तुम अपने किरदार को इतना बुलंद करो कि दूसरे मज़हब के लोग देख कर कहें कि अगर उम्मत ऐसी होती है,तो नबी कैसे होंगे? गगन बेच देंगे,पवन बेच देंगे,चमन बेच देंगे,सुमन बेच देंगे.कलम के सच्चे सिपाही अगर सो गए तो वतन के मसीहा वतन बेच देंगे.
वास्ता है प्यार का> जनाब ! मेरा यह ब्लॉग आप सभी भाईयों का अपना ब्लॉग है. इसमें आपका स्वागत है. इसकी गलतियों (दोषों व कमियों) को सुधारने के लिए मेहरबानी करके मुझे सुझाव दें. मैं आपका आभारी रहूँगा. अख्तर खान "अकेला" कोटा(राजस्थान)
07 April 2010
भाजपा पुरे तीस बरस की
जी हाँ आज भाजपा यानि भारतीय जनता पार्टी पूरे तीस साल की हो गयी हे यह पहले जनसंघ,फिर जनतापार्टी, फिर भारतीय जनता पार्टी क नाम से जानी गयी इस पार्टी के नेता कल्याण सिंह उमाभारती और कई एनी अलग अलग जाकर नाइ पार्टी बनाने लगे इस पार्टी ने अटल अडवानी के दम पर कई राज्यों और देश पर राज कर बता ही दिया लेकिन इस पार्टी के सत्ता में आने के पहले जो ताकत थी वोह जीरो हो गयी हे पार्टी की ख़ास ताकत आर एस एस में पार्टी के नाम पर फुट पढ़ गई ,भेरो सिंह शेखावत, वसुंधरा, अटल अडवानी में महाभारत हो गई पार्टी के लोग कोंग्रेस में जिन बुराइयों को लेकर आवाज़ उठाते थे आज उस पार्टी के लोगान में व्ही सबसे ज्यादा बुराईयाँ हो गई पार्टी अपना चिन्तन मनन करे और देश को केसे आगे बढाया जाए , देश में अराजकता आतंकवाद केसे खत्म किया जाए अमन चेन केसे स्थापित हो महंगाई भुक्म्नरी गरीबी केसे खत्म हो इस एजेंडे पर एक जुट होकर काम करने का संकल्प ले और पार्टी का जो विधान हे उस पर पुनर्विचार कर उसे पूरी तरह से लागू करे। अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान
अस्वस्थ देश में मनाया जा रहा हे विश्व स्वास्थ्य दिवस
आज पुरे देश में विश्व स्वास्थ दिवस मनाया जा रहा हे हालात यह हें के अखबारों में लाखोबं करोड़ों के विज्ञापन इस दिन के लियें भरे पड़े हें । हमारे देश में इन दिनों भुकमरी के साथ साथ कुपोषण और बीमारियाँ आम हें सरकार ने इसके लियें विशेष तोर पर केंद्र और राज्यों में स्वास्थ्य मंत्रालय बना रखा हे इन मंत्रालयों के जरिये स्वास्थ्य के लियें लाखों करोड़ों अरबों की कागज़ी योजनायें बनती हें सबसे अधिक नकली कमिशन की दवाइयां खरीदी जाती हें अस्पतालों में सरकारी दवाओं की सप्लाई की अगर जांच हो जाए तो वोह दवाए इसी होती हें की उनको खाने से मरीज़ का ठीक होना तो दूर उलटे वोह मर आसानी से सकता हे हमारे देश के स्वास्थ्य मंत्रालय का जो ढांचा हे वोह असाध्य बिमारी से ग्रसित हे कोड की तरह से देश को खा रहा हे अब देस्खना हे इसे विश्व स्वास्थ दिवसों पर सरकारों और सरकार के कारिंदों को अपनी हालत में सुधार के लियें शर्म अआती हे या नहीं । अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान
06 April 2010
कोटा में अल्लाह छपी पोलीथिन में चूर्ण सुपारी
