब एक से भले दो, दो से भले तीन की तर्ज़ पर मासूम भाई के आने से समझो हमारी वाणी में चार चाँद लग गये . 

मासूम भाई के लियें कुछ भी लिखना सूरज को दिए की रौशनी दिखाने  के समान है .मैं  स्वयम भी इन जनाब का निजी तोर पर हजारों बार शुक्रगुजार रहा हूँ आगे  भी में इन्हें तकलीफें देता रहूँगा .

ब्लोगिंग  की दुनिया में प्यार बाँटने वाले मासूम भाई पहले बैंकर  थे और वहां से रिटायर होकर ब्लोगिंग की दुनिया के साथ साथ पत्रकारिता की दुनिया में ब्यूरो चीफ बन कर समाज सेवा  कर रहे हें , लोगों  की मदद करना लोगों में प्यार बांटना इनका स्वभाव हे यह कहते हें के कलम एक ऐसी ताकत हे जिसका  जनहित में इस्तेमाल कर अमन का पैगाम पहुंचाया जाये और इसीलियें इन्होने अमन का पैगाम भी पहुंचाया सभी ब्लोगर भाइयों को भाईचारे और सद्भावना के लेख लिखें के लियें प्रेरित कर ब्लोगिंग को एक नई दिशा दी .

शांति संदेश ,हक बातिल , बेजुबान, इस्लाम मुस्लमान ,ब्लोग्संसार सहित कई ऐसे खुबसूरत ब्लॉग हें जिन्हें शीशे के आयने में मासूम भाई ने सजाया  संवारा हे और ब्लोगिंग की दुनिया के पत्थरों को तराशकर चमकदार हीरा  बना दिया  है. 

 इसलियें भाई मासूम आपको सलाम हमारीवाणी  को सलाम भाई दिनेश जी द्विवेदी , भाई शाहनवाज़ को सलाम , भाई  सतीश सक्सेना जी भाई खुशदीप जी और सभी टीम मेम्बरों को सलाम एकता में बल हे संगम में खूबसूरती हे उदारता में मिठास हे और अमन के पैगाम में प्यार  की खुशबु हे इसलियें ब्लोगर्स के खुशबूदार फूलों को एक हमारी वाणी के गुलदस्ते में सजाने वालों को इसकी खुसबू लेने वालों को इसकी खुशबु दूर दराज़ तक पहुँचाने वालों को तहे दिल से नमन . अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान

5 टिप्‍पणियां:

  1. मासूम साहब का परिचय इस रूप में करवाने के लिए आपका आभार

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  2. मासूम भाई तो वाकई अमन के सिपाही है
    जो सत्य और अहिंसा के रास्ते पर चाल कर लोगो को जीत लेता है

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  3. मासूम जी के जुड़ने से हमारी वाणी का मान बढ़ा है...साथ ही गीताश्री जी के आने से मार्गदर्शक मंडल में महिला सदस्य की कमी भी दूर हो गई है...

    अख्तर भाई के पी सक्सेना नहीं ये अपने सतीश सक्सेना भाई जी हैं...गलती सुधार लें...

    जय हिंद...

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  4. अख्तर साहब इज्ज़त अफजाई का शुक्रिया. आप को वकील किसने बना दिया. आप एक कामयाब जासूस भी बन सकते थे.

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दोस्तों, कुछ गिले-शिकवे और कुछ सुझाव भी देते जाओ. जनाब! मेरा यह ब्लॉग आप सभी भाईयों का अपना ब्लॉग है. इसमें आपका स्वागत है. इसकी गलतियों (दोषों व कमियों) को सुधारने के लिए मेहरबानी करके मुझे सुझाव दें. मैं आपका आभारी रहूँगा. अख्तर खान "अकेला" कोटा(राजस्थान)

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