मरणोपरांत सुषमा जैन का नेत्रदान – दो नेत्रहीनों को मिलेगी नई रोशनी
कोटा।
रॉयल
सिटी, बजरंग नगर निवासी स्व. ब्रजमोहन जी जैन की धर्मपत्नी श्रीमती सुषमा
जैन का आज सुबह आकस्मिक निधन हो गया। दुख और शोक के इस क्षण में भी परिजनों
ने समाज के लिए एक प्रेरणादायी निर्णय लिया।
जैसे ही इस समाचार की
सूचना शाइन इंडिया फाउंडेशन के डॉ. कुलवंत गौड़ को मिली, उन्होंने परिवार
के सदस्य राजीव जैन जी से संपर्क कर, नेत्रदान की अपील की। उन्होंने बताया
कि "माता जी के नेत्रदान से दो नेत्रहीनों को नई दृष्टि और जीवन में उजाला
मिल सकता है।"
परिजनों, विशेषकर पुत्र राहुल जैन व सुषमा जी की तीनो
पुत्री रीना, रीतू व गीतू ने इस पुण्य कार्य के लिए तुरंत सहमति प्रदान
की। तत्पश्चात, महज 15 मिनट में आई बैंक तकनीशियन की टीम द्वारा जैन निवास
पर ही नेत्रदान की प्रक्रिया पूर्ण कर ली गई।
यह कार्य न केवल
परिजनों की महान सोच और सामाजिक उत्तरदायित्व का प्रतीक है, बल्कि कोटा शहर
को ‘नेत्रदानी नगरी’ के रूप में पहचान दिलाने का भी आधार है।
शोक की
घड़ी में भी परिवार ने मानवता की सेवा का जो अद्वितीय उदाहरण प्रस्तुत किया
है, वह निस्संदेह समाज को नेत्रदान की ओर प्रेरित करेगा।
तुम अपने किरदार को इतना बुलंद करो कि दूसरे मज़हब के लोग देख कर कहें कि अगर उम्मत ऐसी होती है,तो नबी कैसे होंगे? गगन बेच देंगे,पवन बेच देंगे,चमन बेच देंगे,सुमन बेच देंगे.कलम के सच्चे सिपाही अगर सो गए तो वतन के मसीहा वतन बेच देंगे.
09 सितंबर 2025
मरणोपरांत सुषमा जैन का नेत्रदान – दो नेत्रहीनों को मिलेगी नई रोशनी
सदस्यता लें
टिप्पणियाँ भेजें (Atom)
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें
दोस्तों, कुछ गिले-शिकवे और कुछ सुझाव भी देते जाओ. जनाब! मेरा यह ब्लॉग आप सभी भाईयों का अपना ब्लॉग है. इसमें आपका स्वागत है. इसकी गलतियों (दोषों व कमियों) को सुधारने के लिए मेहरबानी करके मुझे सुझाव दें. मैं आपका आभारी रहूँगा. अख्तर खान "अकेला" कोटा(राजस्थान)