कोटा राजस्थान के उद्योगनगर इलाके में हरिराम नाम के एक व्यक्ति द्वारा सुपारी चूर्ण बनाया जा रहा हे लेकिन उसके द्वारा सुपारी चूर्ण जिस पन्नी में लपेट क्र पेक किया जा रहा हे वोह पन्नी मुस्लिमो के धर्म का अपमान क्र रही हे उस पन्नी पर अरबी भाषा में अल्लाह,बिस्मिल्लाह,कलमा लिखा हुआ हे इस चूर्ण को किशोरपुरा थानाशेत्र के साजिदेह्दा सिन्धिकोलोनी के एक क्न्फेक्सश्न्र द्वारा बेचीं जा रही हे बच्चे चूर्ण,सुपारी तो खा रहे हें और अल्लाह,कलमा,बिस्मिल्लाह लिखी पन्नी को नालियों,जमान,गंदगी में फेंक रहे हें और जाने अनजाने में अल्लाह के नाम का अपमान हो रहा हे इस मामले में कोटा पुलिस को शिकायत करने के बाद वोह हरकत में आ साईं हे और उसने मोके पर जाकर शरारती तत्वों के खिलाफ कार्यवाही शुरू कर आपत्तिजनक सामग्री जब्त करना शुरू कर दिया हे। अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान
एक श्रधान्जली बेकुसूर शहीदों के नाम
आज सात अप्रेल दो हजार दस देश के लियें गम और अफ़सोस का दिन हे आज के दिन हम रोयें या हथियार उठा क्र बेकुसूर जवानों की हत्या कर देने वालों का कत्ल कर दें कुछ समझ में नही आ रहा जी हाँ में सिआर्पिएफ़ के जवानों की नक्सलियों द्वारा की गयी निर्मम हत्या की बात कर रहा हूँ एक तरफ तो हमारे केन्द्रीय मंत्री जद ही नक्सलियों का सफाया कर देने का बडबोला ब्यान दे रहे थे और दूसरी तरफ व्ही मुठ्ठी भर नक्सली हमारे सिआर्पिएफ़ के जवानों पर धोके से हमला कर उनकी निर्मम हत्या कर रहे थे जी हाँ उन्होंने हमारे देश के तेरासी जवानों की निर्मम हत्या करदी हे और हम खामोश आँखों में श्रध्दा के आंसू लिए बेठे हें आप खुद सोचिये इसी स्थिति में क्या हमें खामोश रहना चाहिए अगर नही तो फिर उठो देश के म्न्तियों प्रधानमन्त्री से कहो की या तो अब नक्सली या कोई भी आतंकवाद जल्द से खत्म हो या फिर वोह इस्तीफा देकर चुल्लू भर पानी में डूब मरें । अख्तर खान अकेला कोटा rajasthan
05 April 2010
कोटा एसपी को जाना पढ़ा
कोटा एसपी भूपेन्द्र साहू अपनी कार्यप्रणाली से बे खबर थे उन्होंने थानों का निरिक्षण कर खुद की उपस्थिति का एहसास क्या दिलाया उनको कोटा से चलता कर दिया गया यहाँ उनकी जगह प्रफुल्ल कुमार जी को लगाया हे अब एक एस पि को क्या इस तरह से हटाया जाता हे क्या सुनते हें की एक इजेराज सांसद के भक्त कोंग्रेसी की तुछ मामले में हुई गिरफ्तारी के बाद विधानसभा अध्यक्ष दीपेन्द्र सिंह जी ने भी इसे गम्भीरता से लिया था। अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान
कोटा में सात करोड़ का होस्टल बेकार
राजस्थान के पंचायत मंत्री भरत सिंह के इलाके में सांगोद पंचायत समिति कोटा जिले में जर्मन सरकार की मदद स हिंगि गाँव में सात करोड़ की लागत से महिला होस्टल बन कर तय्यार हे यहाँ विदेश की मदद से भवन तो त्य्याए हो गया लेकिन राजस्थान के केबिनेट मंत्री के इलाके में इस होस्टल को चलाने के लियें सरकारी स्टाफ और मदद नहीं मिल रही हे अब इ लापरवाह सरकार का क्या करे कोई जबकि कोटा में कलेक्टर ने इस मामले में काफी फोशिशों की हें । अख्तर खान अक्ल कोटा राजस्थान
वसुंधरा जी का राज गया तो सुरक्षा हटाई
राजस्थान सरकार में पूर्व मुख्यमंत्री का राज जाने और फिर उन्हें विधानसभा में विपक्ष के पद से हटाने के बाद जब महासचिव बनने पर राजस्थान में उनका स्वागत हुआ तो कोंग्रेस सरकार ने उनको दी गई जेड सुरक्षा चीन कर मामूली वाई सुरक्षा दिलवाई हे ताज्जुब इस बात का हे के जब वसुंधरा से सुरक्षा चीनी जा रही थी तब राजस्थान स्र्ज्कार का दूसरा विभाग पूर्व मुख्यमंत्रियों को केबिनेट मंत्री का दर्जा देकर सुविधाएं मुहय्या करा रही थी अब सरकार ने उधर तो उनके सुविधाएं चीन लीं लेकिन मजबूरीवश पूर्व मुख्यमंत्री की सुविधाएं तो उन्हें देना ही होंगी। अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान
राजस्थान में शुद्ध के लिए युद्ध का उड़ा मजाक
जी हाँ जो सरकार राजस्थान के जनता को शुद्ध के लियें युद्ध का अभियान चलाकर जनता को मिलावटी खाध्य पदार्थ खिलाने से रोकने के अभियान के नाम पर करोड़ों रूपये खर्च कर रही हो उस सरकार के कार्यकाल में पहले सस्ती शक्कर केंद्र से नहीं उठाने पर मजाक उढ़ा फिर उसी सरकार के कार्यकाल में सरकारी गोदामों में गेहूं तो बाहर पढ़ा सड़ता रहा और शराब सरकारी गोदामों में रखी गयी इतना तो ठीक था लेकिन झालावार जिले में सरकारी दूध डेरी में मिलावटी सिंथेटिक खतरनाक ज़हरीला दूध बना कर लोगों को बेच कर पैसा कमाने की शर्मनाक काण्ड हो रहा था इतना ही नहीं कोटा में भी कुछ इस तरह का मिलावटी दूध मिलने की शिकायतें हें अब आप ही बताइए जब राजस्थान सरकार ही शुद्ध के लियें युद्ध अभियान का दिखावा कर ज़हरीला दूध बेच रही हो तो इसी सरकार से एनी मिलावटी खाद्य पधार्थ की रोकथाम की क्या उम्मीद कर सकते हें हे ना हमारी अनूठी सरकार फिर भी मंत्री जी से इस्तीफा नहीं लिया गया हे । अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान
राजस्थान का जयपुर देश के आपराधिक शहरों में
जी हाँ राजस्थान का पर्यटन शहर देश के आधा दर्जन आपराधिक शहरों में शामिल हो गया हे इधर टीवी पर जयपुर के बड़े आपराधिक शहरों में इन्दोर डेल्ही के साथ गिनाया जा रहा था और उधर राजस्थान के मुख्यमंत्री ग्रहमंत्री के साथ बैठकर एस पी,आई जी की ट्रांसफ़र लिस्ट तैयार कर रहे थे जी हाँ हमारा राजस्थान जहां सुप्रीमकोर्ट के आदेश के बाद सबसे पहले पुलिस कानून बनाया था नये पुलिस नियम बनाए थे आज उसी राजस्थान में दो दो मुख्यमंत्री बदलने के बाद भी पुलिस कंट्रोल और निगरानी के लियें नियमों में बनाए गये कमेटियों का गठन नहीं किया गया हे नतीजन पुलिस निरंकुश हे उसपर यह हे के जयपुर में अब कमिश्नर प्रणाली लागू हो रही हे जनाब राजस्थान में इन दिनों सिकल चोरी ,लडकियाँ भागने, छोटी मोटी चोरी सहित काई एनी मामलों की रिपोर्ट दर्ज नहीं की जाती हे गुमशुदगी का एक अलग रजिस्टर हे खतरनाक शिकायतों को भी परिवाद दर्ज कर तरका दिया जाता हे लेकिन निरोधात्मक कार्यवाही शान्ति भंग ,चाकू पिस्तोल के साथ आर्म्स एक्ट में लोगों को पकड़ने की कार्यवाही सट्टा जुआं
स्कूलों में बच्चों और माँ बाप का आर्थिक शोषण
जी हाँ स्कूलों में बच्चों और उनके माता पिता के लुटने और अपमानित होने का वक्त आ गया हे । पहले स्कूलों में एडमिशन के नाम पर बच्चों के लियें लाइन में लगो फिर मनचाही फ़ीस दो और कमिशन की किताबें लाओ, फिर कमिशन की युनिफोर्म लाओ स्लूल के मालिक या प्रिंसिपल से डाट खाओ और फिर सरकारी निरंकुश सिस्टम को कोसते हुए घर आ जाओ। यह सब इस देश में जब हो रहा हे जब यहा शिक्षा सरकार की संवेधानिक गारंटी हे, यहाँ निजी स्कूलों के दबाव में आ कर हाल ही में बनाया कानून लागू करने के बाद भी पूरी तरह से लागू नहीं किया गया हे यहा सुप्रीम कोर्ट ने बसते का बोझ कम करने फीसें नियंत्रित करने बच्चों के एडमिशन के वक्त साक्षात्कार नहीं लेने का हुक्म दिया हे सरकार ने पच्चीस प्रतिशत बच्चों को मुफ्त पढाने का कानून बनाया हे फिर भी सभी निजी स्कूल कानून सरकार सुप्रीमकोर्ट पर भारी हें अब बताओ इसी कमजोर सरकार का क्या करे कोई। अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान
04 April 2010
akhtar khan akela
i m indian i resident in kota rajasthan
नेताओं अधिकारियों की सुरक्षा का खर्च
हमारे देश में बने संविधान में आम जनता की सुरक्षा की ज़िम्मेदारी सरकार की बताई गयी हे लेकिन हमारे देश की पुलिस,कमांडो,सेनिक जनता की कम और नेताओं की सुरक्षा में ज्यादा लगे हें नेतागिरी के नाम पर एक दुसरे समाज,जातियों के लियें कोरी बकवास कर देश में ग्र्ह्युध की स्थिति पैदा करने वाले नेता जिन्हें जेल में होना चाहिए उन्हें जेल में भेजने के स्थान पर सरकार उनकी सरकारी खर्च पर सुरक्षा करने लगती हे । आप सोचिये की अगर कोई जननेता हे तो जनता उसकी सुरक्षा खुद करेगी और अगर कोरी बकवास कर जनता को लडाने वाले ब्यान देने वाला नेता हे तो फिर उसे सबक सिखाने के लियें जनता के हवाले कर देना चाहिए इसे लोगों की सुरक्षा देश के साथ अन्याय हे । इसी तरह आज मंत्री,कलेक्टर , ऐ,डी,एम् ,आई जी, एसपी ,दीप्ती,थानेदार जो भी हो सभी अपनी सुरक्षा में पुलिसकर्मियों को लगा कर रखते हें इसे में आप ही बताओ जनता की सुरक्षा का क्या होगा । अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान
महाराष्ट्र के ठाकरों की अजीब देशभक्ति
जी हाँ अपने आप को हिंदूवादी कहने वाले ठाकरे परिवार चाहे वोह राज हों चाहे बाल या उद्धव हों सभी की हिन्दुवादिता और देशभक्ति की स्वन्म्भु यानी सो कोल्ड परिभाषा हे , कहते हें कश्मीर से कन्याकुमारी तक भारत एक हे हम सभी भारतीय भाई बहन हे देह के सविंधान के मुताबिक कोई भी व्यक्ति देश से खिन भी जाकर अपना रोज़गार कम सकता हे राष्ट्र भाषा हिंदी में बात कर सकता हे और देश में ९० प्रतिशत लोग हिन्दू हें एनी जो लोग हें वोह भी हिन्दुस्तानी हे अब हमारे ठाकरों को देखो उनहोंने सविंधान को ठुकरा दिया , हिंदी रास्त्र भाषा को ठुकरा दिया , कश्मीर से कन्याकुमारी तक भारत एक हे हम सब भारतीय भाई भाई के नारे को भुला दिया देश के कानून ,संविधान को अंगूठा दिखा दिया और महाराष्ट्र मराठी का नारा देकर देश कानून संविधान तोड़ने की शुरुआत कर दी इसके लियें हिंसा भडकाना भाइयों को मरवाना उन्हें डराना धमकाना शुरू कर दिया अब आप ही बताओ क्या यह देश भक्ति हे या देश्द्रोहिता लेकिन दोस्तों यह हिन्दुस्तान हे यहाँ कानून तोड़ने वालों की ही सुनवाई होती हे जो लोग कानून तोड़ने के मामले में जेल में होना चाहियें आज वोह देश में हीरो बनकर मजे कर रहे हें क्योंकि मेरा भारत महान हे । अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान
गिरीश पंकज: कहने को आज़ाद हो गए किन्तु..
गिरीश पंकज: कहने को आज़ाद हो गए किन्तु..
03 April 2010
जजों की आचार संहिता तो पहले से ही बनी हुई हे लेकिन उस पर निगरानी नहीं हे क्यों के जज को माई बाप माय लोर्ड और भगवान समझने की भूल की जाने लगी हे सब जानते हें के जज भी इंसान होते हें और इंसान से ग़लती होती ही हे आखिर एक जज जिसे सज़ा देता हे दूसरा जज उसे बरी क्योँ कर देता हे एक जज जब जमानत हारिज करता हे तो दूसरा जज उसे जमानत क्यों दे देता हे फिर ग़लत फेसला देने वाले जज पर ज़िम्मेदारी क्यों नही न्यायिक बुध्धि का सही इस्तेमाल क्यों नहीं इसकी उन्हें सज़ा क्यों नहीं खेर कोई बात नहीं लेकिन अब न्यायिक सुधर की जरूरत हे अगर छोटी बढ़ी सभी अदालतों में सुबह दस बजे से अदालत बंद होने तक रिकोर्डिंग कमरे लगाए जाएँ और उसका कंट्रोल प्रशासनिक जज के पास हो दिन भर की कार्यवाही की रेकोर्डिंग हो वकील या पक्षकार अगर इसी कार्यवाही की सीडी लेना छाए तो उसे देने का प्रावधान हो तो सभी जज ,बाबू, रीडर, वकील खुद को सुधार लेंगे और आवश्यकता पढने पर सीडी दुबारा देख कर दोषी को सज़ा दी जा सकेगी इससे वकील,जज ,रीडर की मनमानी पर रोक लगेगी और अदालत का डेकोरम कायम होगा । इसी तरह से हर जिले एक मानवाधिकार न्यायालय और एक सी आर पी सी ४३७ में जमानत और रिमांड सुनवाई की अलग से अदालत हो और एक ४३९ सी आर पी सी में जमानत सुनने के लिए अलग से जज हो ताकि निचली अद्द्ल्तों द्वारा तकनीकी कारणों से खारिज जमानत मामलों की सुनवाई उसी दिन ४३९ में की जाकर पक्षकार को न्याय दिया जा सके इससे अदालतों में काम का बोझ भी कम होगा जनता को न्याय मिलेगा और जेलों में भी अनावश्यक बोझ कम होगा। अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान
अदालत: न्यायिक सेवाओं में मानक स्थापित करने वाले एक व्यापक बिल के बजट सत्र में पेश होने की संभावना
मोट ही जिंदगी हे
जीने वालों ,ज़रा इस सच को भी समझो, जिंदगी तुम्हारी कुछ भी नहीं , मोत ही तुम्हारी जिंदगी हे , यूँ हंसना यूँ बोलना यूँ इठलाना कोई ख़ुशी की बात नही यह तो कुछ दिनन में आणि जानी हे लेकिन एक सुच हे के मोत हर इंसान को आना हे और वहीं से आखेरत यानी नयी जिंदगी की शरुआत हे यानी आपकी अच्छाई नेकी जो भी होगी उसका पुरस्कार उस वक्त मिलेगा नहीं तो बीएस तिरस्कार ही तिरस्कार हे अब बताओ जो जीना हे उसको हम केसे आखेरत की जिंदगी को सुधारेंगे। भुत कठिन डगर हे लेकिन चलना तो पढ़ेगा ही । अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान
बारां के एक अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट पुलिस को नहीं मिल रहे हें
जी हाँ यह सच हे की बारां के एक मजिस्ट्रेट जो अपर मुख्या न्यायिक मजिस्ट्रेट हें काफी तलाशने के बाद भी बारां पुलिस को नहीं मिल रहे हें बात ये हे के बारां के मजिस्ट्रेट साहब ने अपनी वेगं आर कार से एक मोटर साइकल वाले के टक्कर मार दी थी जो अभी तक कोमा में चल रहा हे बारां पुलिस ने मजिस्ट्रेट साहब को दुर्घटना करने का दोषी माना हे और वोह चालन पेश करना चाहती हे लेकिन जनाब मजिस्ट्रेट साहब इस मामले में माननीय हाईकोर्ट में चले गये थे अब वोह याचिका भी खारिज करदी गई हे हुक्म हुआ हे के पुलिस अपनी निष्पक्ष कार्यवाही करने के लियें स्वतंत्र हे और अब बारां पुलिस मजिस्ट्रेट साहब की कार जब्त क्र उनके जमानत मुचलके भर उनके खिलाफ चालान पेश करने के लियें उन्हें तलाश रही हे लेकिन वोह छुट्टी पर चले गये हे और अब वोह फर्जी मेडिकल अवकाश पर हें हे ना मजेदार बात अदालतों में कानून की पालना करने वाले मजिस्ट्रेट साहब खुद कानून का उलंघन क्र कानून से भाग रहे हें इस मामले की शिकायत फरियादी ने माननीय राजस्थान हाईकोर्ट और माननीय उच्चतम न्यायालय में क्र दी हे लेकिन उसे फिर भी इन्साफ का इंतज़ार हे । अख्तर खान अक्ल कोटा राजस्थान
राजस्थान की न्यायिक व्यवस्था
राजस्थान में उपर से निचे तक जजेज़,न्यायिक अधिकारियों की कमी आजाने के बाद हालत गड़बड़ाने लगे हें यहाँ राजस्थान उच्च न्यायालय में एक दर्जन से भी ज्यादा जजों की पोस्टें खाली पढ़ी हें दीजे एडीजे मजिस्ट्रेट तो सेकड़ों की तादाद में कम हें अकेले कोटा में आधा दर्जन से ज्यादा एडीजे और कई मजिस्ट्रेट नहीं हे ताज्जुब हे के कोटा में एक तरफ तो हाईकोर्ट की बेंच की मांग की जाती रही हे और यहाँ हाईकोर्ट खुलना तो दूर बल्कि एडीजे,मजिस्ट्रेट भी नहीं दिए गये हें इतना ही नहीं एक अकेले जज जो हें उनकी कारगुजारियों से वकील खुश नहीं हें वकीलों ने साधारण सभा में भी इस मुद्दे को उठाया हे और हाईकोर्ट को शिकायत भी भेजी हे ।
युवा सोच युवा खयालात: सेक्स एजुकेशन तो आम है, आगे की बात करें
बी एस एन एल यानी भाई साहब नहीं लगेगा
हमारे देश की सबसे बड़ी संचार कम्पनी का कमाल देखिये की जो कम्पनी पुरे देश और विश्व में निजी कम्पनियों को संचार वेवस्था उपलब्ध करा रहा हे आज उसी का नेटवर्क सबसे ज्यादा कमजोर हे निजी टेलीफोन कम्पनियों के आगे बी एस एन एल की कुछ नहीं चल रही हे और आज बी एस एन एल का मतलब लोग भाई साहेब नहीं लगेगा से लगाने लगे हे इतना ही नही प्राइवेट कम्पनियां जेसे आइडिया , एयरटेल ,टाटा,रिलाइंस कम्पनियां उपभोक्ता को टोन के नाम पर तो कभी मसाज के नाम पर अनाप शनाप पेसे काट क्र लूट रहे हें और इसे कंट्रोल करने वाली संस्था ट्राई खामोश उपभोक्ताओं को लुटते देख रही हे आप ही बताओ आखिर एसा क्यों हो रहा हे बात साफ़ हे फीलगुड हो रहा हे भाई । अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान
बच्चों की शिक्षा सरकार के लियें बच्चों का खेल
हमारे देश में शिक्षा गारंटी कानून के बाद भी बच्चों की शिक्षा सरकार के लियें खेल बन गया हे एक तरफ तो सरकार शिक्षा माफियाओं से प्रभावित हो कर आम जनता को लुटने के लियें निजी स्कूल संचालकों को लूटने का पूरा मोका दे रही हे और कोचिंग माफियाओं को बढाने के लियें षड्यंत्र रच कर सी बी एस इ की पढाई का स्तर दिन बी दिन गिरा रही हे इधर स्कूल बच्चों और माता पिता को लूट रहे हें उधर कोचिंग दोहरा शोषण कर रहे हें इसे में ५से १४ साल तक के बच्चों के लियें मुफ्त शिक्षा का शिक्षा गारंटी कानून क्या शिक्षा के लुटेरों द्वारा लागू किया जाएगा मजाक की बात लगती हे देश के सभी स्कूल सुप्रीम कोर्ट के आदेशों की अवहेलना करते हें तो सरकार के बनाये कानूनों का खुला मजाक उढ़ाते हें सब जानते हें के स्कूलकिताबों,ड्रेस , फ़ीस और ना जाने क्या क्या खर्च के नाम पर स्कूल बच्चों को लूट रहे हें इसे में २५ प्रतिशत ग़रीब बच्चों को लुटेरे स्कूलकेसेपढाना मंजूर करेंगे। अख्तर खान अकेला कोटा rajasthan
राजस्थान विधानसभा में विधायको,मंत्रियों के वेतन भत्ते बढ़े
जी हाँ लोकसभा हो या विधानसभा यहाँ हमारे द्वारा चुन कर भेजे गये प्रतिनिधि भूक,ग़रीबी.महंगाई ,देश की योजनाएं,भ्रष्टाचार या कोई भी बड़ी समस्याओं पर जब भी चर्चा होती हे सभी पक्ष के विधायक ,लोकसभा सदस्य ज़ोरदार हंगामा करते हें मत विभाजन पर कुछ पक्ष में तो कुछ विपक्ष में तो कुछ मतदान का बहिष्कार कर तटस्थ हो जाते हें लेकिन राजस्थान विधानसभा हो या दूसरी जगह की विधानसभा हो या फिर लोसभा हो यहाँ अगर मंत्रियों सदस्यों के वेतन भत्ते बढाने के प्रस्ताव पेश किये जाते हें तो सभी प्रस्ताव बिना किसी मनमुटाव के सर्वसम्मती से बिना किसी शोर शराबे के पास हो जाते हें तो जनाब हमारी राजस्थान की विधान सभा में भी कल २ अप्रेल को एसा ही हुआ हे और राजस्थान के विधायकों,मंत्रियों,राज्यमंत्रियों को लाखो रूपये का फायेदा हो गया हे विधानसभा में चिड़ी चुप कहावत की तरह ख़ामोशी से यह विधेयक पारित कर सभी सदस्यों ने खुद के लालची होने का सबूत दिया हे । अख्तर खान अकेला कोटा rajasthan
02 April 2010
भारत की जनगणना नई निति या मजाक
दोस्तों हमारे देश में एक अप्रेल से नयी जनगणना निति के नाम पर लोगों की गिनती हो रही हे इस नई निति के तहत १५ साल से ज्यादा वालों की दस उगलियाँ कागज़ पर छापी जायेंगी फोटो लिया जाएगा और ख़ास कार्ड बनाया जाएगा । हमारे देश में जहां आज भी ५० प्रतिशत लोग अनपढ़ हें उन्हें इस जनगणना के प्रति उत्साह नहीं हे । ख़ास कर दलितों और मुस्लिम बस्तियों में तो इसकी जानकारी ही नहीं हे वेसे कानून हे के देश में जनगणना धर्म के नाम पर नहीं होगी और इस खुलासा भी नहीं किया जाएगा लेकिन अब वक्त आ गया हे के जाती,उपजाती,धर्म,पढ़ाई ,रहन सेहन स्तर,भाषा, बस्तियों की सुख सुविधाएं ,भविष्य की आवश्यकताएं ,आस्था , प्रति व्यक्ति आय और अन्य मामलों में जानकारियाँ लेकर इसे दस्तावेज बनाएं , भविष्य की आवश्यकताओं की पूर्ति के लियें योजनाएं बनाएं । लेकिन अभी यह सब देश के लियें नहीं केवल रस्मन जेसा लग रहा हे अबगर्मियों कीछुट्टियों में जनगणना कर्मचारियों खासकर मास्टरों के लियें औरउनके परिवार के लियें मुसीबत बन जायेगी क्योंके उनसे सरकार जबरदस्ती काम करवाएगी । अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान
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